अपनी साइट के लिए खोज के नतीजाें की सुविधाएं चालू करना

खोज के नतीजों में साइट दिखाने का तरीका तय करने के लिए, Google पर कई मज़ेदार सुविधाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं. इन्हें आप खोज के नतीजों में दिखने वाले अपने पेज पर लागू कर सकते हैं:

Google Search पर दिखने वाले अलग-अलग तरह के नतीजे

इनमें से कुछ नतीजे Google Search अपने-आप दिखाता है, लेकिन खाेज के ज़्यादातर नतीजों को आप अपनी साइट पर कोडिंग करके लागू कर सकते हैं. इसके बारे में आगे बताया जाएगा. इससे पहले, Search पर दिखने वाले नतीजाें की सामान्य कैटगरी के बारे में बात करते हैं.

Search पर दिखने वाले नतीजों की सामान्य कैटगरी

Google Search के नतीजाें में साइट को दिखाने से जुड़ी कई तरह की सुविधाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं. समय के साथ-साथ खोज के नतीजे बदले हुए दिखते हैं और एक ही खाेज नतीजा अलग-अलग तरीके से दिखाया जा सकता है. यह कई बातों से तय होता है, जैसे कि आप उसे डेस्कटॉप कंप्यूटर पर देख रहे हैं या फ़ोन पर या उसे किस देश में देख रहे हैं. Google, खोज के नतीजे को ऐसे फ़ॉर्मैट में दिखाने की कोशिश करता है जो खोज करने वाले व्यक्ति के लिए आसान हो और ज़्यादा मददगार हो. खोज के नतीजाें काे ज़्यादातर इन सामान्य कैटगरी में बांटा जा सकता है:

जाना-पहचाना और आम तौर पर दिखने वाला फ़ॉर्मैट. "सादा नीला लिंक" कोई आधिकारिक नाम नहीं है, लेकिन हमारे आधिकारिक दस्तावेज़ के अलावा, आम तौर पर इसे इसी नाम से जाना जाता है. (असल में, इस तरह के नतीजे के लिए कोई आधिकारिक नाम नहीं है.)

खोज का बुनियादी नतीजा

इस तरह के नतीजे में, कई ऐसी चीज़ें दिखती हैं जाे दूसरी तरह के नतीजों में भी शामिल होती हैं:

  1. शीर्षक - साइट का शीर्षक. Google कई चीज़ों के हिसाब से साइट के लिए सही शीर्षक तय करता है, लेकिन आप <title> टैग में Google को अपनी पसंद के शीर्षक के बारे में बता सकते हैं.
  2. यूआरएल - खोज नतीजे का यूआरएल. आप अपने पेजाें के लिए ब्रेडक्रंब भी तय कर सकते हैं.
  3. स्निपेट - पेज के बारे में जानकारी, जिसे Google, एल्गोरिदम की मदद से तय करता है. अपने पेज के लिए अच्छे स्निपेट तय करने के बारे में ज़्यादा पढ़ें.

खोज के नतीजों को बेहतर बनाना

आप ब्रेडक्रंब, Sitelinks सर्चबॉक्स, कंपनी के लोगो, और दूसरी तरह की सुविधाओं का इस्तेमाल करके, सादे या ज़्यादा बेहतर नतीजों (रिच रिज़ल्ट) को और बेहतर बना सकते हैं. खाेज नतीजाें को बेहतर बनाने के लिए, पेज पर स्ट्रक्चर्ड डेटा होना ज़रूरी होता है.
किसी नतीजे में ब्रेडक्रंब
किसी नतीजे में Sitelinks सर्चबॉक्स
किसी नतीजे में लोगो

ज़्यादा बेहतर नतीजा (रिच रिज़ल्ट)

रिच रिज़ल्ट वह नतीजा होता है जिसमें ग्राफ़िक का इस्तेमाल होता है. इन ग्राफ़िक में समीक्षा के लिए दिए जाने वाले तारे के निशान, थंबनेल की इमेज या बेहतर तरीके से नतीजे दिखाने वाला दूसरा विज़ुअल कॉन्टेंट शामिल होता है. खोज के नतीजों में रिच रिज़ल्ट, दूसरे नतीजों से अलग दिख सकते हैं, जैसे:

रिच रिज़ल्ट का कार्ड

रिच रिज़ल्ट के कुछ टाइप, नतीजों के कैरसेल में शामिल किए जा सकते हैं, जैसे:

रेसिपी कार्ड का कैरसेल

रिच रिज़ल्ट कई तरह के होते हैं. ज़्यादातर, ज़्यादा बेहतर नतीजे किसी खास कॉन्टेंट (किताब, फ़िल्म, लेख वगैरह) के हिसाब से दिखाए जाते हैं. ज़्यादा बेहतर नतीजे दिखाए जाने का फ़ॉर्मैट समय के साथ बदल सकता है. इसकी वजह यह है कि Google, नतीजाें के सबसे अच्छे लेआउट और काम करने के तरीके काे बेहतर बनाता रहता है. बेहतर अनुभव वाले रिच रिज़ल्ट को बेहतर नतीजे कहा जाता है और इनमें ऐसी सुविधाएं हाेती हैं जिनसे उपयाेगकर्ता नतीजाें पर और बेहतर तरीके से इंटरैक्शन कर सकते हैं.

ज़्यादातर मामलों में, आप अपने वेब पेज की कोडिंग में स्ट्रक्चर्ड डेटा शामिल करके, Search की किसी सुविधा में इस्तेमाल होने वाली जानकारी देते हैं. Google, आपके पेज को क्रॉल करते समय इस जानकारी को प्राेसेस करता है. जब आप अपने पेज पर किसी सुविधा के लिए स्ट्रक्चर्ड डेटा देते हैं और अगर वह सुविधा या जानकारी उपयोगकर्ता के लिए खोज करने के अनुभव को बेहतर बनाती है, ताे वह जानकारी Google Search के नतीजाें, Assistant, Maps या Google के दूसरे प्रॉडक्ट में दिख सकती है. इन पेजों पर बताया गया है कि Google Search पर बेहतर नतीजे कैसे दिखेंगे.

स्ट्रक्चर्ड डेटा का इस्तेमाल सिर्फ़ खोज से जुड़ी सुविधाओं के बारे में बताने के लिए नहीं किया जाता है, बल्कि इसकी मदद से, Google आपकी साइट काे समझ पाता है और उसके हिसाब से नए और दिलचस्प तरीकों से साइट की जानकारी को नतीजाें में दिखाता है. उदाहरण के लिए, Assistant से कराए जाने वाले काम. साथ ही, स्ट्रक्चर्ड डेटा की मदद से आप अपनी साइट के लिए बेहतर खोज नतीजे दिखा सकते हैं, जैसे कि उपयोगकर्ताओं को चिकन या ऐसे खाने की रेसिपी खोजने की सुविधा देना जिसमें 500 से कम कैलाेरी हों. इसके अलावा, इसका इस्तेमाल करके आप साइट की जानकारी को नॉलेज पैनल में स्टोर कर सकते हैं.

रिच रिज़ल्ट टाइप की सूची देखें.

नॉलेज पैनल एंट्री

Google नॉलेज पैनल एक या एक से ज़्यादा पेजाें की जानकारी का संग्रह होता है जो इमेज, टेक्स्ट, और लिंक के साथ ज़्यादा बेहतर नतीजों में दिखाया जाता है. नॉलेज पैनल वाले नतीजे और रिच कार्ड में सिर्फ़ देखकर अंतर कर पाना मुश्किल हो सकता है. नॉलेज पैनल वाले नतीजों में ऐसी चीज़ें शामिल होती हैं जिनसे साइट की पहचान की जा सके. जैसे, लोगो और पसंदीदा साइट का नाम. नॉलेज पैनल में schema.org के किसी भी एलिमेंट का इस्तेमाल करके डेटा डाला जा सकता है. इन एलिमेंट में ऐसे एलिमेंट भी शामिल हो सकते हैं जिनके बारे में इस दस्तावेज़ में नहीं बताया गया है.

जब उपयोगकर्ता Google Search पर सवाल पूछता है, तो जवाब के रूप में हम आपकी साइट के खोज नतीजे को खोज नतीजाें वाले पेज पर सबसे ऊपर मौजूद, फ़ीचर्ड स्निपेट वाले खास सेक्शन में दिखा सकते हैं. फ़ीचर्ड स्निपेट के बारे में ज़्यादा जानें.
खोज के नतीजों में फ़ीचर्ड स्निपेट

OneBox का नतीजा

OneBox के नतीजे की मदद से, खोज नतीजाें में इनलाइन जवाब या जानकारी देने वाला टूल दिखाया जाता है. उदाहरण के लिए, स्थानीय समय वाला OneBox या अनुवाद वाला OneBox. आप खोज नतीजाें में पसंद के मुताबिक बनाया गया OneBox नहीं जोड़ सकते.

डिस्कवर

भले ही, आपका पेज Google Search के नतीजों का हिस्सा न हो, लेकिन वह Android डिवाइस पर देखे जाने वाले एक खास पैनल में मौजूद, नतीजों की स्क्रोल की जाने वाली सूची में दिख सकता है. हर खोज के नतीजे में एक पेज की खास जानकारी शामिल होती है.

किसी पेज पर Search की सुविधाओं को दिखाना क्यों ज़रूरी है?

Search से जुड़ी सुविधाएं इस्तेमाल करके उपयोगकर्ताओं काे Search में ज़्यादा बेहतर नतीजे दिखाए जा सकते हैं. ऐसे नतीजाें की मदद से, लोग आपकी वेबसाइट पर ज़्यादा इंटरैक्शन कर सकते हैं. यहां उन वेबसाइटों की केस स्टडी दी गई हैं जिन्हाेंने अपनी साइट के लिए Search से जुड़ी सुविधाएं इस्तेमाल की हैं:

  • Rotten Tomatoes ने अपने 1,00,000 अलग-अलग पेजाें पर Search की सुविधाएं जोड़ी हैं. ऐसा करके उन्होंने पाया कि बिना स्ट्रक्चर्ड डेटा वाले पेजाें की तुलना में, स्ट्रक्चर्ड डेटा की मदद से बेहतर बनाए गए पेजाें पर क्लिक मिलने की दर (सीटीआर) 25% ज़्यादा थी.
  • Food Network ने Search की सुविधाओं का इस्तेमाल करने के लिए, अपने 80% पेजाें में बदलाव किया. इससे, उनकी वेबसाइट पर आने वाले लाेगाें की संख्या में 35% की बढ़ोतरी हुई.
  • Rakuten ने देखा कि उपयोगकर्ता गैर-स्ट्रक्चर्ड डेटा वाले पेजाें की तुलना में, Search से जुड़ी सुविधाओं (स्ट्रक्चर्ड डेटा) वाले पेजाें पर 1.5 गुना ज़्यादा समय बिताते हैं. साथ ही, बिना सुविधाओं वाले एएमपी पेजाें की तुलना में, Search से जुड़ी सुविधाओं वाले एएमपी पेजाें पर उपयाेगकर्ता 3.6 गुना ज़्यादा इंटरैक्ट करते हैं.
  • Nestlé ने जांच करके पाया कि खाेज में बिना ज़्यादा बेहतर नतीजाें वाले पेजाें की तुलना में, ज़्यादा बेहतर नतीजाें के रूप में दिखने वाले पेजों की क्लिक मिलने की दर (सीटीआर) 82% ज़्यादा है.

मुझे अपने पेज या साइट के लिए किन सुविधाओं का इस्तेमाल करना चाहिए?

कुछ सुविधाएं आपकी साइट की किसी खास तरह की जानकारी के लिए ही सही हाेती हैं या इस्तेमाल की जा सकती हैं. उदाहरण के लिए, तारों के निशान से समीक्षा दिखाने की सुविधा रेसिपी के लिए इस्तेमाल की जा सकती है, लेकिन डेटासेट के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. वहीं, दूसरी सुविधाएं किसी खास डिवाइस (मोबाइल या डेस्कटॉप) के लिए ही इस्तेमाल की जा सकती हैं. नीचे दिए गए टेबल में ऐसी सुविधाएं दी गई हैं जिनका इस्तेमाल आप अपने पेज या साइट के कॉन्टेंट के आधार पर कर सकते हैं. कुछ सुविधाएं पूरी साइट पर लागू की जा सकती हैं. वहीं, कुछ सुविधाएं पेज के हिसाब से इस्तेमाल की जा सकती हैं. गैलरी पेज में हर सुविधा के बारे में जानकारी दी गई है.

आपकी साइट का कॉन्टेंट किस तरह का है... सुझाई गई सुविधाएं और बेहतर बनाने के लिए किए जाने वाले बदलाव
लेख/ब्लॉग लेख, एएमपी, तथ्याें की जांच, कैसे करें, बोलकर बताने की सुविधा, सदस्यता और paywall किया गया कॉन्टेंट
किताबें किताब, समीक्षा
शिक्षा काेर्स, कैरसेल, डेटासेट
मनोरंजन/मीडिया/समाचार कैरसेल, इवेंट, तथ्यों की जांच, लाइवस्ट्रीम, फ़िल्म, समीक्षा, सदस्यता और paywall किया गया कॉन्टेंट, वीडियो (और वीडियो लाइवस्ट्रीम), पॉडकास्ट (वीडियो के लिए सबसे सही तरीके भी देखें).
काराेबार काराेबार या कंपनी की पहचान की जानकारी, स्थानीय काराेबार (दुकान वाले काराेबार के लिए), सबसे लोकप्रिय जगहों की सूची
इवेंट इवेंट, वीडियो, और वीडियो लाइवस्ट्रीम
रेसिपी रेसिपी, कैरसेल, एएमपी, समीक्षा
प्रॉडक्ट प्रॉडक्ट टाइप, समीक्षा, सॉफ़्टवेयर ऐप्लिकेशन, अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वैज्ञानिक या रिसर्च संगठन डेटासेट
नाैकरी से जुड़ा कॉन्टेंट नौकरी का विज्ञापन, पेशा, नौकरी देने वाली कंपनी की कुल रेटिंग
किसी भी तरह का कॉन्टेंट

काराेबार या कंपनी की पहचान बताने वाली जानकारी

Google पर अपने कारोबार की मुख्य जानकारी देने के लिए, कई तरीके अपनाए जा सकते हैं. इससे, उपयोगकर्ताओं को यह जानकारी Search के नतीजों में दिख सकती है. कंपनी की पहचान बताने वाली जानकारी से, काराेबार की साइट का पसंदीदा नाम और लोगो के साथ-साथ कंपनी की दूसरी जानकारी, Google को दी जाती है.

आप किसी काराेबार या व्यक्ति के लिए, साइट के मालिकाना हक का दावा कर सकते हैं या अपने नॉलेज पैनल का डेटा मैनेज कर सकते हैं.

दुकानदार भी दुकान की जानकारी शामिल कर सकते हैं. साथ ही, आप Google My Business की मदद से, दुकान रजिस्टर करके Google Maps और नॉलेज पैनल के कार्ड में अपने स्थानीय काराेबार की जानकारी दिखा सकते हैं. ध्यान दें: Google My Business की जानकारी काे भरोसेमंद माना जाता है.

Google के अलग-अलग प्रॉडक्ट पर अपने काराेबार की जानकारी रजिस्टर करने के दूसरे तरीकों के बारे में जानने के लिए, Google पर अपने कॉन्टेंट काे उपलब्ध कराना देखें.

अपनी साइट पर, Search की सुविधाओं को चालू करना

पेज के स्ट्रक्चर्ड डेटा का इस्तेमाल करके, कुछ सुविधाओं के लिए अनुरोध किया जा सकता है. उदाहरण के लिए, समीक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाले स्टार और रेसिपी के कार्ड. साइटलिंक जैसी कुछ सुविधाएं Google अपने-आप लागू कर देता है. इन्हें लागू करने के लिए पेज पर किसी खास तरह की काेडिंग की ज़रूरत नहीं होती.

खोज से जुड़ी सुविधाएं इस्तेमाल करने के लिए:

  1. अपने पेज या साइट के लिए सही सुविधाओं काे चुनने के लिए, टेबल का इस्तेमाल करें. कुछ सुविधाएं सभी तरह के कॉन्टेंट के लिए इस्तेमाल की जा सकती हैं (उदाहरण के लिए, साइट के पसंदीदा नाम का इस्तेमाल सभी तरह के पेजाें के लिए किया जा सकता है). वहीं, कुछ ज़्यादा बेहतर नतीजे सिर्फ़ कुछ खास तरह के कॉन्टेंट के लिए दिखाए जा सकते हैं (उदाहरण के लिए, रेसिपी का रिच कार्ड सिर्फ़ रेसिपी के लिए दिखाया जाएगा).
  2. खोज नतीजों में दिखने वाला कोई एलिमेंट आपके कॉन्टेंट के लिए सही है या नहीं, यह देखने के लिए हर एलिमेंट के बारे में पूरी जानकारी पढ़ें.
  3. दस्तावेज़ में बताए गए तरीके से सुविधा को लागू करें. साथ ही, ज़्यादा बेहतर नतीजों (रिच रिज़ल्ट) की जांच करने वाले टूल का इस्तेमाल करके, स्ट्रक्चर्ड डेटा की पुष्टि करें. इससे यह पक्का हो जाएगा कि वह स्ट्रक्चर्ड डेटा मान्य और पूरा है. स्ट्रक्चर्ड डेटा की क्वालिटी के लिए बने दिशा-निर्देशों का पालन ज़रूर करें. ऐसा करके, आप इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि आपके पेज के कॉन्टेंट और स्ट्रक्चर्ड डेटा का इस्तेमाल, इन दिशा-निर्देशों के हिसाब से होता है या नहीं. जिन पेजाें का कॉन्टेंट इन दिशा-निर्देशाें के हिसाब से नहीं हाेगा उनके लिए स्ट्रक्चर्ड डेटा का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा.
  4. Google काे आपकी साइट का स्ट्रक्चर्ड डेटा मिल गया है और वह उसे प्राेसेस कर सकता है या नहीं, यह देखने के लिए ज़्यादा बेहतर नतीजाें की स्थिति की रिपोर्ट देखें.
  5. गड़बड़ियाें के बारे में पता करने के लिए समय-समय पर ज़्यादा बेहतर नतीजाें की स्थिति की रिपोर्ट देखें. अगर आप अपनी साइट का टेंप्लेट बदलते हैं या साइट में अचानक से काेई दूसरा बदलाव हाेता है, ताे उस स्ट्रक्चर्ड डेटा से भी गड़बड़ियां हो सकती हैं जाे पहले ठीक काम कर रहा था.
  6. खोज में दिखने वाले अपनी साइट के एलिमेंट पर आने वाले क्लिक और इंप्रेशन पर नज़र रखें.

Google I/O में स्ट्रक्चर्ड डेटा पर हुई चर्चा देखें

Search से जुड़ी सुविधाओं का असर देखना

आप परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट की मदद से, साइट के ट्रैफ़िक पर सीधे नज़र रख सकते हैं. इससे आप देख पाएंगे कि Search से जुड़ी कुछ सुविधाओं का साइट पर क्या असर हाेता है. अपनी साइट के ट्रैफ़िक पर नज़र रखने के लिए रिपोर्ट में खोज नतीजों में दिखने का तरीका चुनें. अगर अपनी साइट की खास सुविधा के लिए आपको फ़िल्टर नहीं दिखता है, ताे:

  • फ़िलहाल, सभी तरह की सुविधाओं पर नज़र नहीं रखी जा सकती. Search Console में Search से जुड़ी किन सुविधाओं पर नज़र रखी जा सकती है, यह देखने के लिए यह दस्तावेज़ पढ़ें.
  • Google को आपकी साइट पर उस सुविधा का काेई भी इंस्टेंस नहीं मिला.

Search की सुविधाओं के असर की तुलना करना

आप Search से जुड़ी सुविधाओं वाले पेजाें के साथ बिना सुविधाओं वाले पेजाें की परफ़ॉर्मेंस की तुलना कर सकते हैं. इससे, आप यह जान सकते हैं कि साइट पर Search की सुविधाएं लागू करना फ़ायदेमंद है या नहीं. ऐसा करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि Search से जुड़ी सुविधाएं लागू करने से पहले और बाद में, साइट के कुछ पेजाें की जांच करें. हालांकि, यह जांचना कठिन हो सकता है. ऐसा इसलिए हो सकता है, क्योंकि किसी पेज के पेज व्यू में कई वजहाें से अंतर आ सकता है.

  1. अपनी साइट के कुछ ऐसे पेज लें जिनके लिए किसी स्ट्रक्चर्ड डेटा का इस्तेमाल नहीं किया गया है और जिनका कई महीनों का डेटा Search Console में है. सिर्फ़ ऐसे पेज चुनें जिनके ट्रैफ़िक पर साल के किसी खास समय या इस बात से कोई असर नहीं पड़ेगा कि कॉन्टेंट को पेज पर कब जोड़ा है. साथ ही, ऐसे पेजाें का इस्तेमाल करें जिनमें बहुत ज़्यादा बदलाव नहीं हाेता, लेकिन वे पेज इतने लाेकप्रिय हैं कि उन पर जो डेटा पाया जा सकता है वह काम का होता है.
  2. अपने पेजाें पर स्ट्रक्चर्ड डेटा या दूसरी सुविधाएं जोड़ें. अपने पेज के लिए यूआरएल की जांच करने वाले टूल का इस्तेमाल करके पुष्टि करें कि आपके पेज का कोड मान्य है और Google को आपकी साइट की सुविधाओं की जानकारी मिल गई है.
  3. परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट में कुछ महीनों की परफ़ॉर्मेंस के डेटा को इकट्ठा करें और यूआरएल के हिसाब से फ़िल्टर करके, अपने पेज की परफ़ॉर्मेंस की तुलना करें.