यूआरएल में बदलाव किए बिना किसी साइट को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना

यह गाइड दिखाती है कि अपनी साइट के होस्टिंग इंफ़्रास्ट्रक्चर को माइग्रेट करते समय, Google Search में अपनी परफ़ॉर्मेंस पर पड़ने वाले असर को कम कैसे किया जाता है. उदाहरण के लिए, सर्वर देने वाली संस्था बदलते समय या कॉन्टेंट डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क (सीडीएन) में जाते समय. यह गाइड सिर्फ़ उन माइग्रेशन के लिए है जो उपयोगकर्ता को दिखने वाले यूआरएल पर असर नहीं डालते.

खास जानकारी

  1. साइट को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के बारे में बुनियादी जानकारी और अक्सर पूछे जाने वाले सवाल देखें. जानें कि इससे क्या होगा और इससे आपके उपयोगकर्ताओं और रैंकिंग पर किस तरह असर पड़ सकता है.
  2. होस्टिंग का नया इंफ़्रास्ट्रक्चर तैयार करें. अपना कॉन्टेंट नए सर्वर पर अपलोड करें या अपना सीडीएन और मूल सर्वर कॉन्फ़िगर करके उसकी जांच करें.
  3. साइट को एक जगह से दूसरी जगह भेजना शुरू करें. अपने डोमेन नाम की डीएनएस सेटिंग को नए होस्टिंग इंफ़्रास्ट्रक्चर पर ले जाने के लिए बदलें. यह तरीका, साइट को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का ऐसा तरीका है जिससे आपके ट्रैफ़िक को नए इंफ़्रास्ट्रक्चर पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू होती है.
  4. ट्रैफ़िक पर नज़र रखें. पुरानी और नई होस्टिंग से मिलने वाले ट्रैफ़िक पर नज़र रखें.
  5. शट डाउन करें. जब आपको इस बात पर पूरी तरह से यकीन हो जाए कि सभी उपयोगकर्ताओं को नए इंफ़्रास्ट्रक्चर से सही कॉन्टेंट मिल रहा है और कोई भी उपयोगकर्ता पुराना इंफ़्रास्ट्रक्चर इस्तेमाल नहीं कर रहा, तो पुराना होस्टिंग इंफ़्रास्ट्रक्चर शट डाउन कर दें.

होस्टिंग का नया इंफ़्रास्ट्रक्चर तैयार करना

इस सेक्शन में साइट को दूसरे इंफ़्रास्ट्रक्चर पर ले जाने से पहले के कदम बताए गए हैं.

अपनी नई साइट कॉपी करना और उसकी जांच करना

पहले, सर्वर देने वाली नई संस्था पर अपनी साइट की कॉपी अपलोड करें. इसके बाद, उपयोगकर्ता आपकी साइट के साथ किस तरह इंटरैक्ट करते हैं, इसकी पूरी तरह से जांच करके पुष्टि करें कि यह उम्मीद के मुताबिक काम करती है. यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं:

  • अपनी नई साइट को किसी वेब ब्राउज़र में खोलें और अपनी साइट के सभी एलिमेंट की समीक्षा करें: वेबपेज, इमेज, फ़ॉर्म, और डाउनलोड (जैसे कि पीडीएफ़ फ़ाइलें).
  • आईपी से ऐक्सेस पर पाबंदी वाला टेस्ट एनवायरमेंट बनाएं. इसकी मदद से, आप वेबसाइट के लाइव होने से पहले सभी सुविधाओं की जांच कर सकते हैं.
  • नए इंफ़्रास्ट्रक्टर के लिए अस्थायी होस्टनाम के साथ, सार्वजनिक जांच की अनुमति दें (जैसे कि beta.example.com). इससे आप ब्राउज़र के मुताबिक सुलभता की जांच कर सकते हैं. अस्थायी होस्टनाम की मदद से, आप जांच कर सकते हैं कि Googlebot आपकी साइट पर पहुंच सकता है या नहीं.
  • अगर मुमकिन हो, तो अपने लाइव ट्रैफ़िक के छोटे से हिस्से के साथ नई साइट की जांच करें.

जांच करना कि Googlebot, होस्टिंग के नए इंफ़्रास्ट्रक्चर को ऐक्सेस कर सकता है या नहीं

अगर आपके पास पहले से Search Console खाता नहीं है, तो अपनी साइट के लिए एक नया खाता बनाएं. इससे आपको Google के ऐक्सेस और ट्रैफ़िक पर नज़र रखने में मदद मिलेगी. अगर आपने अपनी नई साइट का कुछ समय वाला होस्टनाम बनाया है, तो उस होस्टनाम के लिए भी एक खाता बनाएं. जांचें कि Googlebot, Search Console में यूआरएल की जांच करने वाले टूल का इस्तेमाल करके आपके नए इंफ़्रास्ट्रक्चर को ऐक्सेस कर सकता है या नहीं.

अपने डीएनएस रिकॉर्ड के लिए TTL (टीटीएल) मान कम करना

अगर आप अपनी साइट के डीएनएस रिकॉर्ड के TTL (टीटीएल) मान को कम कर देते हैं, तो अपनी साइट को तेज़ी से आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. ऐसा करने से नई सेटिंग तेज़ी से, इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियों (आईएसपी) पर लागू हो जाएंगी. आम तौर पर, डीएनएस सेटिंग को इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियां (आईएसपी), खास टाइम टू लिव (टीटीएल) सेटिंग के आधार पर कैश मेमोरी में सेव करती हैं. डीएनएस कैश मेमोरी को तेज़ी से रीफ़्रेश करने के लिए, साइट को दूसरी जगह ले जाने से कम से कम एक हफ़्ते पहले, TTL (टीटीएल) को बहुत कम मान (उदाहरण के लिए, कुछ घंटे) पर सेट करें.

Search Console की पुष्टि की समीक्षा करना

पक्का करें कि साइट को दूसरी जगह भेजने के बाद भी Search Console पर की गई पुष्टि लागू रहे.

अगर आप Search Console में अपनी साइट के मालिकाना हक की पुष्टि के लिए, एचटीएमएल फ़ाइल वाला तरीका इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पुष्टि वाली मौजूदा फ़ाइल को साइट की नई कॉपी में शामिल करना न भूलें.

इसी तरह से, अगर आप मालिकाना हक की पुष्टि के लिए, अपने कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम के टेंप्लेट में मेटा टैग या Google Analytics शामिल करते हैं, तो पक्का करें कि CMS की नई कॉपी में भी ये शामिल हों.

साइट को दूसरी जगह भेजना शुरू करना

साइट को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की प्रोसेस कुछ इस तरह होती है.

  1. क्रॉल करने के लिए अस्थायी रोक हटाएं. किसी साइट की नई कॉपी बनाते समय, कुछ साइटों के मालिक robots.txt फ़ाइल इस्तेमाल करके Googlebot और अन्य क्रॉलर की सभी तरह की क्रॉलिंग पर रोक लगा देते हैं. इसके अलावा, कॉन्टेंट को इंडेक्स करने पर रोक लगाने के लिए, noindex मेटा टैग या एचटीटीपी हेडर का इस्तेमाल करते हैं. जब आप साइट को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाने के लिए तैयार हों, तो साइट की नई कॉपी से ऐसी सभी रोक हटा दें.
  2. डीएनएस सेटिंग अपडेट करें. आप डीएनएस रिकॉर्ड को अपडेट करके, साइट को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की प्रोसेस शुरू करते हैं. इस अपडेट से, आप डीएनएस रिकॉर्ड को सर्वर देने वाली नई संस्था से लिंक करते हैं. ऐसा करने के लिए, डीएनएस सेवा देने वाली कंपनी से संपर्क करें. डीएनएस कैश सेटिंग, कैश मेमोरी में सेव होती है, इसलिए रिकॉर्ड को यह सेटिंग इंटरनेट पर सभी उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाने में कुछ समय लगता है.

ट्रैफ़िक पर नज़र रखना

यहां बताई गईं तीन कार्रवाइयां करके आप यह देख सकते हैं कि आपकी साइट को पुराने यूआरएल/सर्वर से नए यूआरएल/सर्वर पर जाने की प्रक्रिया ठीक से चल रही है:

  • पुराने और नए सर्वर, दोनों के सर्वर लॉग पर नज़र रखें.
    जैसे ही नए सर्वर पर डीएनएस सेटिंग चालू होती है और साइट पर ट्रैफ़िक आना शुरू होता है, आपको अपने पुराने सर्वर पर आने वाले ट्रैफ़िक में कमी दिखेगी. साथ ही, आपको अपने नए सर्वर पर उतना ही ट्रैफ़िक बढ़ता दिखेगा.
  • सार्वजनिक डीएनएस की जांच के लिए, अलग-अलग टूल इस्तेमाल करें.
    जांच करें कि दुनिया भर की अलग-अलग जगहों पर मौजूद इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियां (आईएसपी), आपकी नई डीएनएस सेटिंग को सही तरीके से अपडेट कर रही हैं या नहीं.
  • क्रॉल करने की प्रक्रिया पर नज़र रखें.
    Search Console में इंडेक्स कवरेज के ग्राफ़ पर नज़र रखें.

Googlebot की क्रॉल दर के बारे में जानकारी देने वाला एक नोट

साइट को लॉन्च करने के तुरंत बाद, Googlebot के क्रॉल करने की दर में कुछ समय के लिए गिरावट दिखना सामान्य बात है. इस गिरावट के बाद, अगले कुछ हफ़्तों में लगातार बढ़त दिखती है. कई बार यह दर, सर्वर बदलने से पहले की दर से ज़्यादा भी हो सकती है.

ये उतार-चढ़ाव इसलिए होते हैं, क्योंकि किसी साइट को क्रॉल करने की दर कई सिग्नल के आधार पर तय की जाती है और जब आप होस्टिंग बदलते हैं, तो ये सिग्नल बदल जाते हैं. अगर आपकी नई साइट को ऐक्सेस करते समय Googlebot को सर्वर धीमा होने या कोई दूसरी गंभीर समस्या नहीं मिलती, तो यह आपकी साइट को जितनी हो सके उतनी तेज़ी से क्रॉल करने की कोशिश करता है.

पुरानी होस्टिंग बंद करना

सेवा देने वाली पुरानी कंपनी के सर्वर लॉग की जांच करें. जब पुराने सर्वर का ट्रैफ़िक शून्य पर पहुंच जाए, तो आप अपना पुराना होस्टिंग इंफ़्रास्ट्रक्चर बंद कर सकते हैं. इससे, साइट को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाने की प्रक्रिया पूरी हो जाती है.