साइटमैप के बारे में जानकारी

साइटमैप एक ऐसी फ़ाइल होती है जिसमें आप अपनी साइट के पेजों, वीडियो, और साइट पर मौजूद दूसरी फ़ाइलों की जानकारी देते हैं. साथ ही, इसमें आप यह भी बताते हैं कि फ़ाइलें आपस में कैसे जुड़ी हैं. Google जैसे सर्च इंजन इस फ़ाइल को पढ़ते हैं, ताकि वे आपकी साइट को बेहतर तरीके से क्रॉल कर सकें. साइटमैप, Google को बताता है कि आपकी साइट के कौनसे पेज और फ़ाइलें अहम हैं. साथ ही, साइटमैप इन फ़ाइलों के बारे में ज़रूरी जानकारी भी देता है. उदाहरण के लिए, अगर पेजों की जानकारी की बात करें, तो साइटमैप बताता है कि किसी पेज को आखिरी बार कब अपडेट किया गया था और पेज किसी दूसरी भाषा में उपलब्ध है या नहीं.

आप अपने पेजों पर खास तरह के कॉन्टेंट के बारे में जानकारी देने के लिए, साइटमैप का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसमें वीडियो, इमेज, और समाचार से जुड़ा कॉन्टेंट भी शामिल है. उदाहरण के लिए:

  • वीडियो एंट्री साइटमैप में, वीडियो के चलने का समय, उसकी कैटगरी, और उम्र के हिसाब से रेटिंग की जानकारी हो सकती है.
  • इमेज एंट्री साइटमैप में, इमेज के विषय, इमेज किस तरह की है, और लाइसेंस से जुड़ी जानकारी शामिल हो सकती है.
  • समाचार एंट्री साइटमैप में, लेख का शीर्षक और उसके प्रकाशन की तारीख शामिल हो सकती है.

क्या मुझे साइटमैप की ज़रूरत है?

अगर आपकी साइट के पेज ठीक तरह से लिंक किए गए हैं, तो Google आम तौर पर आपकी साइट के ज़्यादातर हिस्से खोज सकता है. ठीक तरह से लिंक करने का मतलब है कि आप जिन पेजों को अहम मानते हैं उन सभी पेजों पर किसी न किसी तरह नेविगेट करके पहुंचा जा सके. नेविगेट करने के तरीकों में, साइट का मेन्यू या पेजों पर डाले गए लिंक शामिल हो सकते हैं. भले ही, आपकी साइट के अहम पेजों पर पहुंचना आसान हो, लेकिन साइटमैप की मदद से, ज़्यादा पेजों वाली साइटों, कॉम्प्लेक्स वेबसाइटों या खास तरह की फ़ाइलों को ज़्यादा अच्छी तरह से क्रॉल किया जा सकता है.

इन मामलों में आपको साइटमैप की ज़रूरत हो सकती है:

  • अगर आपकी साइट पर कई पेज हैं. ऐसा होने पर, Google के वेब क्रॉलर आपके नए या हाल ही में अपडेट किए गए कुछ पेजों को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं.
  • अगर आपकी साइट पर कॉन्टेंट के ऐसे कई पेज हैं जो एक-दूसरे से अलग हैं या अच्छी तरह लिंक नहीं किए गए हैं. अगर आपकी साइट के पेज एक-दूसरे से ठीक तरह से लिंक नहीं होते हैं, तो आप उन्हें साइटमैप में शामिल कर सकते हैं. इससे यह पक्का हो जाता है कि Google आपके कुछ पेजों को नज़रअंदाज़ न करेगा.
  • अगर आपकी साइट नई है और उसमें कुछ बाहरी लिंक हैं. Googlebot और दूसरे वेब क्रॉलर, लिंक को फ़ॉलो करते हुए एक पेज से दूसरे पेज पर क्रॉल करते हैं. ऐसे में, अगर किसी भी दूसरी साइट पर आपके पेज का लिंक नहीं है, तो शायद Google आपका पेज न ढूंढ पाए.
  • अगर आपकी साइट पर बहुत सारा रिच मीडिया कॉन्टेंट (वीडियो, इमेज) है या आपकी साइट Google News में दिखती है. Google आपके पेज को ढूंढने के लिए, साइटमैप में दी गई ज़्यादा जानकारी (अगर दी गई हो तो) की मदद ले सकता है. इस जानकारी का इस्तेमाल सिर्फ़ तब किया जाता है, जब ऐसा करना ज़रूरी हो.

इन मामलों में शायद आपको साइटमैप की ज़रूरत हो:

  • अगर आपकी साइट पर "कम" कॉन्टेंट है. कम कॉन्टेंट से हमारा मतलब है कि साइट पर 500 या उससे कम पेज हैं. (इसमें सिर्फ़ वे पेज गिने जाते हैं जिनके बारे में आपको लगता है कि उन्हें खोज के नतीजों में दिखाया जाना चाहिए.)
  • आपकी साइट पर मौजूद पेज एक-दूसरे का लिंक देते हैं. इसका मतलब है कि अगर Google आपकी साइट को होम पेज से क्रॉल करना शुरू करेगा, तो उसे साइट के सभी अहम पेजों के लिंक मिल जाएंगे.
  • अगर आपकी साइट पर ऐसी ज़्यादा मीडिया फ़ाइलें (वीडियो, इमेज) या खबरों वाले पेज नहीं हैं जिन्हें आप खोज के नतीजों में दिखाना चाहते हैं. साइटमैप आपकी साइट पर मौजूद वीडियो और इमेज वाली फ़ाइलों या खबरों वाले लेखों को ढूंढने में Google की मदद कर सकते हैं. अगर आप नहीं चाहते कि इमेज, वीडियो या खबरों के नतीजों में आपकी साइट के ये नतीजे दिखें, तो ऐसे मामले में शायद आपको साइटमैप की ज़रूरत न हो.

साइटमैप बनाना

अगर आपने तय कर लिया है कि आपको साइटमैप की ज़रूरत है, तो साइटमैप बनाने के तरीके के बारे में ज़्यादा जानें.