मोबाइल SEO के बारे में खास जानकारी

चलिए पक्का करें कि आपकी साइट खोज नतीजों में दिखाई दे. यहां पर आप जानेंगे कि अपनी साइट को एक से ज़्यादा डिवाइस के लिए कैसे कॉन्फ़िगर करें. साथ ही, साइट को समझने में खोज इंजन की मदद कैसे करें.

अपना मोबाइल कॉन्फ़िगरेशन चुनें

अपनी मोबाइल वेबसाइट कॉन्फ़िगर करने के तीन तरीके

ऐसी वेबसाइट बनाने की तीन मुख्य तकनीक हैैं, जो हर तरह की और हर आकार वाली व्यू स्क्रीन के मुताबिक सामग्री दिखा सके. यहां एक चार्ट दिया गया है, जिसमें तीनों तकनीकों की तुलना की गई है:

कॉन्फ़िगरेशन क्या मेरा यूआरएल वही रहेगा? क्या मेरा HTML वही रहेगा?
प्रतिक्रियाशील वेब डिज़ाइन हां हां
डायनामिक तरीके से दिखाना हां नहीं
अलग–अलग यूआरएल नहीं नहीं
  1. प्रतिक्रियाशील वेब डिज़ाइन: उपयोगकर्ता के पास चाहे कोई भी डिवाइस (डेस्कटॉप, टैबलेट, मोबाइल, बिना विज़ुअल वाला ब्राउज़र) हो, इसमें एक जैसे यूआरएल के लिए एक जैसा HTML कोड का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन स्क्रीन के आकार के हिसाब से इसमें डिसप्ले को अलग-अलग तरीके से दिखाया जा सकता है (यानी अलग-अलग 'रिस्पॉन्स' मिल सकता है). Google, प्रतिक्रियाशील डिज़ाइन पैटर्न का इस्तेमाल करने का सुझाव देता है.

  2. डायनामिक तरीके से दिखाना: चाहे कोई भी डिवाइस हो, इस कॉन्फ़िगरेशन में एक ही यूआरएल का इस्तेमाल किया जाता है. मगर सर्वर के पास उपयोगकर्ता के ब्राउज़र के बारे में मौजूद जानकारी के आधार पर अलग-अलग तरह के डिवाइस के लिए अलग-अलग HTML वर्शन बनाया जाता है.

  3. अलग-अलग यूआरएल: इस कॉन्फ़िगरेशन में, हर डिवाइस के लिए अलग-अलग यूआरएल पर अलग-अलग कोड का इस्तेमाल किया जाता है. यह कॉन्फ़िगरेशन उपयोगकर्ता के डिवाइस का पता लगाने की कोशिश करता है, फिर 'Vary HTTP हेडर' के साथ 'HTTP रीडायरेक्ट' का इस्तेमाल करके सही पेज पर रीडायरेक्ट करता है.

अगर Googlebot उपयोगकर्ता-एजेंट पेज और सभी पेज एसेट को एक्सेस कर सकते हैं, तो Google किसी खास फ़ॉर्मेट वाले यूआरएल को प्राथमिकता नहीं देता.

मोबाइल साइट कॉन्फ़िगरेशन चुनने के बारे में ज़्यादा जानकारी पाने (और हर विकल्प के फ़ायदे और नुकसान के बारे में जानने) के लिए, कृपया “अलग-अलग तरह की स्क्रीन इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए वेबसाइट बनाना” देखें.

मोबाइल पर सेवा देने से जुड़ी ज़रूरी बातें

अपनी साइट को मोबाइल फ़्रेंडली बनाने के लिए, आप कई तरह के कॉन्फ़िगरेशन चुन सकते हैं. इस बारे में हम बाद में और चर्चा करेंगे. हालांकि, आप चाहें कोई भी कॉन्फ़िगरेशन सेट अप कर रहे हों, आपको इन ज़रूरी बातों को ध्यान में रखना चाहिए.

  1. जब किसी पेज को मोबाइल के लिए फ़ॉर्मेट किया जाए, तो इसके बारे में Google को बताएं (या Google को तब भी जानकारी दें, जब कोई और पेज मौजूद हो जिसे मोबाइल के लिए फ़ॉर्मेट किया गया हो). इससे Google को मोबाइल पर खोज नतीजों में आपकी सामग्री सही ढंग से दिखाने में मदद मिलती है.
  2. संसाधनों को इस तरह रखें कि उन्हें क्रॉल किया जा सके. robots.txt का इस्तेमाल इस तरह न करें कि खोज इंजन आपकी साइट पर मौजूद उन ज़रूरी फ़ाइलों को एक्सेस न कर पाएं, जो पेज (विज्ञापन सहित) को ब्राउज़र में दिखाने में मदद करती हैं. अगर Googlebot के पास किसी पेज के संसाधनों का एक्सेस नहीं है, जैसे कि CSS, JavaScript या इमेज, तो हम नहीं जान पाएंगे कि इस पेज को मोबाइल ब्राउज़र पर दिखाने और अच्छी तरह काम करने के लिए बनाया गया है. दूसरे शब्दों में कहें तो हम नहीं जान पाएंगे कि पेज "मोबाइल-फ़्रेंडली" है और इसलिए हम इसे मोबाइल पर खोजने वालों को ठीक तरीके से नहीं दिखा पाएंगे.
  3. उन सामान्य गलतियों से बचें, जो मोबाइल पर वेबसाइट देखने वाले उपयोगकर्ताओं को तंग करती हैं, जैसे कि पेज पर ऐसे वीडियो डालना, जिन्हें चलाया नहीं जा सकता (उदाहरण के लिए, किसी Flash से चलने वाले वीडियो को पेज पर अहम सामग्री के रूप में डालना). खोजने वालों को खराब अनुभव देने वाले मोबाइल पेज की रैंकिंग घटाई जा सकती है या मोबाइल खोज नतीजों में उन्हें एक चेतावनी के साथ दिखाया जा सकता है. 'सामान्य गलतियां' सेक्शन में ज़्यादा जानकारी दी गई है.

अलग-अलग तरह के डिवाइस के बीच का फ़र्क समझें

मोबाइल: इस दस्तावेज़ में, "मोबाइल" या "मोबाइल डिवाइस" का मतलब स्मार्टफ़ोन से है, जैसे कि Android पर चलने वाले फ़ोन, iPhone, या Windows Phone. मोबाइल ब्राउज़र, डेस्कटॉप ब्राउज़र की तरह ही कई HTML5 विशेषताओं वाले वेब पेज दिखा सकते हैं, हालांकि उनके स्क्रीन का आकार छोटा होता है और करीब-करीब सभी मामलों में उनकी स्क्रीन की डिफ़ॉल्ट दिशा पोर्ट्रेट होती है.

टैबलेट: हम टैबलेट को अपने आप में एक अलग तरह का डिवाइस मानते हैं, इसलिए जब हम मोबाइल डिवाइस की बात करते हैं, तो हम आम तौर पर उसमें टैबलेट शामिल नहीं होते हैं. टैबलेट की स्क्रीन बड़ी होती है, जिसका मतलब है कि जब तक आप टैबलेट के हिसाब से बनाई गई सामग्री नहीं देते, तब तक उपयोगकर्ताओं को आपकी साइट उसी तरह दिखेगी, जैसा वह किसी डेस्कटॉप ब्राउज़र पर दिखाई देती है, न कि किसी स्मार्टफ़ोन ब्राउज़र की तरह.

मल्टीमीडिया फ़ोन: ये ऐसे ब्राउज़र वाले फ़ोन होते हैं, जो XHTML मानकों के मुताबिक बनाए गए पेज दिखा सकते हैं, जिनमें HTML5 मार्कअप, JavaScript/ECMAscript काम करते हैं, लेकिन हो सकता है कि HTML5 मानक में कुछ एक्सटेंशन API (एपीआई) काम न करें. आम तौर पर ये ऐसे फ़ोन वाले ब्राउज़र होते हैं, जिनमें 3G तकनीक काम करती है, पर वे स्मार्टफ़ोन नहीं होते.

फ़ीचर फ़ोन: इन फ़ोन के ब्राउज़र, मानक HTML के मुताबिक बनाए गए सामान्य डेस्कटॉप वेबपेज को नहीं दिखा सकते. इनमें ऐसे ब्राउज़र शामिल हैं, जो केवल cHTML (iMode), WML, XHTML-MP वगैरह के मुताबिक बनाए गए पेज दिखाते हैं.

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