स्पैम टिप्पणी को रोकने के तरीके

टिप्पणियां, वेबसाइट मालिकों के लिए समुदाय और पढ़ने वाले लोगों को अपने साथ जोड़ने का शानदार तरीका हैं. हालांकि, स्पैम करने वाले व्यक्ति और nogoodniks अक्सर टिप्पणियों का गलत इस्तेमाल करते हैं. इनमें से बहुत लोग स्पैम बनाने और पोस्ट करने के लिए स्क्रिप्ट या दूसरे सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं. अगर आपको कभी ऐसी टिप्पणी मिलती है जो विज्ञापन या किसी ऐसी साइट के लिंक की तरह लगती है जिसका आपके कॉन्टेंट से कोई लेना-देना नहीं है, तो इसका मतलब है कि आपका सामना स्पैम वाली टिप्पणी से हो चुका है.

इस तरह का स्पैम, आपकी साइट को कई तरीकों से नुकसान पहुंचा सकता है. जैसे:

  • किसी वेबसाइट के कुछ हिस्सों में मौजूद हल्की क्वालिटी वाला कॉन्टेंट, पूरी साइट की रैंकिंग पर असर डाल सकता है.
  • स्पैम आपके उपयोगकर्ताओं का ध्यान भटका सकता है और उन्हें परेशान कर सकता है. इससे आपकी साइट पर लोगों का भरोसा कम हो सकता है.
  • आपकी साइट पर, उसके विषय से अलग कॉन्टेंट दिखने पर अनचाहा ट्रैफ़िक आता है. इससे साइट धीमी हो सकती है और बैंडविड्थ की लागत बढ़ सकती है.
  • Google, ऐसे पेजों को हटा सकता है या उनका दर्जा घटा सकता है जिन पर उपयोगकर्ता का जनरेट किया गया स्पैम बहुत ज़्यादा दिखता है. ऐसा खोज के नतीजों की क्वालिटी बनाए रखने के लिए किया जाता है.
  • स्पैम करने वाले लोग जिस कॉन्टेंट का इस्तेमाल करते हैं वह उपयोगकर्ताओं को नुकसान पहुंचाने वाली साइटों पर ले जा सकता है. इनका उपयोगकर्ताओं पर गलत असर हो सकता है.

नुकसान पहुंचाने वाले इस तरह के स्पैम से वेबसाइट को बचाने के तरीके ढूंढना ज़रूरी है. आपकी वेबसाइट पर, स्पैम टिप्पणी को कम करने और रोकने के कुछ तरीके यहां बताए गए हैं.

गेस्टबुक या टिप्पणियों की सुविधा को चालू करने के बारे में गंभीरता से सोचना

स्पैम वाले पेजों की वजह से, आपकी साइट पर उपयोगकर्ताओं का भरोसा कम होता है. अगर यह सुविधा आपके उपयोगकर्ताओं के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद नहीं है या आपके पास रोज़ाना अपनी टिप्पणियों की निगरानी करने का समय नहीं है, तो इस सुविधा को बंद करने के बारे में सोचें. Blogger जैसे ज़्यादातर ब्लॉगिंग सॉफ़्टवेयर, आपको किसी भी पोस्ट पर टिप्पणी बंद करने की सुविधा देते हैं.

टिप्पणी करने और प्रोफ़ाइल बनाने के लिए मॉडरेशन (कंट्रोल करने) की सुविधा चालू करना

टिप्पणियों पर कंट्रोल का मतलब है कि आपकी साइट पर टिप्पणियां तब तक नहीं दिखेंगी, जब तक उनकी समीक्षा नहीं की जाती और उन्हें अनुमति नहीं मिल जाती. इसका मतलब है कि टिप्पणियों की निगरानी करने में आपको ज़्यादा समय देना होगा. हालांकि, इससे आपकी साइट पर आने वाले लोगों को बेहतर अनुभव मिल पाएगा. अगर आपकी साइट पर विवाद वाले विषयों पर अक्सर ऐसी पोस्ट डाले जाते हैं जिनसे कुछ लोगों की भावनाएं भड़क सकती हैं, तो यह सुविधा आपके लिए खास तौर पर मददगार हो सकती है. आम तौर पर, यह सुविधा Blogger जैसे आपके ब्लॉगिंग सॉफ़्टवेयर में सेटिंग के तौर पर उपलब्ध रहती है.

नया खाता बनाने के लिए साइन अप करते समय, आप लोगों से उनके ईमेल पते की पुष्टि कराएं. इससे कई स्पैम बॉट को अपने-आप खाते बनाने से रोका जा सकता है. इसके अलावा, आप कुछ फ़िल्टर सेट करें, जिनसे उन ईमेल पतों को ब्लॉक किया जा सके जो भरोसेमंद न हों या ऐसी ईमेल सेवाओं से आ रहे हों जिन पर आपको भरोसा न हो.

एंटी-स्पैम टूल का इस्तेमाल करना

टिप्पणी करने में इस्तेमाल होने वाले कई सिस्टम में, उपयोगकर्ताओं को यह साबित करना होता है कि वे जीते-जागते इंसान हैं, न कि स्पैम वाली स्क्रिप्ट. आम तौर पर, उपयोगकर्ता को डिस्टॉर्टेड इमेज (कैप्चा) दिखाई जाती है. इसके बाद, उपयोगकर्ता को इमेज में दिए गए अक्षरों या संख्या को टाइप करने के लिए कहा जाता है. कुछ कैप्चा सिस्टम में, ऑडियो कैप्चा की सुविधा भी दी जाती है. यह, स्पैम टिप्पणी को रोकने का काफ़ी असरदार तरीका है.

Google की reCAPTCHA सेवा को, अपनी साइट पर आसानी से लागू किया जा सकता है. इसके अलावा, इस सेवा से इकट्ठा होने वाले डेटा का इस्तेमाल, टेक्स्ट को स्कैन करने की प्रोसेस को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है. इनमें किताबों, अखबारों, नक्शों वगैरह के टेक्स्ट शामिल हैं. reCAPTCHA का इस्तेमाल करके, अपनी साइट को स्पैम करने वाले लोगों से बचाया जा सकता है. इससे दुनिया भर की किताबों को डिजिटल बनाने में भी मदद मिलती है. अपनी साइट पर reCAPTCHA की सुविधा लागू करने के लिए, साइन अप करें. reCAPTCHA के प्लग-इन, WordPress और PHP जैसे लोकप्रिय ऐप्लिकेशन और प्रोग्रामिंग प्लैटफ़ॉर्म के लिए उपलब्ध हैं.

स्पैम टिप्पणी को रोकने वाले दूसरे टूल भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं. उदाहरण के लिए, आपके कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम में काम के टूल हो सकते हैं, जिन्हें इंस्टॉल किया जा सकता है. Project Honeypot जैसे कई टूल भी हैं. ये आपकी साइट पर, उपयोगकर्ता के जनरेट किए गए स्पैम को रोकने और उसे खत्म करने में आपकी मदद कर सकते हैं. टूल का इस्तेमाल करने के तरीके से जुड़े निर्देश पाने के लिए, उन टूल की वेबसाइट पर जाएं.

nofollow एट्रिब्यूट या ज़्यादा खास एट्रिब्यूट का इस्तेमाल करना

Yahoo! और MSN के साथ, Google ने nofollow एचटीएमएल माइक्रो फ़ॉर्मैट की शुरुआत की थी. इस एट्रिब्यूट को बड़ी संख्या में लोगों ने अपनाया है. आम तौर पर, rel="nofollow" के साथ या rel="sponsored" जैसे ज़्यादा खास एट्रिब्यूट के साथ किसी भी लिंक का इस्तेमाल, PageRank की गिनती करने के लिए नहीं किया जाएगा. इसके अलावा, ऐसे लिंक का इस्तेमाल यह तय करने के लिए भी नहीं किया जाएगा कि उपयोगकर्ता की क्वेरी के लिए आपका पेज कितना सही है. उदाहरण के लिए, अगर स्पैम करने वाला व्यक्ति आपकी टिप्पणियों में कोई लिंक इस तरह शामिल करता है, तो:

<a href="http://www.example.com/">This is a nice site!</a>

वह इस फ़ॉर्मैट में बदल जाएगा:

<a href="http://www.example.com/" class="external-link">This is a nice site! </a>

या:

<a href="http://www.example.com/" rel="ugc">This is a nice site! </a>

PageRank की गिनती करते समय, इस नए लिंक को आम तौर पर ध्यान में नहीं रखा जाएगा. यह स्पैम को नहीं रोकेगा, लेकिन PageRank पास करने के दौरान होने वाली समस्याओं और स्पैम करने वाले लोगों से आपकी साइट को बचाएगा. डिफ़ॉल्ट रूप से, Blogger जैसी कई ब्लॉगिंग साइटें इस एट्रिब्यूट को, किसी भी पोस्ट की गई टिप्पणी में अपने-आप जोड़ देती हैं.

अगर आपकी साइट पर उपयोगकर्ताओं को प्रोफ़ाइल पेजों, फ़ोरम थ्रेड या वेबसाइट जैसे पेजों को बनाने की अनुमति मिलती है, तो स्पैम से होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है. इसके लिए, ऐसे कॉन्टेंट को Google Search में दिखने से रोकें जो नया हो या भरोसेमंद न हो.

उदाहरण के लिए, noindex मेटा स्टैंडर्ड का इस्तेमाल करके, उन उपयोगकर्ताओं के लिए पेजों का ऐक्सेस रोका जा सकता है जो नए हैं या जिन पर फ़िलहाल आपको भरोसा नहीं है. इस तरह:

<html> <head> <META NAME="googlebot" CONTENT="noindex"> 

इसके अलावा, robots.txt स्टैंडर्ड का इस्तेमाल करके, पेज पर कुछ समय के लिए रोक लगाई जा सकती है.

Disallow:/guestbook/newpost.php 

जब आपको लगे कि उपयोगकर्ता भरोसेमंद है और स्पैम करने वाला व्यक्ति नहीं है, तो आप क्रॉलिंग या इंडेक्स से जुड़ी पाबंदियों को हटा दें. कई तरीकों से यह पता लगाया जा सकता है कि नया उपयोगकर्ता, स्पैम करने वाला व्यक्ति है या नहीं. इन तरीकों में, कम्यूनिटी से मिलने वाली सूचनाओं का इस्तेमाल करना भी शामिल है.

कम्यूनिटी की मदद लेना

उपयोगकर्ता आपकी वेबसाइट पर आना चाहते हैं, लेकिन स्पैम से भी परेशान हैं. इस समस्या को हल करने में उन्हें आपकी मदद करने दें.

  • भरोसेमंद उपयोगकर्ताओं को, स्पैम टिप्पणियों या थ्रेड को फ़्लैग करने की अनुमति दें. इस तरह के सिस्टम का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है. इसलिए, इसे लागू करते समय सावधानी बरतें. इसके लिए एक विकल्प यह भी है कि स्पैम रिपोर्ट की सीमा पार कर चुकी पोस्ट या थ्रेड को तब तक के लिए हटा दें, जब तक मैन्युअल तौर पर उसकी समीक्षा नहीं की जाती.
  • उपयोगकर्ताओं के लिए भरोसेमंद सिस्टम बनाएं. इससे आपको न सिर्फ़ उपयोगकर्ताओं से जुड़े रहने में मदद मिलती है, बल्कि आपको स्पैम करने वाले लोगों को पहचानने में भी मदद मिलती है. स्पैम टिप्पणी करने वाले ज़्यादातर लोग अपना कॉन्टेंट सर्च इंजन में दिखाना चाहते हैं. इसलिए, आप ऐसे नए उपयोगकर्ताओं की पोस्ट पर noindex रोबोट मेटा टैग को जोड़ने के बारे में सोचें जो फ़िलहाल आपकी कम्यूनिटी के भरोसेमंद या अहम सदस्य नहीं हैं. कुछ समय बाद, जब कोई उपयोगकर्ता एक भरोसेमंद सदस्य के तौर पर पहचान बना लेता है, तब आप उसकी पोस्ट को इंडेक्स करने की अनुमति दें. यह तरीका, स्पैम करने वाले लोगों को आपकी कम्यूनिटी में पोस्ट करने से रोकने में काफ़ी मददगार साबित होगा.

स्पैमिंग की बार-बार कोशिश को रोकने के लिए, ब्लॉकलिस्ट का इस्तेमाल करना

जब आपको स्पैम वाली वेबसाइट या पेज की कोई प्रोफ़ाइल मिले, तो उसे हटाने का ऐसा तरीका बनाएं जिससे इस तरह की दूसरी प्रोफ़ाइलों को हटाने में मदद मिल सके. उदाहरण के लिए, अगर आपको एक ही आईपी पते से जुड़ी, स्पैम वाली वेबसाइट या पेज की कई प्रोफ़ाइलें मिलती हैं, तो आप उस आईपी पते को हमेशा के लिए पाबंदी वाली सूची में जोड़ें. WordPress जैसे कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम, आपको Akismet जैसे प्लग इन की सुविधा देते हैं.

स्पैम वाली वेबसाइट या पेज के कॉन्टेंट से बचाने के लिए, अपनी साइट की निगरानी करना

इसके लिए, सबसे अच्छे टूल में से एक Google Alerts है. site: क्वेरी सेट अप करें. इसके लिए, कारोबार या वयस्कों के लिए बने कॉन्टेंट से जुड़े ऐसे कीवर्ड इस्तेमाल करें जिन्हें आपको अपनी साइट पर नहीं देखना हो. हैक किए गए पेजों का पता लगाने के लिए भी, Google Alerts एक बेहतरीन टूल है.