स्कीमा मार्कअप की मदद से, वीडियो को Google पर दिखाना

लोग वीडियो खोजने और देखने के लिए Google Search का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, Google आपके वीडियो की जानकारी को अपने-आप समझने की कोशिश करता है. आपके पास वीडियो के बारे में खुद भी जानकारी देने का विकल्प है. इसमें वीडियो का ब्यौरा, थंबनेल यूआरएल, अपलोड करने की तारीख, और वीडियो की कुल अवधि जैसी जानकारी शामिल है. इसके लिए, वीडियो को VideoObject से मार्कअप करना होगा. वीडियो, Google Search के नतीजों, वीडियो खोज के नतीजों, Google Images, और Google डिस्कवर में दिख सकते हैं.

Google के खोज नतीजों, वीडियो टैब, और 'डिस्कवर' में वीडियो दिखाए जाने का स्क्रीनशॉट

कॉन्टेंट को मार्कअप करने के आधार पर, आपके वीडियो को भी इन तरीकों से बेहतर ढंग से दिखाया जा सकता है:

वीडियो को बेहतर ढंग से दिखाने के तरीके

लाइव बैज: अपने वीडियो में लाइव बैज जोड़ने के लिए, वीडियो को BroadcastEvent से मार्कअप करें. लाइव बैज, कितनी भी देर के लिए लाइव स्ट्रीम किए गए सार्वजनिक वीडियो पर लगाया जा सकता है. यहां कुछ उदाहरण दिए गए हैं:

  • खेल-कूद के इवेंट
  • अवॉर्ड शो
  • प्रभावशाली व्यक्तियाें के वीडियो
  • लाइव स्ट्रीम किए जा रहे वीडियो गेम

पक्का करें कि आपने लाइव बैज के दिशा-निर्देशों का पालन किया हो. साथ ही, इंडेक्सिंग एपीआई का इस्तेमाल करें, ताकि यह भी पक्का हो सके कि Google सही समय पर आपका पेज क्रॉल करे.

खोज के नतीजों में लाइव बैज वाला वीडियो

घर में की जा सकने वाली गतिविधियां: घर में की जा सकने वाली गतिविधियां ढूंढने में लोगों की मदद करें. जब लोग घर में की जा सकने वाली गतिविधियां खोजते हैं, तब इससे जुड़े वीडियो और ऑनलाइन इवेंट, इमर्सिव रिच रिज़ल्ट (ज़्यादा बेहतर नतीजों) में दिखते हैं. Video स्ट्रक्चर्ड डेटा जोड़ने पर, आपके वीडियो अपने-आप रिच रिज़ल्ट में दिख सकते हैं. आपको अलग से कुछ नहीं करना होगा.

सुविधा की उपलब्धता और दिशा-निर्देशों के बारे में ज़्यादा जानकारी पाने के साथ-साथ उदाहरण देखने के लिए, घर में की जा सकने वाली गतिविधियां देखें.

खोज के नतीजों में, घर में की जा सकने वाली गतिविधियों के उदाहरण

खास पल

खास पलों की सुविधा की मदद से उपयोगकर्ता, वीडियो के एक सेगमेंट से दूसरे सेगमेंट पर उतनी ही आसानी से जा सकते हैं जैसे कि किसी किताब के चैप्टर पलट रहे हों. इस सुविधा की मदद से उपयोगकर्ता आपके वीडियो को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं. Google Search अपने-आप ही वीडियो में से खास पलों को चुनकर, उन्हें उपयोगकर्ताओं को दिखाता है. इसके लिए, आपको अलग से कोई मेहनत नहीं करनी पड़ती है. इसके अलावा, Google को आपके वीडियो के अहम सेगमेंट के बारे में मैन्युअल तौर पर भी बताया जा सकता है. हम स्ट्रक्चर्ड डेटा या YouTube में दी गई जानकारी की मदद से, उन खास पलों को प्राथमिकता देंगे जिन्हें आपने सेट किया है.

  • अगर वीडियो को आपके वेब पेज पर होस्ट किया गया है, तो दो तरीकों से खास पलों की सुविधा चालू की जा सकती है:
    • Clip स्ट्रक्चर्ड डेटा: हर सेगमेंट के शुरू और खत्म होने का सटीक समय बताएं. साथ ही, हर सेगमेंट पर दिखने वाले लेबल की जानकारी भी दें.
    • SeekToAction स्ट्रक्चर्ड डेटा: Google को बताएं कि आम तौर पर आपके यूआरएल में टाइमस्टैंप कहां दिखते हैं. इससे, Google अपने-आप खास पलों वाले सेगमेंट को पहचानकर, उपयोगकर्ताओं को उन सेगमेंट के शुरू और खत्म होने के सटीक समय के बारे में जानकारी दे सकता है.
  • अगर आपका वीडियो YouTube पर होस्ट किया गया है, तो आप YouTube पर मौजूद वीडियो के ब्यौरे में, टाइमस्टैंप और लेबल की सटीक जानकारी दे सकते हैं. YouTube पर वीडियो के ब्यौरे में टाइमस्टैंप मार्क करने के सबसे सही तरीके देखें.

    अगर आपको YouTube पर वीडियो चैप्टर की सुविधा चालू करनी है, तो इन अन्य दिशा-निर्देशों का पालन करें.

खास पलों की सुविधा से पूरी तरह ऑप्ट-आउट करने के लिए, nosnippet मेटा टैग का इस्तेमाल करें. ऐसा करने से, Google आपके वीडियो के खास पलों को अपने-आप नहीं दिखाएगा.

खोज के नतीजों में खास पलों वाला वीडियो
वीडियो होस्ट कैरसेल (सीमित ऐक्सेस): आपकी वीडियो गैलरी के पेजों को देखा जा सके, इसके लिए ItemList स्ट्रक्चर्ड डेटा जोड़ें. >फ़िलहाल, यह सुविधा चुनिंदा कंपनियों के लिए ही उपलब्ध है. Google Search आपकी साइट के लिए अपने-आप एक होस्ट कैरसेल दिखा सकता है. इसके लिए, आपको ItemList स्ट्रक्चर्ड डेटा जोड़ने की ज़रूरत नहीं है.

लर्निंग वीडियो: शिक्षा से जुड़े अपने वीडियो में, लर्निंग वीडियो स्ट्रक्चर्ड डेटा जोड़ें. इससे, छात्र/छात्राओं और शिक्षकों को आपके वीडियो खोजने में मदद मिलेगी. सुविधा की उपलब्धता, दिशा-निर्देश, और उदाहरणों के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, लर्निंग वीडियो का दस्तावेज़ देखें.

खोज के नतीजों में लर्निंग वीडियो

स्ट्रक्चर्ड डेटा को जोड़ने का तरीका

स्ट्रक्चर्ड डेटा, किसी पेज के बारे में जानकारी देने और पेज के कॉन्टेंट को कैटगरी में बांटने का एक स्टैंडर्ड फ़ॉर्मैट है. अगर आपको स्ट्रक्चर्ड डेटा के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है, तो स्ट्रक्चर्ड डेटा के काम करने का तरीका देखें.

स्ट्रक्चर्ड डेटा बनाने, उसकी जांच करने, और उसे रिलीज़ करने के बारे में खास जानकारी यहां दी गई है. वेब पेज में स्ट्रक्चर्ड डेटा जोड़ने के सिलसिलेवार निर्देशों के लिए, स्ट्रक्चर्ड डेटा कोडलैब (कोड बनाना सीखना) देखें.

  1. ज़रूरी प्रॉपर्टी जोड़ें. जिस फ़ॉर्मैट का इस्तेमाल हो रहा है उसके हिसाब से जानें कि पेज पर स्ट्रक्चर्ड डेटा कहां डालना है.
  2. दिशा-निर्देशों का पालन करें.
  3. ज़्यादा बेहतर नतीजों (रिच रिज़ल्ट) के टेस्ट का इस्तेमाल करके, अपने कोड की पुष्टि करें.
  4. स्ट्रक्चर्ड डेटा वाले कुछ पेजों को डिप्लॉय करें. इसके बाद, यूआरएल जांचने वाला टूल इस्तेमाल करके जांचें कि Google को पेज कैसा दिखेगा. पक्का करें कि Google आपका पेज ऐक्सेस कर सकता हो. साथ ही, देखें कि उस पेज को robots.txt फ़ाइल और noindex टैग से ब्लॉक न किया गया हो या लॉग इन करना ज़रूरी न हो. अगर पेज ठीक दिखता है, तो Google को अपने यूआरएल फिर से क्रॉल करने के लिए कहें.
  5. Google को आगे होने वाले बदलावों की जानकारी देने के लिए, हमारा सुझाव है कि आप साइटमैप सबमिट करें. Search Console साइटमैप एपीआई की मदद से, इसे ऑटोमेट भी किया जा सकता है.

उदाहरण

स्टैंडर्ड वीडियो का रिच रिज़ल्ट

स्टैंडर्ड वीडियो से जुड़े खोज के नतीजों के उदाहरण

यहां एक VideoObject का उदाहरण दिया गया है.

JSON-LD


      
माइक्रोडेटा


      

लाइव बैज

खोज के नतीजाें में दिख रहे लाइव बैज वाले एक वीडियो का उदाहरण

यहां VideoObject और BroadcastEvent का एक उदाहरण दिया गया है.

JSON-LD


      
माइक्रोडेटा


      

यहां VideoObject और ItemList स्ट्रक्चर्ड डेटा का एक उदाहरण दिया गया है. फ़िलहाल, यह सुविधा चुनिंदा कंपनियों के लिए ही उपलब्ध है.

JSON-LD


      
माइक्रोडेटा


      

Clip

खोज के नतीजाें में दिख रहे, खास पलों वाले एक वीडियो का उदाहरण

यहां VideoObject और Clip का एक उदाहरण दिया गया है.

JSON-LD


      
माइक्रोडेटा


      

SeekToAction

यहां एक VideoObject का उदाहरण दिया गया है, जिसमें SeekToAction मार्कअप के लिए ज़रूरी दूसरी प्रॉपर्टी शामिल हैं.

JSON-LD


      
माइक्रोडेटा


      

दिशा-निर्देश

Google आपके वीडियो को बेहतर ढंग से समझ सके, इसके लिए पक्का करें कि आप इन दिशा-निर्देशों का पालन करते हों:

लाइव बैज से जुड़े दिशा-निर्देश

अगर आपको लाइवस्ट्रीम वीडियो में BroadcastEvent जोड़ना है, तो इन दिशा-निर्देशों का पालन करें:

  • स्ट्रक्चर्ड डेटा में अश्लील या आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल न करें.
  • यह पक्का करने के लिए कि Google आपके लाइवस्ट्रीम वीडियो को सही समय पर क्रॉल करे, इंडेक्सिंग एपीआई का इस्तेमाल करें. नीचे दिए गए इवेंट के लिए, एपीआई का इस्तेमाल करें:
    • जब वीडियो लाइव हो
    • जब वीडियो स्ट्रीमिंग बंद हाे जाए और endDate बताने के लिए, पेज का मार्कअप अपडेट किया जाए
    • जब भी मार्कअप में कुछ बदलाव हुआ हाे और Google को सूचना देना ज़रूरी हाे

YouTube पर वीडियो में टाइमस्टैंप दिखाने के सबसे सही तरीके

अगर आपका वीडियो YouTube पर होस्ट किया गया है, तो YouTube पर मौजूद वीडियो की जानकारी के हिसाब से, Google Search आपके वीडियो के लिए खास पल की सुविधा अपने-आप चालू कर सकता है. ऐसे में, हो सकता है कि आपको YouTube पर मौजूद वीडियो की जानकारी में खास टाइमस्टैंप न दिखाने पड़ें. हालांकि, आपके पास अपने वीडियो के अहम हिस्सों के बारे में हमें साफ़ तौर पर बताने का विकल्प है. हम ऐसी जानकारी पाना पसंद करेंगे. यहां दिया गया डायग्राम दिखाता है कि YouTube वीडियो की जानकारी में दिए गए टाइमस्टैंप और लेबल, खोज के नतीजों में किस तरह दिख सकते हैं:

खोज के नतीजों में, टाइमस्टैंप और लेबल के साथ दिख रहा एक वीडियो
1. टाइमस्टैंप: जब कोई क्लिप शुरू होती है.
2. लेबल: क्लिप का नाम.

YouTube पर वीडियो की जानकारी में, टाइमस्टैंप और लेबल फ़ॉर्मैट करते समय इन दिशा-निर्देशों का ध्यान रखें:

  • टाइमस्टैंप को इस फ़ॉर्मैट में रखें: [hour]:[minute]:[second]. अगर वीडियो के टाइमस्टैंप में घंटे की जानकारी नहीं है, तो इसे शामिल करने की ज़रूरत नहीं है.
  • टाइमस्टैंप का लेबल, टाइमस्टैंप वाली लाइन पर ही दिखाएं.
  • वीडियो की जानकारी वाले हिस्से में, हर टाइमस्टैंप को एक नई लाइन पर रखें.
  • वीडियो में बताए गए पॉइंट पर टाइमस्टैंप जोड़ें.
  • पक्का करें कि लेबल में कम से कम एक शब्द ज़रूर हो.
  • टाइमस्टैंप को, जोड़े जाने के समय के हिसाब से सही क्रम में रखें.

अगर आपको YouTube पर वीडियो चैप्टर की सुविधा चालू करनी है, तो इन अन्य दिशा-निर्देशों का पालन करें.

Clip और SeekToAction से जुड़े दिशा-निर्देश

अगर वीडियो के सेगमेंट को मार्क करने के लिए, Clip या SeekToAction स्ट्रक्चर्ड डेटा जोड़ा जा रहा है, तो इन दिशा-निर्देशों का पालन करें:

  • वीडियो में, वीडियो यूआरएल के शुरुआती पॉइंट के अलावा, किसी दूसरे पॉइंट पर डीप लिंक करने की सुविधा होनी चाहिए. उदाहरण के लिए, http://www.example.com/example?t=30 वीडियो के 30 सेकंड चलने के बाद शुरू होता है.
  • VideoObject स्ट्रक्चर्ड डेटा उस पेज पर जोड़ा जाना चाहिए जहां उपयोगकर्ता वीडियो देख सकते हैं. उपयोगकर्ताओं को उस पेज पर ले जाना सही नहीं है जहां वे वीडियो नहीं देख सकते. इससे, उन्हें खराब अनुभव मिलेगा.
  • वीडियो कम से कम 30 सेकंड का होना चाहिए.
  • वीडियो में ऐसी प्रॉपर्टी ज़रूर शामिल होनी चाहिए जो VideoObject वाले स्ट्रक्चर्ड डेटा के दस्तावेज़ में मौजूद हों.
  • सिर्फ़ Clip वाले स्ट्रक्चर्ड डेटा के लिए: पक्का करें कि एक ही पेज पर, एक ही वीडियो से जुड़ी दो क्लिप के शुरू होने का समय एक ही न हो.
  • सिर्फ़ SeekToAction स्ट्रक्चर्ड डेटा के लिए: यह ज़रूरी है कि Google आपके वीडियो फ़ेच कर पाए.

अलग-अलग तरह के स्ट्रक्चर्ड डेटा की जानकारी

इस सेक्शन में, Google Search में वीडियो की सुविधाओं से जुड़े अलग-अलग तरह के स्ट्रक्चर्ड डेटा के बारे में बताया गया है. आपका कॉन्टेंट, खोज में रिच रिज़ल्ट के तौर पर दिखे, इसके लिए आपको ज़रूरी VideoObject प्रॉपर्टी शामिल करनी होंगी. कॉन्टेंट के बारे में ज़्यादा जानकारी जोड़ने के लिए, सुझाई गई प्रॉपर्टी भी शामिल करें. इससे, उपयोगकर्ताओं को बेहतर तरीके से नतीजे दिखाए जा सकते हैं. VideoObject के अलावा, आपके पास Google Search में वीडियो को बेहतर ढंग से दिखाने के लिए इस तरह का डेटा जोड़ने का विकल्प है:

  • BroadcastEvent: अपने वीडियो पर लाइव बैज की सुविधा चालू करने के लिए, लाइवस्ट्रीम वीडियो को मार्कअप करें.
  • ItemList: वीडियो होस्ट कैरसेल चालू करने के लिए, वीडियो की सूची वाले पेजों को मार्कअप करें.
  • Clip: उपयोगकर्ताओं को वीडियो के खास पॉइंट पर तुरंत ले जाने के लिए, वीडियो में अहम सेगमेंट को मैन्युअल तरीके से मार्क करें.
  • SeekToAction: अपने यूआरएल के काम करने का तरीका बताकर, खास पलों की सुविधा चालू करें. इससे, Google अपने-आप आपके वीडियो के खास पलों वाले सेगमेंट को पहचानकर, उपयोगकर्ताओं को उन सेगमेंट के शुरू और खत्म होने के सटीक समय के बारे में जानकारी दे सकता है.
  • लर्निंग वीडियो: शिक्षा से जुड़े अपने वीडियो में, लर्निंग वीडियो स्ट्रक्चर्ड डेटा जोड़ें. इससे, छात्र/छात्राओं और शिक्षकों को आपके वीडियो ढूंढने में मदद मिलेगी.

VideoObject

VideoObject की पूरी जानकारी schema.org/VideoObject पर मौजूद है. ज़रूरी प्रॉपर्टी को शामिल नहीं करने पर, हो सकता है कि Google, वीडियो के बारे में किसी भी जानकारी का इस्तेमाल न कर पाए. अपने कॉन्टेंट के बारे में ज़्यादा जानकारी जोड़ने के लिए, सुझाई गई प्रॉपर्टी भी शामिल की जा सकती है. इससे लोगों को आपका कॉन्टेंट ढूंढने और उसका इस्तेमाल करने में आसानी होगी.

ज़रूरी प्रॉपर्टी
description

Text

वीडियो के बारे में जानकारी. एचटीएमएल टैग को अनदेखा किया जाता है.

name

Text

वीडियो का शीर्षक

thumbnailUrl

दोहराया गया URL

वीडियो के थंबनेल की इमेज फ़ाइल का यूआरएल. थंबनेल इमेज के दिशा-निर्देशों का पालन करें.

uploadDate

Date

ISO 8601 फ़ॉर्मैट में, पहली बार वीडियो के प्रकाशित होने की तारीख.

सुझाई गई प्रॉपर्टी
contentUrl

URL

वीडियो की ऑरिजनल मीडिया फ़ाइल का यूआरएल, कोड में बदलने के ऐसे फ़ॉर्मैट में होना चाहिए जो इस्तेमाल किया जा सके. उस पेज से लिंक न करें जहां वीडियो दिखाया जाता है. यह यूआरएल, वीडियो मीडिया फ़ाइल का ही होना चाहिए.


"contentUrl": "https://www.example.com/video/123/file.mp4"

वीडियो दिखाने के हमारे सबसे अच्छे तरीके अपनाना न भूलें.

duration

Duration

ISO 8601 फ़ॉर्मैट में वीडियो की अवधि. उदाहरण के लिए, PT00H30M5S "तीस मिनट और पांच सेकंड" का समय दिखाता है.

embedUrl

URL

किसी खास वीडियो के लिए, प्लेयर का यूआरएल. यहां उस पेज का यूआरएल न डालें जहां वीडियो मौजूद है. यहां वीडियो प्लेयर का यूआरएल डालें. आम तौर पर, यह जानकारी <embed> टैग के src एलिमेंट में होती है.


"embedUrl": "https://www.example.com/embed/123"

वीडियो दिखाने के हमारे सबसे अच्छे तरीके अपनाना न भूलें.

expires

Date

अगर लागू होती है, तो ISO 8601 फ़ॉर्मैट में वह तारीख दें जिसके बाद वीडियो दिखना बंद हो जाएगा. अगर आपका वीडियो हमेशा उपलब्ध रहेगा, तो यह जानकारी न दें.

hasPart

अगर आपके वीडियो में अहम सेगमेंट हैं, तो अपने VideoObject में ज़रूरी Clip प्रॉपर्टी नेस्ट करें. उदाहरण के लिए:


<script type="application/ld+json">
{
  "@context": "https://schema.org/",
  "@type": "VideoObject",
  "name": "Cat video",
  "hasPart": {
    "@type": "Clip",
    "name": "Cat jumps",
    "startOffset": 30,
    "url": "http://www.example.com/example?t=30"
  }
}
</script>
interactionStatistic

InteractionCounter

वीडियो को कितनी बार देखा गया. उदाहरण के लिए:


"interactionStatistic":
  {
    "@type": "InteractionCounter",
    "interactionType": { "@type": "WatchAction" },
    "userInteractionCount": 12345
  }
publication

अगर आपका वीडियो लाइव चल रहा है और आप लाइव बैज पाने की ज़रूरी शर्तें पूरी करना चाहते हैं, तो अपने VideoObject में BroadcastEvent प्रॉपर्टी नेस्ट करें. उदाहरण के लिए:


<script type="application/ld+json">
{
  "@context": "https://schema.org/",
  "@type": "VideoObject",
  "name": "Cat video",
  "publication": {
    "@type": "BroadcastEvent",
    "name": "First scheduled broadcast",
    "isLiveBroadcast": true,
    "startDate": "2018-10-27T14:00:00+00:00",
    "endDate": "2018-10-27T14:37:14+00:00"
  }
}
</script>
regionsAllowed

Place

वे इलाके जहां किसी वीडियो को दिखाने की अनुमति है. अगर इस बारे में न बताया जाए, तो Google यह मान लेता है कि वीडियो को हर जगह दिखाया जा सकता है. देशों के बारे में, ISO 3166 फ़ॉर्मैट में बताएं. एक से ज़्यादा वैल्यू के लिए, स्पेस या कॉमा को डीलिमिटर के तौर पर इस्तेमाल करें.

BroadcastEvent

लाइव बैज के साथ वीडियो दिखाने की ज़रूरी शर्तें पूरी करने के लिए, इन प्रॉपर्टी को अपने VideoObject में नेस्ट करें. हालांकि, BroadcastEvent प्रॉपर्टी की ज़रूरत नहीं है, लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आपका वीडियो लाइव बैज के साथ दिखे, तो आपको ये प्रॉपर्टी जोड़नी होंगी.

BroadcastEvent की पूरी जानकारी schema.org/BroadcastEvent पर मौजूद है.

ज़रूरी प्रॉपर्टी
publication

BroadcastEvent

यह बताता है कि वीडियो को कब लाइवस्ट्रीम किया जाना है. यह एक सूची या एक इंस्टेंस, कुछ भी हो सकता है.

publication.endDate

DateTime

ISO 8601 फ़ॉर्मैट में, वह तारीख और समय दें जब लाइवस्ट्रीम खत्म हाेनी है या उसके खत्म हाेने की संभावना है.

वीडियो के खत्म होने यानी लाइवस्ट्रीम बंद हाेने के बाद endDate देना ज़रूरी है. अगर लाइवस्ट्रीम शुरू होने से पहले endDate तय नहीं है, तो हम सलाह देते हैं कि आप एक अनुमानित endDate दें.

अगर endDate पुरानी या मौजूदा समय की है, ताे इससे पता चलता है कि स्ट्रीम खत्म हो गई है और वह अब लाइव नहीं है. अगर endDate आने वाले समय की है, तो इससे पता चलता है कि लाइवस्ट्रीम उस समय खत्म हाेगी.

publication.isLiveBroadcast

बूलियन

अगर वीडियो लाइव है, लाइवस्ट्रीम किया जा चुका है या लाइवस्ट्रीम किया जाएगा, तो उसे true पर सेट करें.

publication.startDate

DateTime

ISO 8601 फ़ॉर्मैट में, वह तारीख और समय दें जब लाइवस्ट्रीम शुरू हाेनी है या उसके शुरू हाेने की संभावना है. अगर startDate पुरानी या मौजूदा समय की है, ताे इससे पता चलता है कि लाइवस्ट्रीम शुरू हाे चुकी है. अगर startDate आने वाले समय का है, तो इससे पता चलता है कि लाइवस्ट्रीम उस समय शुरू हाेगी.

ItemList (सीमित ऐक्सेस)

Google आपकी वीडियो गैलरी के पेजों को बेहतर ढंग से समझ सके, इसके लिए VideoObject प्रॉपर्टी के साथ-साथ, ItemList की ये प्रॉपर्टी भी जोड़ें. कैरसेल के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, कैरसेल देखें.

ItemList की पूरी जानकारी schema.org/ItemList पर मौजूद है.

ज़रूरी प्रॉपर्टी
itemListElement

ListItem

एक आइटम वाले पेज के लिए एनोटेशन (जानकारी). हर ListItem एलिमेंट में, VideoObject प्रॉपर्टी और ListItem प्रॉपर्टी शामिल होनी चाहिए.

ListItem.position

Integer

सूची में आइटम पेज की क्रम संख्या. उदाहरण के लिए:


"itemListElement": [
  {
    "@type": "VideoObject",
    "position": 1,
    ... other VideoObject properties ...
  }, {
    "@type": "VideoObject",
    "position": 2,
    ... other VideoObject properties ...
  }
]
ListItem.url

URL

आइटम पेज का कैननिकल यूआरएल. हर आइटम का एक अलग यूआरएल होना चाहिए.

Clip

अगर आप मैन्युअल तरीके से Google को यह बताना चाहते हैं कि खास पलों वाली सुविधा के लिए, कौनसे टाइमस्टैंप और लेबल का इस्तेमाल करना है, तो अपने VideoObject में नीचे दी गई प्रॉपर्टी को नेस्ट करें. Clip प्रॉपर्टी ज़रूरी नहीं हैं, लेकिन अगर वीडियो के लिए, Google के अपने-आप चुनकर दिखाए जाने वाले वीडियो सेगमेंट के बजाय, आपके बताए गए टाइमस्टैंप और लेबल दिखाने हैं, तो आपको यहां बताई गई प्रॉपर्टी जोड़नी होंगी.

Clip की पूरी जानकारी schema.org/Clip पर मौजूद है.

ज़रूरी प्रॉपर्टी
name

Text

क्लिप के कॉन्टेंट की पूरी जानकारी देने वाला शीर्षक.

startOffset

Number

क्लिप के शुरू होने का समय, वीडियो की शुरुआत से खत्म होने तक के कुल सेकंड के तौर पर बताया गया है.

url

URL

क्लिप के शुरू होने का समय बताने वाला यूआरएल.

क्लिप का यूआरएल, समय बताने वाले एडीशनल क्वेरी पैरामीटर वाले वीडियो के यूआरएल पाथ की ओर इशारा करना चाहिए.

उदाहरण के लिए, इस यूआरएल का मतलब है कि वीडियो 2:00 मिनट पर शुरू होता है:


"url": "https://www.example.com/example?t=120"
सुझाई गई प्रॉपर्टी
endOffset

Number

क्लिप के खत्म होने का समय, वीडियो की शुरुआत से लेकर खत्म होने तक के कुल सेकंड के तौर पर बताया गया है.

SeekToAction

Google को आपके यूआरएल के काम करने का तरीका बताने के लिए (ताकि Google आपके वीडियो के लिए अपने-आप पहचाने गए खास पलों को दिखा पाए), VideoObject में नीचे दी गई प्रॉपर्टी को नेस्ट करें. SeekToAction प्रॉपर्टी ज़रूरी नहीं हैं, लेकिन Google आपके यूआरएल के स्ट्रक्चर का काम करने का तरीका समझ पाए, इसके लिए आपको यहां बताई गई प्रॉपर्टी जोड़नी होंगी. इनकी मदद से, Google उपयोगकर्ताओं को वीडियो के किसी खास सेगमेंट के शुरू और खत्म होने के सटीक समय के बारे में जानकारी दे सकता है.

SeekToAction की पूरी जानकारी schema.org/SeekToAction पर मौजूद है.

ज़रूरी प्रॉपर्टी
potentialAction

SeekToAction

यह प्रॉपर्टी संभावित कार्रवाई के बारे में बताती है. नेस्ट की गई इन प्रॉपर्टी को शामिल करें

उदाहरण के लिए:


{
  "@context": "https://schema.org",
  "@type": "VideoObject",
  "potentialAction" : {
    "@type": "SeekToAction",
    "target": "https://video.example.com/watch/videoID?t={seek_to_second_number}",
    "startOffset-input": "required name=seek_to_second_number"
  }
)
potentialAction.startOffset-input

Text

वह प्लेसहोल्डर स्ट्रिंग जिसकी पहचान, Google आपके टाइमस्टैंप के तौर पर करेगा और उसकी जगह उतने सेकंड की संख्या डाल देगा जहां से वीडियो का खास पलों वाला सेगमेंट शुरू होगा. इस वैल्यू का इस्तेमाल करें:


"startOffset-input": "required name=seek_to_second_number"

startOffset-input एक ऐसी प्रॉपर्टी है जिसमें एनोटेशन जोड़ा गया है. ज़्यादा जानकारी के लिए, Potential Actions पेज देखें.

potentialAction.target

EntryPoint

उस पेज का यूआरएल जिसमें यह VideoObject मौजूद होता है. साथ ही, यूआरएल में एक प्लेसहोल्डर भी मौजूद होता है, जो बताता है कि Google को सेकंड की वह संख्या कहां डालनी चाहिए जहां से वीडियो का खास पलों वाला हिस्सा शुरू होगा. Google इस तरह आपके यूआरएल को समझता है. साथ ही, उसे आपके टाइमस्टैंप के फ़ॉर्मैट के बारे में भी पता चलता है. यूआरएल के टाइमस्टैंप वाले हिस्से की जगह यह प्लेसहोल्डर स्ट्रिंग डालें:


{seek_to_second_number}

उदाहरण के लिए, यूआरएल के टाइमस्टैंप वाले हिस्से को बदलें:


"target": "https://video.example.com/watch/videoID?t=30"
टाइमस्टैंप अब कुछ ऐसा दिखेगा:

"target": "https://video.example.com/watch/videoID?t={seek_to_second_number}"

Search Console की मदद से, ज़्यादा बेहतर नतीजों (रिच रिज़ल्ट) पर नज़र रखना

Search Console एक ऐसा टूल है जिसकी मदद से, आप Google Search में अपने पेज की परफ़ॉर्मेंस पर नज़र रख सकते हैं. Google Search के नतीजों में अपनी साइट को शामिल कराने के लिए, आपको Search Console में साइन अप करने की ज़रूरत नहीं है. हालांकि, इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि Google आपकी साइट को कैसे देखता है. साथ ही, इसकी मदद से, साइट की परफ़ॉर्मेंस को भी बेहतर बनाया जा सकता है. हमारा सुझाव है कि आप इन मामलों में Search Console देखें:

  1. पहली बार स्ट्रक्चर्ड डेटा इस्तेमाल करने के बाद
  2. नए टेंप्लेट जारी करने या कोड को अपडेट करने के बाद
  3. समय-समय पर ट्रैफ़िक का विश्लेषण करते समय

पहली बार स्ट्रक्चर्ड डेटा इस्तेमाल करने के बाद

जब Google, आपके पेजों को इंडेक्स कर ले, तब ज़्यादा बेहतर नतीजों (रिच रिज़ल्ट) की स्थिति वाली रिपोर्ट का इस्तेमाल करके, उन गड़बड़ियों को देखें जिन्हें ठीक करने की ज़रूरत है. आम तौर पर, सही पेजों की संख्या में बढ़ोतरी होगी और गड़बड़ियों या चेतावनियों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी. अगर आपको स्ट्रक्चर्ड डेटा में गड़बड़ियां मिलती हैं, तो:

  1. गड़बड़ियां ठीक करें.
  2. लाइव यूआरएल की जांच करें और देखें कि गड़बड़ी ठीक हुई या नहीं.
  3. स्थिति की रिपोर्ट का इस्तेमाल करके, पुष्टि करने का अनुरोध करें.

नए टेंप्लेट जारी करने या कोड को अपडेट करने के बाद

जब आप वेबसाइट में कई ज़रूरी बदलाव करते हैं, तब स्ट्रक्चर्ड डेटा की गड़बड़ियों और चेतावनियों में हुई बढ़ोतरी पर नज़र रखें.
  • अगर आपको गड़बड़ियों में बढ़ोतरी दिखती है, तो हो सकता है कि आपने ऐसा नया टेंप्लेट रोल आउट किया हो जो काम नहीं करता. इसके अलावा, यह भी हो सकता है कि आपकी साइट, मौजूदा टेंप्लेट से नए और खराब तरीके से इंटरैक्ट कर रही हो.
  • अगर आपको मान्य आइटम की संख्या में कमी दिखती है, यानी वह गड़बड़ियों में बढ़ोतरी से मेल नहीं खाती, तो हो सकता है कि अब आप पेजों में स्ट्रक्चर्ड डेटा एम्बेड नहीं कर रहे हैं. गड़बड़ी की वजह जानने के लिए, यूआरएल जांचने वाले टूल का इस्तेमाल करें.

समय-समय पर ट्रैफ़िक का विश्लेषण करना

परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट का इस्तेमाल करके, Google Search से आने वाले ट्रैफ़िक का विश्लेषण करें. आपको डेटा से पता चलेगा कि आपका पेज Search में, ज़्यादा बेहतर नतीजे (रिच रिज़ल्ट) के तौर पर कितनी बार दिखता है. साथ ही, यह भी पता चलेगा कि लोग उस पर कितनी बार क्लिक करते हैं और खोज के नतीजों में आपकी साइट के दिखने की औसत जगह क्या है. आपके पास इन नतीजों को Search Console API की मदद से अपने-आप देखने का भी विकल्प है.

समस्या का हल करना

अगर आपको स्ट्रक्चर्ड डेटा लागू करने या डीबग करने में कोई समस्या आ रही है, तो यहां कुछ ऐसे रिसॉर्स दिए गए हैं जिनसे आपको मदद मिल सकती है.