नए उपयोगकर्ताओं के लिए Google Search कैसे काम करता है

Google को कई स्रोतों से जानकारी मिलती है. जैसे:

  • वेब पेज
  • Google My Business और Maps जैसे प्रॉडक्ट का इस्तेमाल करने वाले लोगों की ओर से दी गई जानकारी
  • स्कैन हुई किताबों में उपलब्ध जानकारी
  • इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक डेटाबेस
  • दूसरे कई स्रोत

हालांकि, यहां सिर्फ़ वेब पेजों के बारे में जानकारी दी गई है. वेब पेजों से नतीजे दिखाने के लिए, Google तीन बुनियादी तरीके अपनाता है:

क्रॉल करना

सबसे पहले, यह पता लगाया जाता है कि वेब पर किस तरह के पेज मौजूद हैं. सभी वेब पेजों के लिए कोई एक रजिस्ट्री नहीं है, इसलिए Google लगातार नए पेज ढूंढता है. साथ ही, उन्हें ऐसे पेजों की सूची में जोड़ता रहता है जिनकी जानकारी Google को पहले से है. Google के पास कुछ पेजों के बारे में पहले से जानकारी होती है, क्योंकि वे पहले ही क्रॉल किए जा चुके होते हैं. जब क्रॉल किए जा चुके किसी पेज से Google को नए पेज का लिंक मिलता है, तब उसे दूसरे पेजों का पता चलता है. कुछ पेज तब मिलते हैं, जब वेबसाइट का मालिक पेजों को क्रॉल करवाने के लिए, उनकी सूची (साइटमैप) Google को सबमिट करता है. अगर आप Wix या Blogger जैसे मैनेज किए जा रहे किसी वेब होस्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो ये कंपनियां आपके अपडेट किए गए पेजों या नए पेजों को क्रॉल करवाने के लिए, Google को जानकारी भेज सकती हैं.

जब Google को किसी पेज का यूआरएल मिलता है, तो वह उस पर जाता है या उसे क्रॉल करता है, ताकि पता चल सके कि पेज पर कैसा कॉन्टेंट मौजूद है. Google पेज को रेंडर करता है. साथ ही, उस पर मौजूद टेक्स्ट और बिना टेक्स्ट वाले कॉन्टेंट के अलावा, पेज के पूरे विज़ुअल लेआउट का भी विश्लेषण करता है. ऐसा करके Google तय करता है कि Search के नतीजों में पेज कहां दिखना चाहिए. Google आपकी साइट को जितने बेहतर तरीके से समझेगा, हम उतनी ही आसानी से उन लोगों को आपका कॉन्टेंट दिखा पाएंगे जो इस तरह का कॉन्टेंट ढूंढ रहे हैं.

क्रॉल होने के लिए अपनी साइट को बेहतर बनाने के तरीके:

  • पक्का करें कि Google आपकी साइट के पेजों तक पहुंच सके और वे सही दिखते हों. Google, वेब को एक ऐसे उपयोगकर्ता के तौर पर ऐक्सेस करता है जिसके पास पासवर्ड या कोई जानकारी नहीं है. पेज की सही जानकारी पाने के लिए, Google को पेज पर मौजूद सभी इमेज और दूसरे एलिमेंट ठीक से दिखने चाहिए. आप मोबाइल-फ़्रेंडली जांच वाले टूल में अपने पेज का यूआरएल टाइप करके, जल्दी से पेज की जांच कर सकते हैं.
  • अगर आपने कोई पेज बनाया या अपडेट किया है, तो आप उसका यूआरएल अलग से Google को सबमिट कर सकते हैं. Google को एक साथ, कई नए या अपडेट किए गए पेजों के बारे में बताने के लिए, साइटमैप का इस्तेमाल करें.
  • अगर आप चाहते हैं कि Google आपकी साइट के सिर्फ़ एक पेज को क्रॉल करे, तो वह पेज आपकी साइट का होम पेज होना चाहिए. Google के हिसाब से, होम पेज आपकी साइट का सबसे अहम पेज होता है. अगर आप चाहते हैं कि आपकी साइट को अच्छी तरह क्रॉल किया जाए, तो ध्यान रखें कि आपके होम पेज और सभी पेजों पर अच्छा साइट नेविगेशन सिस्टम होना चाहिए, जो आपकी साइट के अहम पेजों और सेक्शन को लिंक करता हो. इससे, उपयोगकर्ताओं और Google को आपकी साइट पर एक जगह से दूसरी जगह पर जाने में आसानी होती है. छोटी साइटों के लिए (जिनमें 1,000 से कम पेज हैं), Google को यह जानकारी दें कि आपके होम पेज पर ही सभी ज़रूरी चीज़ें हैं. इससे, Google आपके होम पेज से शुरू होने वाले लिंक के पाथ फ़ॉलो करता हुआ आपके दूसरे सभी पेजों पर पहुंच सकता है.
  • अपने पेज को किसी ऐसे पेज से लिंक करें जिसे Google पहले ही क्रॉल कर चुका हो. हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि विज्ञापन में दिए गए लिंक, दूसरी साइटों पर पैसे देकर दिखाए गए लिंक या टिप्पणियों में दिए गए लिंक क्रॉल नहीं किए जाते. साथ ही, Google ऐसे लिंक भी क्रॉल नहीं करता जो Google वेबमास्टर गाइडलाइन के हिसाब से सही नहीं होते हैं.

इंडेक्स करना

पेज का पता लगने के बाद, Google यह समझने की कोशिश करता है कि पेज किस बारे में है. इस प्रक्रिया को इंडेक्स करना कहते हैं. Google, पेज के कॉन्टेंट का विश्लेषण करता है, पेज पर जोड़ी गई इमेज और वीडियो फ़ाइलों को अपनी लाइब्रेरी में सेव करता है. इसके अलावा, दूसरे तरीकों से पेज को समझने की कोशिश भी करता है. यह जानकारी, Google इंडेक्स में सेव की जाती है. यह ऐसा डेटाबेस है जो बहुत सारे कंप्यूटर में स्टोर होता है.

इंडेक्स होने के लिए अपने पेज को बेहतर बनाना:

  • पेज के ऐसे शीर्षक बनाएं जो छोटे हों और उपयोगकर्ता को आसानी से समझ में आ सकें.
  • पेज के बारे में बताने के लिए ऐसी हेडिंग का इस्तेमाल करें जिससे लोग समझ पाए कि पेज किस बारे में है.
  • कॉन्टेंट के बारे में बताने के लिए, इमेज के बजाय टेक्स्ट का इस्तेमाल करें. Google कुछ इमेज और वीडियो को समझ सकता है, लेकिन उन्हें उतनी अच्छी तरह से नहीं समझ पाता जितनी अच्छी तरह से टेक्स्ट को समझता है. इसलिए, कम से कम अपने वीडियो और इमेज के ऊपर टेक्स्ट, लिंक वगैरह जैसी व्याख्याएं जोड़ें. ज़रूरत के मुताबिक, आपको दूसरे एट्रिब्यूट भी जोड़ने चाहिए.

पेज दिखाना और उन्हें रैंक देना

जब किसी उपयोगकर्ता की क्वेरी आती है, तब Google अपने इंडेक्स से सबसे सटीक नतीजे ढूंढने की कोशिश करता है. इसके लिए, Google कई बातें ध्यान में रखता है. Google सबसे अच्छी क्वालिटी वाले नतीजे दिखाने की कोशिश करता है. ऐसा करने के लिए, वह उपयोगकर्ता के अनुभव को बेहतर बनाने वाली बातें ध्यान में रखता है. Google उपयोगकर्ता की जगह की जानकारी, भाषा, और डिवाइस (डेस्कटॉप या फ़ोन) जैसी दूसरी जानकारी को ध्यान में रखकर सटीक नतीजे दिखाता है. उदाहरण के लिए, अगर भारत में कोई उपयोगकर्ता इंटरनेट पर "साइकल की मरम्मत करने वाली दुकान" के बारे में खोजता है और बांग्लादेश में भी कोई उपयोगकर्ता इंटरनेट पर यही खोज करता है, तो दोनों को अलग-अलग खोज के नतीजे दिखेंगे. Google किसी पेज की रैंक बढ़ाने के लिए पैसा नहीं लेता. पेज की रैंकिंग, प्रोग्राम की मदद से तय की जाती है.

खोज के नतीजों में पेज को बेहतर तरीके से दिखाने और उसकी रैंकिंग बेहतर करने के लिए:

और ज़्यादा जानकारी

Search कैसे काम करता है, इस बारे में ज़्यादा जानना चाहते हैं? Google Search के काम करने के तरीके के बारे में बताने वाली बेहतर गाइड पढ़ें.