सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन (SEO) शुरू करने के लिए गाइड

यह गाइड किसके लिए है?

अगर आप ऑनलाइन कॉन्टेंट के मालिक हैं और उसे प्रबंधित करने, उससे कमाई करने या उसका प्रचार करने के लिए Google Search का इस्तेमाल करते हैं, तो यह गाइड आपके लिए है. हो सकता है कि आप किसी ऐसी कंपनी के मालिक हों जो लगातार आगे बढ़ रही हो, दर्जनों साइटों के मालिक हों, किसी वेब एजेंसी में एसईओ विशेषज्ञ हों या Search की बारीकियों के बारे में जानने वाले DIY एसईओ हों : यह गाइड आपके लिए है. अगर आप हमारे सबसे सही तरीकों के हिसाब से, एसईओ के इस्तेमाल से जुड़ी बुनियादी बातों की पूरी जानकारी पाना चाहते हैं, तो यह गाइड आपकी मदद करेगी. इस गाइड में ऐसी कोई अनोखी बात नहीं बताई गई है जिससे आपकी साइट, Google पर अपने-आप पहली रैंक पर आ जाए (माफ़ करें!). हालांकि, उम्मीद है कि नीचे बताए गए सबसे अच्छे तरीकों का इस्तेमाल करने से, सर्च इंजन आपके कॉन्टेंट को आसानी से क्रॉल कर सकेंगे, इंडेक्स कर सकेंगे, और उसे समझ सकेंगे.

सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन (एसईओ) के तहत, अक्सर आपकी वेबसाइट के कुछ हिस्सों में छोटे-छोटे बदलाव किए जाते हैं. अलग-अलग देखने पर, ये बदलाव ज़रूर छोटे-छोटे सुधार लग सकते हैं. हालांकि, अगर इन्हें दूसरे ऑप्टिमाइज़ेशन के साथ जोड़कर देखा जाए, तो ये आपकी साइट पर आने वाले उपयोगकर्ताओं के अनुभव और ऑर्गैनिक सर्च नतीजों की परफ़ॉर्मेंस के लिहाज़ से, काफ़ी असरदार साबित हो सकते हैं. हो सकता है कि आप इस गाइड के बहुत से विषयों के बारे में पहले से जानते हों, क्योंकि वे किसी भी वेब पेज के लिए ज़रूरी होते हैं. हालांकि, यह भी हो सकता है कि आपको उनका पूरा फ़ायदा न मिल पा रहा हो.

आपको ऐसी वेबसाइट बनानी चाहिए जिससे आपके उपयोगकर्ताओं को फ़ायदा हो और उनके अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लगातार वेबसाइट को ऑप्टिमाइज़ करते रहना चाहिए. इन उपयोगकर्ताओं में सर्च इंजन भी शामिल है, जो दूसरे उपयोगकर्ताओं को आपका कॉन्टेंट खोजने में मदद करता है. सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन की मदद से, सर्च इंजन आपके कॉन्टेंट को समझ पाते हैं और खोज नतीजों में दिखा पाते हैं. हो सकता है कि आपकी साइट, हमारी उस साइट से छोटी या बड़ी हो जिसका हमने उदाहरण दिया है. यह भी हो सकता है कि उसमें दिया गया बहुत सा कॉन्टेंट अलग हो, लेकिन ऑप्टिमाइज़ेशन विषय पर यहां बताई गई सारी बातें, हर तरह की साइट पर लागू होती हैं. हम उम्मीद करते हैं कि हमारी गाइड से, आपको अपनी वेबसाइट को बेहतर बनाने के कुछ नए तरीकों का पता चलेगा. साथ ही, हमें Google Search Central के सहायता समुदाय1 पर आपके सवाल, सुझाव, राय या शिकायत, और गाइड इस्तेमाल करने से मिली सफलता की कहानी के बारे में जानकर खुशी होगी.

हमें उम्मीद है कि आपको इस कॉन्टेंट से काफ़ी फ़ायदा मिलेगा. हम यह भी उम्मीद करते हैं कि आप हमारे Google सहायता फ़ोरम में अपने सुझाव, राय या शिकायत भेजेंगे. इनके आधार पर हम अपने कॉन्टेंट को और बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे

आप गाइड को सेव कर सकते हैं. साथ ही, ज़िम्मेदारी के साथ इसे प्रिंट और दोबारा शेयर कर सकते हैं: आइए, मिलकर वेब की क्वालिटी सुधारें.

पढ़ने का आनंद लें!

आपकी,
Google Search की क्वालिटी टीम

शुरुआत करना

शब्दावली

यहां इस गाइड में इस्तेमाल किए जाने वाले अहम शब्दों की एक छोटी सी शब्दावली दी गई है:
  • इंडेक्स - Google, इंडेक्स में उन सभी वेब पेज को स्टोर करता है जिनके बारे में उसे जानकारी है. इंडेक्स में हर पेज को दर्ज करने से, उस पेज के कॉन्टेंट और जगह (यूआरएल) की जानकारी मिलती है. जब Google कोई पेज फ़ेच करता है, उसे पढ़ता है, और उसे इंडेक्स में जोड़ता है, तो इसे इंडेक्स करना कहते हैं: Google ने आज मेरी साइट पर कई पेज इंडेक्स किए.
  • क्रॉल - यह नए या अपडेट किए गए वेब पेजों को खोजने की प्रोसेस है. यूआरएल खोजने के लिए Google, लिंक पर जाता है, साइटमैप पढ़ता है, और कई दूसरे तरीके अपनाता है. Google नए पेज खोजने के लिए वेब क्रॉल करता है, फिर उन्हें (जब सही हो) इंडेक्स करता है.
  • क्रॉलर - अपने-आप काम करने वाला सॉफ़्टवेयर, जो वेब से पेज क्रॉल करता (फ़ेच करता है) है और उन्हें इंडेक्स करता है.
  • Googlebot - Google के क्रॉलर का सामान्य नाम. Googlebot लगातार वेब क्रॉल करता है.
  • एसईओ - सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन : अपनी साइट को सर्च इंजन के लिए बेहतर बनाने की प्रोसेस है. साथ ही, सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन की नौकरी से आजीविका चलाने वाले व्यक्ति को भी एसईओ कहा जाता है: हमने वेब पर अपनी मौजूदगी को बेहतर बनाने के लिए, हाल ही में एक नए एसईओ को नौकरी पर रखा है.

क्या आपकी साइट Google पर दिखती है?

पता करें कि आपकी साइट Google के इंडेक्स में है या नहीं - साइट खोजने के लिए, site: साइट का यूआएल (Site: URL) डालकर सर्च करें. अगर आपको नतीजे दिखते हैं, तो आपकी साइट इंडेक्स में शामिल है. उदाहरण के लिए, "site:wikipedia.org" खोजने पर ये नतीजे2 दिखते हैं.

अगर आपकी साइट Google में शामिल नहीं है - हालांकि, Google अरबों पेज क्रॉल करता है, इसलिए इस प्रक्रिया में कुछ फ़ाइलें छूट सकती हैं. जब हमारे क्रॉलर से कोई भी साइट छूटती है, तो ऐसा अक्सर इनमें से किसी एक वजह से होता है:

  • साइट, वेब पर मौजूद दूसरी साइटों से अच्छी तरह से कनेक्ट नहीं है
  • आपने अभी-अभी कोई नई साइट लॉन्च की है और Google को अब तक उसे क्रॉल करने का समय नहीं मिला है
  • साइट के डिज़ाइन की वजह से, Google को साइट के कॉन्टेंट को बेहतर तरीके से क्रॉल करने में दिक्कत होती है
  • Google को आपकी साइट क्रॉल करने की कोशिश में कोई गड़बड़ी मिली
  • आपकी नीति Google को साइट क्रॉल करने से रोकती है

मैं ऐसा क्या करूं कि मेरी साइट Google के खोज नतीजों में दिखाई दे?

Google के खोज नतीजों में शामिल होना मुफ़्त और आसान है; यहां तक कि आपको Google पर अपनी साइट सबमिट करने की भी ज़रूरत नहीं होती. Google पूरी तरह से अपने-आप काम करने वाला एक सर्च इंजन है, जो लगातार वेब के बारे में और जानने के लिए वेब क्रॉलर का इस्तेमाल करता है. साथ ही, हमारे इंडेक्स में जोड़ने के लिए साइटें खोजता है. असल में, हमारे नतीजों में शामिल की गई ज़्यादातर साइट मैन्‍युअल रूप से सबमिट नहीं की जातीं, बल्कि जब हम वेब क्रॉल करते हैं तब उन्हें ढूंढकर अपने आप इंडेक्स में जोड़ते हैं. जानें कि Google वेब पेजों को कैसे खोजता है, कैसे क्रॉल करता है, और उन्हें किस तरह दिखाता है.3

Google-फ़्रेंडली वेबसाइट बनाने के लिए, हमने वेबमास्टर गाइडलाइन4 तय की हैं. हालांकि, इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि क्रॉलर को आपकी साइट मिलेगी ही, लेकिन इन दिशा-निर्देशों का पालन करके अपनी साइट को हमारे खोज नतीजों में दिखाने में आपको मदद मिलेगी.

Google Search Console, आपको अपने कॉन्टेंट Google पर सबमिट करने में मदद के लिए टूल मुहैया कराता है. साथ ही, यह मॉनिटर करता है कि Google Search में आपकी परफ़ॉर्मेंस कैसी है. अगर आप चाहें, तो Search Console ऐसी अहम समस्याओं के बारे में आपको सूचनाएं भी भेज सकता है जो आपकी साइट के मामले में Google के सामने आती हैं. Search Console के लिए साइन अप करना5.

शुरू करते समय, अपनी वेबसाइट के बारे में खुद से पूछे जाने के लिए, यहां कुछ बुनियादी सवाल दिए गए हैं.

  • क्या मेरी वेबसाइट Google पर दिख रही है?
  • क्या मैं उपयोगकर्ताओं को अच्छी क्वालिटी का कॉन्टेंट देता/देती हूं?
  • क्या Google पर मेरा स्थानीय कारोबार दिख रहा है?
  • क्या हर डिवाइस पर मेरा कॉन्टेंट तेज़ी और आसानी से दिखता है?
  • क्या मेरी वेबसाइट सुरक्षित है?

आप http://g.co/webmasters6 पर, शुरुआत करने के बारे में ज़्यादा जानकारी पा सकते हैं

इस दस्तावेज़ के बाकी हिस्से में साइट को सर्च इंजन के लिए बेहतर बनाने के तरीके बताए गए हैं. इन्हें विषय के हिसाब से व्यवस्थित किया गया है. आप http://g.co/WebmasterChecklist7 पर जाकर, सलाह की एक छोटी और प्रिंट की जाने लायक चेकलिस्ट डाउनलोड कर सकते हैं.

क्या आपको एसईओ विशेषज्ञ की ज़रूरत है?

एक एसईओ ("सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन") विशेषज्ञ वह होता है जिसने सर्च इंजन पर आपकी वेबसाइट की मौजूदगी को बेहतर बनाने की ट्रेनिंग ली होती है. इस गाइड की मदद से अपनी साइट को ऑप्टिमाइज़ करना सीखा जा सकता है. इसके अलावा, हो सकता है कि आप एक ऐसे पेशेवर एसईओ को काम पर रखना चाहें जो आपके पेज ऑडिट करने में आपकी मदद कर सके.

एसईओ को काम पर रखना एक अच्छा फ़ैसला है, जिससे आपकी साइट में सुधार हो सकता है और आपका समय भी बच सकता है. इस बारे में अच्छी तरह खोजबीन कर लें कि किसी एसईओ को काम पर रखने के क्या-क्या फ़ायदे हो सकते हैं. साथ ही, यह भी पता कर लें कि गैर-ज़िम्मेदार एसईओ आपकी साइट को कितना नुकसान पहुंचा सकता है. कई एसईओ और दूसरी एजेंसियां और सलाहकार, वेबसाइट मालिकों को उपयोगी सेवाएं देते हैं, जिनमें ये शामिल हैं:

  • आपकी साइट के कॉन्टेंट या बनावट की समीक्षा करना
  • वेबसाइट डेवलपमेंट के बारे में तकनीकी सलाह: उदाहरण के लिए, होस्ट करना, रीडायरेक्ट करना, गड़बड़ी वाले पेज की जानकारी इकट्ठा करना, और JavaScript का इस्तेमाल करना
  • कॉन्टेंट डेवलपमेंट
  • ऑनलाइन कारोबार बढ़ाने के कैंपेन का प्रबंधन
  • कीवर्ड रिसर्च
  • एसईओ ट्रेनिंग
  • खास बाज़ारों और इलाकों के बारे में अच्छी जानकारी रखना

एसईओ की सेवा लेने से पहले, बेहतर होगा कि आप सर्च इंजन के काम करने के तरीके के बारे में जान लें. ऐसा करके आप एक जानकार ग्राहक बन पाएंगे. हमारा सुझाव है कि आप इस गाइड को पूरा पढ़ें और खासकर नीचे दिए गए इन लिंक को पढ़ें.

अगर आप किसी एसईओ को काम पर रखने की सोच रहे हैं, तो जितना जल्दी ऐसा करेंगे उतना बेहतर होगा. किसी को काम पर रखने का सबसे अच्छा समय तब है, जब आप कोई साइट दोबारा डिज़ाइन करने या नई साइट को लॉन्च करने के बारे में सोच रहे हों. इस तरह, आप और आपका एसईओ पक्का कर सकता है कि आपकी साइट को नीचे से ऊपर तक सर्च इंजन के अनुकूल बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है. हालांकि, एक अच्छा एसईओ एक मौजूदा साइट को सुधारने में सहायता भी कर सकता है.

एसईओ विशेषज्ञ को नौकरी पर कब रखना चाहिए और उसमें क्या खूबियां होनी चाहिए, इस बारे में ज़्यादा जानने के लिए, आप हमारे सहायता केंद्र पर मौजूद लेख "क्या आपको एसईओ की ज़रूरत है"11 को पढ़ सकते हैं

अपना कॉन्टेंट ढूंढने में Google की मदद करना

अपनी साइट को Google पर लाने का पहला तरीका, इस बात को लेकर पक्का होना है कि Google उसे ढूंढ सकता है. ऐसा करने का सबसे अच्छा तरीका साइटमैप सबमिट करना है. साइटमैप, आपकी साइट पर ऐसी फ़ाइल होती है जिससे सर्च इंजन को आपकी साइट के नए या बदले गए पेजों के बारे में जानकारी मिलती है. साइटमैप बनाने और सबमिट करने के बारे में ज़्यादा जानें12.

Google, दूसरे पेजों से मिले लिंक की मदद से भी पेज ढूंढता है. लोग आपकी साइट को कैसे खोजें, इसका तरीका जानने के लिए इस दस्तावेज़ में आगे अपनी साइट का प्रचार करें सेक्शन देखें.

Google को बताएं कि किन पेजों को क्रॉल नहीं किया जाना चाहिए

सबसे सही तरीकेk

जो जानकारी संवेदनशील न हो उसके लिए, robots.txt का इस्तेमाल करके अनचाही क्रॉलिंग को रोकें

"robots.txt" फ़ाइल से सर्च इंजन को पता चलता है कि क्या वे आपकी साइट के हिस्सों को ऐक्सेस और क्रॉल कर सकते हैं. इस फ़ाइल को, जिसका नाम "robots.txt" होना चाहिए, आपकी साइट की रूट डायरेक्‍ट्री में रखा जाता है. हो सकता है कि robots.txt से ब्लॉक होने के बावजूद पेज क्रॉल किए जा रहे हों, इसलिए संवेदनशील पेज के लिए आपको और ज़्यादा सुरक्षित तरीके का इस्तेमाल करना चाहिए.

# brandonsbaseballcards.com/robots.txt
# Tell Google not to crawl any URLs in the shopping cart or images in the icons folder,
# because they won't be useful in Google Search results.
User-agent: googlebot
Disallow: /checkout/
Disallow: /icons/

आप अपनी साइट के कुछ पेज शायद क्रॉल नहीं करना चाहेंगे, क्योंकि हो सकता है कि सर्च इंजन के खोज नतीजों में मिलने पर वे उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोगी न हों. अगर आप सर्च इंजन को अपने पेज क्रॉल करने से रोकना चाहते हैं, तो इसमें आपकी सहायता के लिए Google Search Console में मौजूद robots.txt जनरेटर एक बेहतर विकल्प हो सकता है. ध्यान दें कि अगर आपकी साइट सबडोमेन का इस्तेमाल करती है और आप चाहते हैं कि किसी खास सबडोमेन पर कुछ खास पेजों को क्रॉल नहीं किया जाए, तो आपको उस सबडोमेन के लिए एक अलग robots.txt फ़ाइल बनानी होगी. robots.txt के बारे में ज़्यादा जानने के लिए, robots.txt फ़ाइलों का इस्तेमाल करने13 से जुड़ी गाइड देखें.

कॉन्टेंट को खोज के नतीजों में दिखने से रोकने के कई और तरीकों के बारे में पढ़ें.14

ऐसा करने से बचें:

  • अपने खोज के नतीजों के अंदरूनी पेजों को, Google को क्रॉल न करने दें. उपयोगकर्ता आपकी साइट पर खोज के नतीजे वाले दूसरे पेज पर जाने के लिए, किसी सर्च इंजन नतीजे पर क्लिक करना पसंद नहीं करते हैं.
  • प्रॉक्सी सेवाओं के किसी नतीजे के रूप में बनाए गए यूआरएल को क्रॉल करने की अनुमति देना.

संवेदनशील जानकारी के लिए, ज़्यादा सुरक्षित तरीकों का इस्तेमाल करना

संवेदनशील या गोपनीय जानकारी पर रोक लगाने के लिए, robots.txt सही या असरदार तरीका नहीं है. यह सिर्फ़ अच्छे व्यवहार वाले क्रॉलर को निर्देश देता है कि ये पेज उनके लिए नहीं हैं, लेकिन यह आपके सर्वर को ब्राउज़र के लिए ऐसे पेज डिलीवर करने से नहीं रोकता है जिनका अनुरोध किया गया है. इसकी एक वजह यह है कि अगर इंटरनेट पर कहीं उन यूआरएल के लिंक मौजूद हैं (जैसे कि रेफ़र करने वाले का लॉग) जिन पर आपने रोक लगाई है (सिर्फ़ यूआरएल दिखाना, शीर्षक या स्निपेट नहीं), तो खोज इंजन अब भी उन यूआरएल का संदर्भ ले सकता है. साथ ही, नियमों का पालन न करने वाले या परेशान करने वाले सर्च इंजन, जो रोबोट एक्सक्लूज़न स्टैंडर्ड को नहीं मानते वे आपके robots.txt के निर्देशों का उल्लंघन कर सकते हैं. आखिर में, एक उत्सुक उपयोगकर्ता आपकी robots.txt फ़ाइल में डायरेक्ट्री या सबडायरेक्ट्री की जांच कर सकता है. साथ ही, उस कॉन्टेंट के यूआरएल का अनुमान लगा सकता है जिसे आप नहीं दिखाना चाहते.

ऐसे मामलों में, अगर आप यह चाहते हैं कि पेज Google पर खोज के नतीजों में न दिखे, तो noindex टैग का इस्तेमाल करें. ध्यान रहे कि वे सभी उपयोगकर्ता पेज पर जा सकते हैं जिनके पास इस पेज का लिंक है. हालांकि, सुरक्षा के लिए आपको अनुमति वाले उचित तरीकों का इस्तेमाल करना चाहिए, जैसे कि उपयोगकर्ता का पासवर्ड ज़रूरी होना या पेज को अपनी साइट से पूरी तरह से हटाना.

अपने कॉन्टेंट को समझने में Google (और उपयोगकर्ताओं) की मदद करना

Google को उसी तरह अपना पेज देखने दें जिस तरह से किसी उपयोगकर्ता को दिखता है

जब Googlebot किसी पेज को क्रॉल करता है, तब उसे पेज उसी तरह दिखना चाहिए जिस तरह वह किसी सामान्य उपयोगकर्ता को दिखता है15. सबसे अच्छी रेंडरिंग और इंडेक्सिंग के लिए, Googlebot को हमेशा उन इमेज फ़ाइलों, JavaScript, और सीएसएस का इस्तेमाल करने दें जिन्हें आप अपनी वेबसाइट पर इस्तेमाल करते हैं. अगर आपकी साइट की robots.txt फ़ाइल इन एसेट को क्रॉल करने की अनुमति नहीं देती है, तो इससे आपके कॉन्टेंट को रेंडर और इंडेक्स करने के हमारे एल्गोरिदम पर सीधा असर पड़ता है. रेंडर और इंडेक्स करने के काम अच्छी तरह नहीं हो पाते हैं. इससे आपकी साइट की रैंकिंग में गिरावट आ सकती है.

सुझाई गई कार्रवाई:

  • यूआरएल जांचने वाले टूल का इस्तेमाल करें16. इससे आप यह जान पाएंगे कि Googlebot आपके कॉन्टेंट को कैसे देखता और रेंडर करता है. साथ ही, इससे आपको साइट को इंडेक्स किए जाने में आ रही समस्याओं को पहचानने और उन्हें ठीक करने में मदद मिलेगी.

पेज के लिए सबसे अलग और सटीक शीर्षक बनाना

<title> टैग से उपयोगकर्ता और सर्च इंजन, दोनों को यह पता चलता है कि किसी खास पेज का विषय क्या है. <title> टैग, एचटीएमएल दस्तावेज़ के <head> एलिमेंट में होना चाहिए. आपको अपनी साइट के हर पेज के लिए एक अलग शीर्षक बनाना चाहिए.

<html>
<head>
    <title>Brandon's Baseball Cards - Buy Cards, Baseball News, Card Prices</title>
    <meta name="description" content="Brandon's Baseball Cards provides a large selection of
    vintage and modern baseball cards for sale.
    We also offer daily baseball news and events.">
</head>
<body>
...

खोज नतीजों के लिए अच्छे शीर्षक और स्निपेट बनाना

अगर आपका दस्तावेज़ खोज नतीजों के पेज में दिखता है, तो शीर्षक तय करने वाले टैग का कॉन्टेंट, खोज के नतीजों की पहली लाइन में दिख सकता है. अगर आप Google के खोज के नतीजों के अलग-अलग हिस्सों के बारे में नहीं जानते, तो खोज के नतीजे की बनावट के बारे में बताने वाला वीडियो देखें17.

आपकी साइट पर होम पेज के शीर्षक में आपकी वेबसाइट/कारोबार का नाम शामिल हो सकता है. इसमें आपके कारोबार के पते जैसी ज़रूरी जानकारी शामिल हो सकती है. इसके अलावा, इसमें आप अपने कारोबार के बारे में कुछ खास जानकारी या उपयोगकर्ताओं को दी जाने वाली खास सुविधाओं की जानकारी भी शामिल कर सकते हैं.

सबसे सही तरीके

पेज के कॉन्टेंट के बारे में सटीक जानकारी दें

ऐसा शीर्षक चुनें जो आसानी से समझ में आ जाए और जिससे पेज पर मौजूद कॉन्टेंट के विषय की सटीक जानकारी मिले.

ऐसा करने से बचें:

  • ऐसा शीर्षक चुनना जिसका पेज के कॉन्टेंट से कोई संबंध नहीं है.
  • "बिना शीर्षक वाला" या "नया पेज 1" जैसे डिफ़ॉल्ट या आसानी से समझ न आने वाले शीर्षक का इस्तेमाल करना.

हर पेज के लिए खास शीर्षक बनाना

आम तौर पर आपकी साइट के हर पेज का एक खास शीर्षक होना चाहिए. इससे Google को यह जानने में मदद मिलती है कि वह पेज आपकी साइट के दूसरे पेज से कैसे अलग है. अगर आपकी साइट अलग मोबाइल वर्शन वाले पेज का इस्तेमाल करती है, तो आप मोबाइल वर्शन पर भी अच्छे शीर्षकों का इस्तेमाल करना याद रखें.

ऐसा करने से बचें:

  • अपनी साइट के सभी पेज या कई सारे पेज के लिए एक शीर्षक का इस्तेमाल करना.

छोटे, लेकिन जानकारी देने वाले शीर्षकों का इस्तेमाल करें

शीर्षक छोटे होने के साथ-साथ जानकारी देने वाले भी हो सकते हैं. अगर शीर्षक बहुत लंबा है या उतना सही नहीं है, तो Google सिर्फ़ उसके किसी हिस्से को दिखा सकता है या उसको दिखा सकता है जो खोज नतीजे में अपने-आप जनरेट हुआ है. उपयोगकर्ता की क्वेरी या खोज करने के लिए इस्तेमाल किए गए डिवाइस के आधार पर, Google अलग-अलग शीर्षक भी दिखा सकता है.

ऐसा करने से बचें:

  • बहुत ही लंबे शीर्षकों का इस्तेमाल करना जो उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोगी नहीं होते हैं.
  • अपने शीर्षक टैग में ग़ैर-ज़रूरी कीवर्ड डालना.

"जानकारी" मेटा टैग इस्तेमाल करना

किसी पेज की जानकारी देने वाले मेटा टैग से, Google और दूसरे सर्च इंजन को यह पता चलता है कि पेज किस बारे में है. एक पेज का शीर्षक, कुछ शब्द या एक वाक्यांश हो सकता है, जबकि पेज की जानकारी देने वाला मेटा टैग, एक या दो वाक्यों में या फिर एक छोटे पैराग्राफ़ के रूप में हो सकता है. <title> टैग की तरह ही, जानकारी देने वाला मेटा टैग आपके एचटीएमएल दस्तावेज़ के <head> एलिमेंट में होता है.

<html>
<head>
    <title>Brandon's Baseball Cards - Buy Cards, Baseball News, Card Prices</title>
    <meta name="description" content="Brandon's Baseball Cards provides a large selection of vintage and modern baseball cards for sale. We also offer daily baseball news and events.">
</head>
<body>
...

जानकारी देने वाले मेटा टैग के क्या फ़ायदे हैं?

जानकारी मेटा टैग इसलिए अहम हैं क्योंकि Google उन्हें आपके पेज के लिए स्निपेट के रूप में इस्तेमाल कर सकता है. ध्यान दें कि हमने "कर सकता है" कहा, क्योंकि अगर किसी उपयोगकर्ता की क्वेरी से, आपके पेज का दिखने वाला कोई सेक्शन पूरी तरह से मिलता-जुलता है, तो Google उस सेक्शन को चुन कर इस्तेमाल कर सकता है. Google को स्निपेट में इस्तेमाल करने के अच्छे टेक्स्ट न मिल पाने जैसी स्थिति के लिए, अपने हर पेज में जानकारी देने वाले मेटा टैग जोड़ना हमेशा मददगार साबित होता है. Google Search Central ब्लॉग पर बेहतर जानकारी देने वाले मेटा टैग इस्तेमाल करके स्निपेट में सुधार करने18 और अपने उपयोगकर्ताओं के लिए बेहतर स्निपेट बनाने19 के बारे में जानकारी देने वाले पोस्ट मौजूद हैं. हमारे सहायता केंद्र पर, अच्छे शीर्षक और स्निपेट बनाने के तरीकों20 के बारे में आसानी से समझ में आने वाला लेख भी मौजूद है.

सबसे सही तरीके

पेज के कॉन्टेंट के बारे में कम शब्दों में सटीक जानकारी दें

ब्यौरा इस तरह से लिखें कि अगर आपके उपयोगकर्ताओं को खोज के नतीजे में जानकारी देने वाला मेटा टैग, स्निपेट के रूप में दिखे, तो ब्यौरा सूचना देने के साथ दिलचस्पी भी जगाए. हालांकि, जानकारी देने वाले मेटा टैग में टेक्स्ट की लंबाई की कोई सीमा नहीं है. वह कितना भी लंबा या छोटा हो सकता है. हालांकि, हमारा सुझाव है कि आप यह पक्का कर लें कि वह Search में दिखाए जाने के लिए पूरी तरह से तैयार हो (ध्यान दें कि उपयोगकर्ताओं को उनके खोज करने के तरीके और जगह के हिसाब से स्निपेट का आकार अलग-अलग दिख सकता है). साथ ही, इस बात का भी ध्यान रखें कि उसमें कम से कम इतनी जानकारी ज़रूर हो, जिससे उपयोगकर्ता यह तय कर पाएं कि आपका पेज उनके लिए कितने काम का है.

ऐसा करने से बचें:

  • जानकारी देने वाला ऐसा मेटा टैग लिखना जिसका पेज के कॉन्टेंट से कोई संबंध न हो.
  • सामान्य जानकारी, जैसे कि "यह वेब पेज है" या "क्रिकेट के बारे में पेज" का इस्तेमाल करना.
  • जानकारी सिर्फ़ कीवर्ड से भर देना.
  • दस्तावेज़ के पूरे कॉन्टेंट को कॉपी करके, जानकारी देने वाले मेटा टैग में पेस्ट करना.

हर पेज के लिए अलग जानकारी का इस्तेमाल करना

हर पेज के लिए अलग जानकारी देने वाला मेटा टैग होने से, उपयोगकर्ताओं और Google, दोनों को मदद मिलती है, खासकर उन खोज में जहां उपयोगकर्ता आपके डोमेन के लिए कई सारे पेज ला सकते हैं. उदाहरण के लिए, site: ऑपरेटर का इस्तेमाल करके की गई खोजें. अगर आपकी साइट के हज़ारों या लाखों पेज हैं, तो हो सकता है कि हर जानकारी देने वाले मेटा टैग के लिए आप जानकारी न लिख पाएं. ऐसी स्थिति में, आप हर पेज के कॉन्टेंट के हिसाब से अपने-आप जानकारी देने वाला मेटा टैग जनरेट कर सकते हैं.

ऐसा करने से बचें:

  • अपनी साइट के सभी पेज या कई सारे पेज में एक जानकारी देने वाला मेटा टैग का इस्तेमाल करना.

ज़रूरी लेख को खास तौर से दिखाने के लिए हेडिंग टैग का इस्तेमाल करना

ज़रूरी विषयों की जानकारी देने के लिए सही शीर्षकों का इस्तेमाल करें. साथ ही, अपने कॉन्टेंट के हिस्सों को उनकी अहमियत के आधार पर लगाने में मदद करें, इससे उपयोगकर्ताओं को आपके दस्तावेज़ में एक जगह से दूसरी जगह जाने में मदद मिलती है.

सबसे सही तरीके

मान लीजिए कि आप एक आउटलाइन लिख रहे हैं

जिस तरह आप किसी बड़े पेपर के लिए आउटलाइन लिखते हैं उसी तरह पेज के कॉन्टेंट के मुख्य और उप बिंदुओं के बारे में, पहले ही सोच लें. इसके बाद तय करें कि हेडिंग टैग को कहां इस्तेमाल किया जाना सही रहेगा.

ऐसा करने से बचें:

  • हेडिंग टैग में ऐसे टेक्स्ट लिखना जिससे पेज की बनावट को परिभाषित करने में मदद नहीं मिलेगी.
  • हेडिंग टैग का इस्तेमाल वहां करना जहां शायद <em> और <strong> जैसे दूसरे टैग का इस्तेमाल करना ज़्यादा बेहतर हो.
  • हेडिंग टैग के आकार को बार-बार बदलते रहना.

पेज में जहां ज़रूरत हो वहीं शीर्षक का इस्तेमाल करना

हेडिंग टैग वहां इस्तेमाल करें जहां उसकी ज़रूरत है. किसी पेज पर कई सारे हेडिंग टैग होने से, उपयोगकर्ताओं के लिए कॉन्टेंट की पहचान करना और यह तय करना मुश्किल हो सकता है कि एक विषय कहां खत्म हुआ है और दूसरा कहां से शुरू हुआ है.

ऐसा करने से बचें:

  • किसी पेज पर हेडिंग टैग का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल करना.
  • बहुत लंबे शीर्षक.
  • लेख को सिर्फ़ शैली में ढालने के लिए हेडिंग टैग का इस्तेमाल करना, संरचना दिखाने के लिए नहीं.

व्यवस्थित डेटा का मार्कअप जोड़ना

स्ट्रक्चर्ड डेटा21 वह कोड होता है जिसे आप अपनी साइट के पेज में जोड़कर, सर्च इंजन को अपने कॉन्टेंट के बारे में जानकारी दे सकते हैं, ताकि उपयोगकर्ता आपके पेज के कॉन्टेंट को बेहतर तरीके से समझ सकें. सर्च इंजन इस जानकारी का इस्तेमाल करके, खोज नतीजों में आपके कॉन्टेंट को उपयोगी (और लोगों का ध्यान खींचने वाले!) तौर पर दिखा सकते हैं. ऐसा करने से, अपने कारोबार के लिए सही ग्राहकों का ध्यान खींचने में मदद मिल सकती है.

समीक्षा के स्टार के मुताबिक, स्ट्रक्चर्ड डेटा का इस्तेमाल करके बेहतर खोज के नतीजे दिखाने वाली इमेज.

उदाहरण के लिए, अगर आपका ऑनलाइन स्टोर है और उसमें आपने किसी प्रॉडक्ट के पेज पर मार्कअप जोड़ा है, तो इससे हमें यह समझने में मदद मिलती है कि पेज पर मोटरसाइकल, उसकी कीमत, और ग्राहकों की समीक्षाएं दी गई हैं. हम प्रॉडक्ट के बारे में की गई क्वेरी के लिए, खोज नतीजों के स्निपेट में वह जानकारी दिखा सकते हैं. हम इन्हें "रिच रिज़ल्ट" कहते हैं.

रिच नतीजों के लिए स्ट्रक्चर्ड डेटा मार्कअप का इस्तेमाल करने के अलावा, हम दूसरे फ़ॉर्मैट में सही नतीजे देने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर आपकी कोई दुकान है, तो दुकान खुलने के समय को मार्कअप करने से आपके संभावित ग्राहक ठीक उस समय आपको ढूंढ सकते हैं जब उन्हें आपकी ज़रूरत हो. इससे उन्हें यह सूचना मिल जाती है कि खोज किए जाने वाले समय में आपकी दुकान खुली है या बंद है.

आइसक्रीम स्टोर की खोज से जुड़ा Google Search का नतीजा, जो स्ट्रक्चर्ड डेटा की मदद से चालू किए गए ज़्यादा बेहतर नतीजे (रिच रिज़ल्ट) दिखाता है.

आप कारोबार से जुड़ी कई चीज़ों को मार्कअप कर सकते हैं:

  • आप जो प्रॉडक्ट बेच रहे हैं
  • कारोबार का पता
  • आपके प्रॉडक्ट या कारोबार के बारे में वीडियो
  • खुलने का समय
  • इवेंट की झलक
  • रेसिपी
  • आपकी कंपनी का लोगो और दूसरी कई चीज़ें!

इस्तेमाल किए जा सकने वाले कॉन्टेंट की पूरी सूची हमारी डेवलपर साइट पर देखें22.

हमारा सुझाव है कि अपने कॉन्टेंट की जानकारी देने के लिए, इस्तेमाल होने वाले किसी भी नोटेशन मार्कअप के साथ स्ट्रक्चर्ड डेटा का इस्तेमाल करें. आप अपने पेज के एचटीएमएल कोड में मार्कअप जोड़ सकते हैं या डेटा हाइलाइटर23 और मार्कअप हेल्पर24 (इनके बारे में ज़्यादा जानकारी पाने के लिए 'सबसे सही तरीके' सेक्शन देखें) जैसे टूल का इस्तेमाल कर सकते हैं.

सबसे सही तरीके

ज़्यादा बेहतर नतीजों (रिच रिज़ल्ट) के टेस्ट का इस्तेमाल करके, अपना मार्कअप देखें

अपने कॉन्टेंट को मार्कअप करने के बाद, आप Google के ज़्यादा बेहतर नतीजों (रिच रिज़ल्ट) के टेस्ट25 का इस्तेमाल करके, यह पक्का कर सकते हैं कि मार्कअप में कोई भी गलती न हुई हो. आप कॉन्टेंट वाले पेज का यूआरएल डाल सकते हैं या वह एचटीएमएल कोड कॉपी कर सकते हैं जिसमें मार्कअप शामिल हो.

ऐसा करने से बचें:

  • गलत मार्कअप का इस्तेमाल करना.

डेटा हाइलाइटर का इस्तेमाल करना

अगर आप अपनी साइट का सोर्स कोड बदले बिना स्ट्रक्चर्ड मार्कअप को आज़माना चाहते हैं, तो आप Search Console के साथ जुड़े हुए डेटा हाइलाइटर का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह मुफ़्त टूल है. इस टूल पर कॉन्टेंट के अलग-अलग टाइप का सबसेट काम करता है.

अगर आप अपने पेज पर कॉपी करने और चिपकाने के लिए, मार्कअप कोड को तैयार रखना चाहते हैं, तो मार्कअप सहायक टूल आज़माएं.

ऐसा करने से बचें:

  • अपनी साइट के सोर्स कोड को तब बदलना, जब आप मार्कअप लागू करने को लेकर पक्का फ़ैसला न ले पाए हों.

मार्कअप किए गए पेज की परफ़ॉर्मेंस पर नज़र रखना

Search Console में अलग-अलग ज़्यादा बेहतर नतीजे (रिच रिज़ल्ट) की रिपोर्ट26 से आपको यह पता चलता है कि आपकी साइट पर हमें किसी खास तरह के मार्कअप वाले कितने पेज मिले हैं और खोज के नतीजों में वे पेज कितनी बार देखे गए हैं. साथ ही, यह भी पता चलता है कि पिछले 90 दिनों में लोगों ने उन पेजों पर कितनी बार क्लिक किया है. यह रिपोर्ट, हमें मिली किसी गड़बड़ी के बारे में भी जानकारी देती है.

ऐसा करने से बचें:

  • उपयोगकर्ताओं को नहीं दिखाई देने वाला मार्कअप डेटा जोड़ना.
  • नकली समीक्षाएं बनाना या ऐसा मार्कअप जोड़ना जो पेज के हिसाब से सही न हो.

Google खोज नतीजों में अपनी उपस्थिति प्रबंधित करना

पेज पर सही व्यवस्थित डेटा मौजूद होने से आपके पेज को सर्च नतीजों में कई खास सुविधाओं के साथ दिखाया जा सकता है. इन सुविधाओं में तारे के निशान से समीक्षा दिखाने और नतीजों को सजावटी तरीके से दिखाने जैसी कई सुविधाएं शामिल हैं. खोज के नतीजों वाली गैलरी में देखें कि आपके पेज को किस तरह के खोज नतीजों में शामिल किया जा सकता है.27

अपनी साइट में मौजूद चीज़ों को व्यवस्थित करना

यह समझना कि सर्च इंजन यूआरएल का इस्तेमाल कैसे करते हैं

आपके कॉन्टेंट को क्रॉल और इंडेक्स करने के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं को उस तक पहुंचाने के लिए, सर्च इंजन को कॉन्टेंट के हर हिस्से के खास यूआरएल की ज़रूरत होती है. अलग-अलग कॉन्टेंट - जैसे, किसी दुकान में अलग-अलग प्रॉडक्ट और साथ ही, बदलाव किए गए कॉन्टेंट जैसे - अनुवाद या क्षेत्रीय बदलाव - को खोज में सही तरीके से दिखाए जाने के लिए अलग-अलग यूआरएल का इस्तेमाल करना होगा.

आम तौर पर, यूआरएल कई अलग-अलग तरह के सेक्शन में बंटे होते हैं:

protocol://hostname/path/filename?querystring#fragment

उदाहरण के लिए:

https://www.example.com/RunningShoes/Womens.htm?size=8#info

Google का सुझाव है कि जब भी हो सके, हर वेबसाइट को https:// का इस्तेमाल करना चाहिए. होस्टनाम वह होता है जहां आपकी वेबसाइट होस्ट की जाती है. आम तौर पर उसी डोमेन नाम का इस्तेमाल किया जाता है जिसे आप ईमेल के लिए इस्तेमाल करेंगे. Google "www" और "गैर-www" वर्शन के बीच अंतर करता है (उदाहरण के लिए, "www.example.com" या सिर्फ़ "example.com"). Search Console में अपनी वेबसाइट जोड़ते समय, हम http:// और https:// वर्शन और साथ ही, "www" और "गैर-www" वर्शन, दोनों जोड़ने का सुझाव देते हैं.

पाथ, फ़ाइल नाम, और क्वेरी स्ट्रिंग यह तय करती है कि आपके सर्वर से किस कॉन्टेंट को ऐक्सेस किया गया है. ये तीनों हिस्से केस-सेंसिटिव (छोटे या बड़े अक्षरों में अंतर करने वाले) होते हैं, इसलिए "FILE" के नतीजे में मिलने वाला यूआरएल "file" से मिलने वाले यूआरएल से अलग होगा. होस्टनाम और प्रोटोकॉल, केस-इनसेंसिटिव होते हैं. इसलिए, बड़े या छोटे अक्षर की कोई भूमिका नहीं होती है.

एक फ़्रैगमेंट (इस स्थिति में, "#info") आम तौर पर इसकी पहचान करता है कि ब्राउज़र ने पेज का कौनसा हिस्सा स्क्रोल किया. आम तौर पर, सर्च इंजन इस्तेमाल किए गए किसी भी फ़्रैगमेंट को अनदेखा करता है, क्योंकि कॉन्टेंट सामान्य तौर पर एक जैसे ही होते हैं, चाहे उनका फ़्रैगमेंट किसी भी तरह का हो.

होम पेज पर जाने के लिए, होस्टनाम के बाद लगने वाला स्लैश ज़रूरी नहीं होता है, क्योंकि दोनों स्थितियों में आप एक ही कॉन्टेंट पर पहुंचते हैं ("https://example.com/" और "https://example.com" एक ही हैं). पाथ और फ़ाइल नाम के लिए, बाद में लगने वाला स्लैश एक अलग यूआरएल के रूप में देखा जा सकता है (जो किसी फ़ाइल या किसी डायरेक्ट्री का संकेत देता है), उदाहरण के लिए, "https://example.com/fish" और "https://example.com/fish/" एक जैसे नहीं हैं.

किसी वेबसाइट का नेविगेशन, तुरंत कॉन्टेंट ढूंढने में वेबसाइट पर आने/जाने वाले लोगों की मदद करने के लिए बहुत अहम होता है. इससे सर्च इंजन को यह समझने में मदद मिलती है कि वेबसाइट के मालिक के हिसाब से कौनसा कॉन्टेंट अहम है. हालांकि, Google के खोज के नतीजे किसी पेज के स्तर पर दिए जाते हैं, लेकिन Google इस बारे में भी जानना चाहता है कि पूरी साइट के लिहाज़ से पेज की क्या भूमिका है.

वेबसाइट के लिए काम आने वाले पेज के क्रम का उदाहरण.

अपनी साइट को होम पेज के हिसाब से नेविगेट करना

सभी साइटों का होम या "रूट" पेज होता है, जो आम तौर पर सबसे ज़्यादा बार देखा गया पेज और कई दर्शकों के लिए नेविगेशन की शुरुआती जगह होती है. अगर आपकी साइट कुछ ही पेजों वाली नहीं है, आपको इस बारे में सोचना चाहिए कि दर्शक एक सामान्य पेज से (आपका मुख्य पेज) खास जानकारी वाले पेज पर कैसे जाएंगे. क्या आपके पास किसी खास विषय के बारे में इतने पेज हैं कि संबंधित पेजों के बारे में बताने वाला कोई पेज बनाया जाए (उदाहरण के लिए, मुख्य पेज -> संबंधित विषय सूची -> खास विषय)? क्या आपके पास ऐसे सैकड़ों अलग-अलग प्रॉडक्ट हैं जिन्हें कई कैटगरी और सबकैटगरी वाले पेजों में बांटा जाना चाहिए?

'ब्रेडक्रंब लिस्ट' का इस्तेमाल करना

ब्रेडक्रंब किसी पेज के ऊपर या नीचे दिए गए अंदरूनी लिंक की एक पंक्ति होती है. यह वेबसाइट पर आने/जाने वाले लोगों को तुरंत पिछले सेक्शन या मुख्य पेज पर वापस ले जाती है. कई ब्रेडक्रंब में पहला पेज सबसे सामान्य पेज (आम तौर पर रूट पेज) होता है. यह सबसे बाईं ओर वाला लिंक होता है. साथ ही, खास सेक्शन दाईं ओर दिखाए जाते हैं. हमारा सुझाव है कि ब्रेडक्रंब दिखाते समय, आप ब्रेडक्रंब का स्ट्रक्चर्ड डेटा मार्कअप28 इस्तेमाल करें.

वेबसाइट के साथ मौजूदा पेज का क्रम दिखाने वाली ब्रेडक्रंब सूची.

उपयोगकर्ताओं के लिए एक आसान नेविगेशन पेज बनाना

नेविगेशन पेज आपकी साइट का वह पेज होता है जो आपकी वेबसाइट की बनावट दिखाता है. इसमें, आम तौर पर वह सूची होती है जो बताती है कि आपकी साइट पर पेजों को कैसे व्यवस्थित किया गया है. अगर दर्शकों को आपकी साइट पर पेज ढूंढने में समस्या हो रही है, तो वे इस पेज पर जा सकते हैं. हालांकि, सर्च इंजन भी आपकी साइट पर पेज की अच्छी क्रॉल कवरेज लेने के लिए इस पेज पर जाएंगे, लेकिन यह मुख्य रूप से आपकी साइट पर आने वाले लोगों के लिए होता है.

सबसे सही तरीके

अलग-अलग पेज पर अपने-आप जाने का क्रम तैयार करना

आपकी साइट पर आने वालों के लिए, सामान्य कॉन्टेंट से किसी खास कॉन्टेंट पर जाना जितना आसान हो सके उतना आसान बनाएं. जहां सही हो वहां नेविगेशन पेज जोड़ें और प्रभावशाली रूप से इसे अपने अंदरूनी लिंक संरचना में शामिल करें. पक्का करें कि आपकी साइट के सभी पेज पर लिंक से पहुंचा जा सकता है और उन्हें ढूंढने के लिए किसी अंदरूनी "खोज" की ज़रूरत नहीं है. जहां सही हो वहां मिलते-जुलते पेज से लिंक करें, ताकि उपयोगकर्ता मिलता-जुलता कॉन्टेंट ढूंढ सकें.

ऐसा करने से बचें:

  • नेविगेशन लिंक का उलझा हुआ जाल बनाना. उदाहरण के लिए, अपनी साइट के हर पेज को हर दूसरे पेज से जोड़ना.
  • अपने कॉन्टेंट में कुछ ज़्यादा ही काट-छांट करना (ताकि होमपेज से उस तक पहुंचने के लिए बीस क्लिक करने पड़े).

नेविगेशन के लिए टेक्स्ट का इस्तेमाल करना

अपनी साइट पर एक पेज से दूसरे पेज पर जाने के लिए ज़्यादातर नेविगेशन को लेखों पर मौजूद लिंक, आसान बनाते हैं. इससे सर्च इंजन को आपकी वेबसाइट को क्रॉल करने और समझने में भी आसानी होती है. कोई पेज बनाने के लिए JavaScript का इस्तेमाल करने पर, यूआरएल के साथ "a" ऐलीमेंट का इस्तेमाल करें क्योंकि यह "href" मान की खासियत बताता है और पेज-लोड पर उपयोगकर्ता इंटरैक्शन के लिए इंतज़ार करने के बजाय सभी मेन्यू आइटम जनरेट कर देता है.

ऐसा करने से बचें:

उपयोगकर्ताओं के लिए नेविगेशन पेज और सर्च इंजन के लिए साइटमैप बनाना

उपयोगकर्ताओं के लिए, अपनी पूरी साइट से जुड़ा एक आसान नेविगेशन पेज (या सबसे अहम पेज, अगर आपके पास सैकड़ों या हज़ारों पेज हैं) शामिल करें. यह पक्का करने के लिए कि सर्च इंजन को आपकी साइट पर नए और अपडेट किए गए पेज मिल जाएं, एक्सएमएल साइटमैप फ़ाइल बनाएं. इसमें, पिछली बार उनके प्राथमिक कॉन्टेंट में बदलाव किए जाने की तारीख के साथ, सभी काम आने वाले यूआरएल भी शामिल करें.

ऐसा करने से बचें:

  • टूटे हुए लिंक की वजह से अपने नेविगेशन पेज को बेकार होने देना.
  • ऐसा नेविगेशन पेज बनाना जिसमें पेज को बिना व्यवस्थित किए (जैसे विषय के हिसाब से) शामिल किया गया हो.

404 गड़बड़ी वाले ऐसे पेज दिखाना जो उपयोगकर्ता के लिए मददगार हों

उपयोगकर्ता कभी-कभी ऐसे पेज पर चले जाएंगे जो आपकी साइट पर मौजूद नहीं होता. ऐसा या तो टूटे हुए लिंक खोलने या फिर गलत यूआरएल डालने से होता है. पसंद के मुताबिक 404 पेज30 होने से, उपयोगकर्ताओं को आपकी साइट के सही पेज पर वापस ला सकते हैं. इससे उनका अनुभव भी बेहतर होगा. आपके 404 पेज में मुख्य पेज पर वापस जाने का लिंक होना चाहिए और उसे आपकी साइट पर लोकप्रिय या मिलते-जुलते कॉन्टेंट के लिंक भी देने चाहिए. "नहीं मिला" जैसी गड़बड़ियों की वजह बनने वाले यूआरएल के स्रोत31 पता करने के लिए, आप Google Search Console का इस्तेमाल कर सकते हैं.

ऐसा करने से बचें:

  • अपने 404 पेजों को सर्च इंजन में इंडेक्स किए जाने की अनुमति देना (इस बात का ध्यान रखें कि आपके वेब सर्वर को 404 एचटीटीपी स्टेटस कोड देने के लिए कॉन्फ़िगर किया गया हो. इसके अलावा, JavaScript इस्तेमाल करके बनाई गई साइटों पर noindex robots मेटाटैग शामिल करें. ऐसा तब करें, जब उन पेजों के लिए अनुरोध किया जाए जो साइट पर मौजूद नहीं हैं).
  • Robots.txt फ़ाइल से 404 पेज को क्रॉल होने से रोकना.
  • सिर्फ़ "नहीं मिला", "404" या कोई भी 404 पेज नहीं है वाले मैसेज देना, जिनसे साफ़ तौर पर कुछ समझ न आए.
  • अपने 404 पेजों के लिए ऐसे डिज़ाइन का इस्तेमाल करना जो आपकी साइट से मेल खाता हो.

सामान्य यूआरएल, कॉन्टेंट की बेहतर जानकारी देते हैं

अपनी वेबसाइट के दस्तावेज़ों के लिए साफ़ जानकारी वाली कैटगरी और फ़ाइल नाम बनाने से, साइट को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने में मदद मिलती है. साथ ही, इससे ऐसे लोगों के लिए आसान और "अनुकूल" यूआरएल तैयार हो सकते हैं जो आपके कॉन्टेंट से जुड़ना चाहते हैं. साइट पर आने वाले लोगों को ज़्यादा लंबे या क्रिप्टिक यूआरल (ऐसे यूआरएल जिन्हें कोडिंग की मदद से छोटा किया जाता है) से परेशानी हो सकती है. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इन यूआरल में कुछ ही शब्द ऐसे होते हैं जिन्हें पहचाना जा सके.

ये यूआरएल, गुमराह करने वाले और समझने में मुश्किल हो सकते हैं:

https://www.brandonsbaseballcards.com/folder1/22447478/x2/14032015.html

अगर आपके यूआरएल में ऐसे शब्द मौजूद हैं जिन्हें आसानी से समझा जा सकता है, तो वह कई तरह से मददगार साबित हो सकता है और उपयोगकर्ता ऐसे यूआरएल को आसानी से समझ सकते हैं.

https://www.brandonsbaseballcards.com/article/ten-rarest-baseball-cards.htm

यूआरएल को खोज नतीजों में दिखाने के बारे में जानकारी

आखिर में, याद रखें कि Google में दस्तावेज़ का यूआरएल, आम तौर पर खोज के नतीजे में दस्तावेज़ के शीर्षक के नीचे दिखाया जाता है.

Google सभी तरह के यूआरएल स्ट्रक्चर को आसानी से क्रॉल कर सकता है, चाहे वे बहुत ही मुश्किल क्यों न हों. फिर भी, अपने यूआरएल को जितना हो सके उतना आसान बनाना अच्छा रहता है.

सबसे सही तरीके

यूआरएल में शब्दों का इस्तेमाल करना

यूआरएल में आपके कॉन्टेंट और साइट की संरचना के बारे में बताने वाले शब्द, आपकी साइट पर आने वालों के लिए मददगार साबित होते हैं.

ऐसा करने से बचें:

  • ग़ैर-ज़रूरी पैरामीटर और सेशन आईडी के साथ लंबे यूआरएल का इस्तेमाल करना.
  • "page1.html" जैसे सामान्य पेज नाम चुनना.
  • बहुत ज़्यादा कीवर्ड जैसे "baseball-cards-baseball-cards-baseballcards.htm" का इस्तेमाल करना.

एक आसान डायरेक्ट्री तैयार करना

ऐसी डायरेक्ट्री का इस्तेमाल करें जो आपके कॉन्टेंट को अच्छी तरह व्यवस्थित करती हो. साथ ही, वेबसाइट पर आने वालों के लिए यह जानना आसान बनाए कि वे आपकी साइट पर कहां हैं. उस यूआरएल पर मिले कॉन्टेंट टाइप को दिखाने के लिए, अपनी डायरेक्ट्री के ढांचे का इस्तेमाल करके देखें.

ऐसा करने से बचें:

  • ".../dir1/dir2/dir3/dir4/dir5/dir6/page.html" जैसी सबडायरेक्ट्री की गहराई से नेस्टिंग होना.
  • उन डायरेक्ट्री नामों का इस्तेमाल करना जिनका उनमें दिए गए कॉन्टेंट से कोई संबंध नहीं है.

किसी दस्तावेज़ तक पहुंचने के लिए, यूआरएल का एक वर्शन देना

ध्यान रखें कि अलग-अलग उपयोगकर्ता आपकी साइट के अलग-अलग वर्शन के लिंक पर जाते हैं, तो इससे आपकी साइट के कॉन्टेंट पर आने वाले ट्रैफ़िक और उसकी रैंक पर असर पड़ सकता है. ऐसा न हो, इसके लिए एक ही वर्शन के यूआरएल का इस्तेमाल करें और अपनी साइट के पेजों को आपस में लिंक करें. अगर आपको यह पता चलता है कि लोग कई यूआरएल से एक ही कॉन्टेंट को ऐक्सेस कर रहे हैं, तो मुख्य वेब पते पर ले जाने वाले यूआरएल से मुख्य वर्शन के यूआरएल पर जाने के लिए, 301 रीडायरेक्ट32 सेट अप करें. अगर आप रीडायरेक्ट नहीं कर सकते, तो कैननिकल यूआरएल या rel="canonical"33 लिंक एलिमेंट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

ऐसा करने से बचें:

  • सबडोमेन और रूट डायरेक्ट्री के पेज से एक ही कॉन्टेंट को ऐक्सेस करना, उदाहरण के लिए, "domain.com/page.html" और "sub.domain.com/page.html".

अपने कॉन्टेंट को ऑप्टिमाइज़ करना

अपनी साइट को दिलचस्प और उपयोगी बनाना

यहां पर जिन दूसरे कारकों की चर्चा की गई है उनकी तुलना में, उपयोगकर्ता के काम आने वाला और दमदार कॉन्टेंट तैयार करना आपकी वेबसाइट के लिए ज़्यादा कारगर हो सकता है. उपयोगकर्ता किसी कॉन्टेंट को देखने के बाद ही तय करते हैं कि वह अच्छा है या नहीं. अगर कॉन्टेंट उन्हें पसंद आता है, तभी दूसरे उपयोगकर्ताओं को उसे देखने के लिए कहते हैं. उपयोगकर्ता ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सेवाओं, ईमेल, फ़ोरम या दूसरे तरीकों से कॉन्टेंट पसंद आने के बारे में बता सकते हैं.

ऑर्गैनिक या दूसरे लोगों से पता चलने पर होने वाली हलचल ही, Google और उपयोगकर्ताओं के बीच आपकी साइट की प्रतिष्ठा बनाए रखने में मदद करती है. बेहतर कॉन्टेंट के बिना शायद ही ऐसा हो पाए.

नए और दिलचस्प कॉन्टेंट बनाने से, दूसरी वेबसाइट आपके पेज का लिंक दिखा सकती हैं.

जानें कि आपकी साइट इस्तेमाल करने वाले लोग क्या चाहते हैं (और उन्हें उनकी पसंद का कॉन्टेंट दें)

उन शब्दों के बारे में सोचें जिन्हें लोग आपके कॉन्टेंट का एक हिस्सा खोजने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. जो उपयोगकर्ता, विषय के बारे में बहुत कुछ जानते हैं वे विषय के लिए किसी नए उपयोगकर्ता की तुलना में अपनी खोज क्वेरी में अलग-अलग कीवर्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, एक पुराना फ़ुटबॉल प्रशंसक, [फ़ीफा] खोज सकता है, जो कि फ़ेडरेशन इंटरनेशनल डी फ़ुटबॉल असोसिएशन का छोटा नाम है. वहीं, एक नया प्रशंसक [फ़ुटबॉल का वर्ल्ड कप] जैसी ज़्यादा सामान्य क्वेरी का इस्तेमाल कर सकता है. उपयोगकर्ताओं के खोज के तरीके में इन अंतरों को पहचानने और कॉन्टेंट लिखते समय इन्हें ध्यान में रखने से (कई तरह के कीवर्ड वाले अच्छे वाक्यांश इस्तेमाल करने से) आपको बेहतर नतीजे मिल सकते हैं. Google Ads में कीवर्ड प्लानर34 होता है जिसे आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है. यह आपको अलग-अलग तरह के नए कीवर्ड खोजने में मदद करता है और दिखाता है कि हर एक कीवर्ड को कितनी बार खोजा गया है. साथ ही, Google Search Console आपको परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट35 में सबसे ज़्यादा खोजी गई ऐसी क्वेरी दिखाता है जिनके जवाब में आपकी साइट खोज नतीजों में दिखाई गई थी. साथ ही, यह उन क्वेरी को भी दिखाता है जिनके ज़रिए सबसे ज़्यादा उपयोगकर्ता आपकी साइट पर आए.

ऐसी नई उपयोगी सुविधा बनाएं जो किसी दूसरी साइट पर मौजूद न हो. आप मूल रिसर्च भी लिख सकते हैं, कोई रोमांचक खबर बता सकते हैं या अपने यूनीक उपयोगकर्ता आधार का फ़ायदा उठा सकते हैं. हो सकता है कि इन चीज़ों को करने के लिए, दूसरी साइटों के पास संसाधनों की कमी हो या इन कामों में वे माहिर न हों.

सबसे सही तरीके

पढ़ने में आसान टेक्स्ट लिखना

लोगों को ऐसा कॉन्टेंट पसंद आता है जो अच्छी तरह से लिखा गया हो और आसानी से समझ आ जाए.

ऐसा करने से बचें:

  • वर्तनी और व्याकरण की कई गलतियों वाला ऐसा टेक्स्ट लिखना जो अच्छी तरह समझ न आए
  • अजीब या खराब ढंग से लिखा गया कॉन्टेंट.
  • लिखे गए कॉन्टेंट के लिए इमेज और वीडियो में टेक्स्ट जोड़ना: हो सकता है कि उपयोगकर्ता, टेक्स्ट कॉपी करके चिपकाना चाहें और सर्च इंजन उसे पढ़ न पाएं.

अपने विषयों को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करना

अपने कॉन्टेंट को व्यवस्थित करना हमेशा फ़ायदेमंद होता है, ताकि वेबसाइट पर आने/जाने वालों को अच्छी तरह से पता चल जाए कि एक कॉन्टेंट का विषय कहां शुरू होता है और दूसरा कहां खत्म होता है. अपने कॉन्टेंट को लॉजिकल हिस्सों या भागों में बांटने से, उपयोगकर्ता जो कॉन्टेंट चाहते हैं उसे तेज़ी से ढूंढने में मदद मिलती है.

ऐसा करने से बचें:

  • पैराग्राफ़, उप-शीर्षक या लेआउट में बांटे बिना, किसी पेज पर अलग-अलग विषय के लेख बड़ी मात्रा में डालना.

नया और खास कॉन्टेंट बनाना

नया कॉन्टेंट होने पर, न सिर्फ़ वेबसाइट के मौजूदा उपयोगकर्ता आपके साथ बने रहेंगे, बल्कि इससे नए लोग भी वेबसाइट पर आएंगे.

ऐसा करने से बचें:

  • मौजूदा कॉन्टेंट में ज़रूरी बदलाव करके उसे फिर से तैयार करना (या यहां तक कि कॉपी करना), ताकि उपयोगकर्ताओं के लिए वह और बेहतर हो सके.
  • अपनी साइट पर, कॉन्टेंट का डुप्लीकेट या डुप्लीकेट से मिलता-जुलता वर्शन रखना.

डुप्लीकेट कॉन्टेंट के बारे में ज़्यादा जानें36

सर्च इंजन की जगह अपने उपयोगकर्ताओं के लिए कॉन्टेंट ऑप्टिमाइज़ करना

अपनी साइट को अपने उपयोगकर्ताओं की ज़रूरतों के हिसाब से डिज़ाइन करते हुए यह पक्का करना कि आपकी साइट आसानी से सर्च इंजन के लिए उपलब्ध हो, ऐसा करना आम तौर पर सही नतीजे देता है.

ऐसा करने से बचें:

  • सर्च इंजन को ध्यान में रखकर ऐसे कई ग़ैर-ज़रूरी कीवर्ड डालना जो उपयोगकर्ताओं के लिए परेशान करने वाले या बेतुके होते हैं.
  • साइट पर ऐसे छोटे-छोटे लेख होना जो उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोगी नहीं हैं, जैसे "इस पेज तक पहुंचने के लिए किन गलत वर्तनियों का इस्तेमाल बार-बार किया गया".
  • उपयोगकर्ताओं से गलत तरीके से टेक्स्ट छिपाना37, लेकिन सर्च इंजन पर उसको दिखाना.

इस तरह से काम करें जिससे उपयोगकर्ता आप पर भरोसा करे

उपयोगकर्ता आपकी साइट पर तभी आएंगे, जब उन्हें आपकी साइट पर भरोसा होगा.

एक अच्छी छवि वाली साइट भरोसेमंद होती है. एक खास क्षेत्र में विशेषज्ञता और भरोसा पाने के लिए अच्छी छवि बनाएं.
इस बारे में जानकारी दें कि आपकी साइट को कौन प्रकाशित करता है, कॉन्टेंट कौन उपलब्ध कराता है, और उसके लक्ष्य कौन तय करता है. खरीदारी और अन्य वित्तीय लेन-देन की वेबसाइटों के पास ग्राहकों की समस्याओं को सुलझाने के लिए, सटीक और संतुष्ट ग्राहक सेवा की सुविधा होनी चाहिए. खबर दिखाने वाली साइटों को इस बात की साफ़ जानकारी देनी चाहिए कि उनके कॉन्टेंट के लिए कौन ज़िम्मेदार है.

सही टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना भी ज़रूरी है. अगर शॉपिंग के लिए चेकआउट पेज पर सुरक्षित कनेक्शन मौजूद नहीं है, तो उपयोगकर्ता उस साइट पर भरोसा नहीं कर सकते.

साइट की विशेषज्ञता और अधिकार साफ़-साफ़ बताना

किसी साइट की विशेषज्ञता और उसे दिए गए अधिकार उसकी गुणवत्ता को बढ़ाते हैं. पक्का करें कि आपकी साइट के लिए कॉन्टेंट बनाने और उसमें बदलाव करने वाले लोग, उस कॉन्टेंट के जानकार हों. उदाहरण के लिए, जानकार या अनुभवी स्रोतों की मदद से उपयोगकर्ता, लेख की विशेषज्ञता को समझ सकते हैं. वैज्ञानिक विषयों पर आधारित पेजों के लिए, ऐसी जानकारी देना अच्छा होता है जिस पर आम सहमति मौजूद हो.

अपने विषय के बारे में सही मात्रा में कॉन्टेंट उपलब्ध कराएं

अच्छी क्वालिटी वाला कॉन्टेंट बनाने में समय, मेहनत, विशेषज्ञता, और प्रतिभा/कौशल में से कम से कम एक चीज़ भरपूर मात्रा में लगती है. आपका कॉन्टेंट तथ्यों के आधार पर सही, अच्छी तरह से लिखा हुआ, और ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी देने वाला होना चाहिए. उदाहरण के लिए, अगर आप अपने पेज पर रेसिपी बताते हैं, तो सिर्फ़ सामग्री और पकवान की थोड़ी सी जानकारी देने के बजाय रेसिपी का पूरा और आसान तरीका बताएं.

ऐसा करने से बचें:

  • पेज की ज़रूरत के हिसाब से कम कॉन्टेंट उपलब्ध कराना.

ध्यान भटकाने वाले विज्ञापनों से बचें

हमें उम्मीद है कि आपकी साइट पर विज्ञापन दिखाई देंगे. हालांकि, ये विज्ञापन उपयोगकर्ताओं को परेशान करने वाले या उनका ध्यान साइट के कॉन्टेंट से हटाने वाले नहीं होने चाहिए. उदाहरण के लिए, विज्ञापन, अतिरिक्त कॉन्टेंट या पूरे पेज पर अचानक खुलने वाले पेज (पेज पर कॉन्टेंट खुलने के पहले या बाद में उसके ऊपर दिखने वाले पेज), जिनकी वजह से वेबसाइट का इस्तेमाल करने में मुश्किल हो. इस विषय के बारे में ज़्यादा जानें.38

ऐसा करने से बचें:

  • अपने पेज पर ध्यान भटकाने वाले विज्ञापन डालना.

लिंक टेक्स्ट, लिंक के अंदर दिखाई देने वाला टेक्स्ट होता है. यह टेक्स्ट उपयोगकर्ताओं और Google को उस पेज के बारे में कुछ बताता है जिसे आप जोड़ रहे हैं. आपके पेज पर मौजूद लिंक, अंदरूनी—आपकी साइट के दूसरे पेज की ओर इशारा करने वाले—या बाहरी—दूसरी साइटों के कॉन्टेंट पर ले जाने वाले हो सकते हैं. इनमें से किसी भी मामले में, आपका ऐंकर टेक्स्ट जितना बेहतर होगा, उपयोगकर्ताओं के लिए नेविगेट करना और Google के लिए यह समझना उतना ही आसान होगा कि आप जिस पेज से जोड़ रहे हैं वह किस विषय के बारे में है.

आपकी साइट पर ज़रूरी लिंक टेक्स्ट का सुझाव देने वाला डायग्राम.

सही ऐंकर टेक्स्ट की मदद से, उपयोगकर्ता और सर्च इंजन आसानी से यह समझ सकते हैं कि जोड़े गए पेज में क्या शामिल है.

सबसे सही तरीके

जानकारी देने वाला टेक्स्ट चुनना

लिंक के लिए आप जिस ऐंकर टेक्स्ट का इस्तेमाल करते हैं उसको इस बारे में कम से कम इतनी बुनियादी जानकारी देनी चाहिए कि उसे जिस पेज से जोड़ा गया है वह किसके बारे में है.

ऐसा करने से बचें:

  • "पेज", "लेख" या "यहां क्लिक करें" जैसे सामान्य ऐंकर टेक्स्ट लिखना.
  • ऐसे टेक्स्ट का इस्तेमाल करना जो विषय से हटकर है या जोड़े गए पेज के कॉन्टेंट से उसका कोई संबंध नहीं है.
  • ज़्यादातर मामलों में पेज के यूआरएल को ऐंकर टेक्स्ट के तौर पर इस्तेमाल करना. हालांकि, इसमें पक्के तौर से इसका सही इस्तेमाल होता है, जैसे कि किसी नई वेबसाइट के पते का प्रचार करना या रेफ़रंस देना.

छोटे टेक्स्ट लिखना

छोटे, लेकिन जानकारी देने वाले टेक्स्ट लिखें. इनमें आम तौर पर कुछ शब्द या छोटे वाक्यांश शामिल हो सकते हैं.

ऐसा करने से बचें:

  • लंबे ऐंकर टेक्स्ट लिखना, जैसे कि एक लंबा वाक्य या लेख का छोटा पैराग्राफ़.

लिंक को इस तरीके से फ़ॉर्मैट करना, ताकि उन्हें आसानी से देखा जा सके

उपयोगकर्ताओं के लिए नियमित टेक्स्ट और आपके लिंक के ऐंकर टेक्स्ट के बीच अंतर करना आसान बनाएं. अगर उपयोगकर्ता लिंक को भूल जाते हैं या उन्हें गलती से क्लिक करते हैं, तो आपका कॉन्टेंट कम उपयोगी हो जाता है.

ऐसा करने से बचें:

  • सीएसएस या लिखने की शैली का इस्तेमाल करना जो लिंक को नियमित टेक्स्ट जैसा बना देते हैं.

अंदरूनी लिंक के लिए ऐंकर टेक्स्ट के बारे में भी सोचना

आम तौर पर आप बाहरी वेबसाइटों की ओर इशारा करते हुए लिंक जोड़ने के बारे में सोच सकते हैं. हालांकि, अंदरूनी लिंक के लिए इस्तेमाल किए गए ऐंकर टेक्स्ट पर ज़्यादा ध्यान देने से, उपयोगकर्ताओं और Google को आपकी साइट को बेहतर ढंग से नेविगेट करने में मदद मिल सकती है.

ऐसा करने से बचें:

  • सिर्फ़ सर्च इंजन के लिए बहुत ज़्यादा कीवर्ड से भरे या लंबे ऐंकर टेक्स्ट का इस्तेमाल करना.
  • गैरज़रूरी लिंक बनाना जो उपयोगकर्ता को साइट नेविगेट करने में मदद नहीं करते हैं.

जब आपकी साइट किसी दूसरी साइट से जुड़ी होती है, तब आप अपनी साइट की प्रतिष्ठा को दूसरी साइट के साथ शेयर कर सकते हैं. कभी-कभी उपयोगकर्ता अपनी टिप्पणी वाले सेक्शन या मैसेज बोर्ड में अपनी साइट के लिंक जोड़कर इसका फ़ायदा ले सकते हैं. कभी-कभी ऐसा भी हो सकता है कि आप किसी साइट की बुराई करें और अपनी कोई भी प्रतिष्ठा उनके साथ शेयर न करना चाहें. उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि आप स्पैम टिप्पणी करने के विषय पर एक ब्लॉग पोस्ट लिख रहे हैं और आप उस साइट का ज़िक्र करना चाहते हैं जिसने हाल ही में आपके ब्लॉग के बारे में स्पैम टिप्पणी की है. आप किसी साइट के बारे में दूसरे लोगों को सावधान करना चाहते हैं, इसलिए अपने कॉन्टेंट में उसका लिंक शामिल करते हैं. हालांकि, आप बिल्कुल नहीं चाहते कि उस साइट को, आपकी प्रतिष्ठा का कोई फ़ायदा मिले. ऐसे में nofollow का इस्तेमाल करना ठीक रहेगा.

विजेट लिंक में भी "nofollow" एट्रिब्यूट का इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर आप अपनी साइट के अनुभव को बेहतर बनाने और उपयोगकर्ताओं की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए तीसरे पक्ष का विजेट इस्तेमाल कर रहे हैं, तो जांच लें कि कहीं इसमें कोई ऐसा लिंक तो नहीं है जिसे आप विजेट के साथ अपनी साइट पर नहीं रखना चाहते हैं. कुछ विजेट आपकी साइट पर ऐसे लिंक जोड़ सकते हैं जो आपकी पसंद के मुताबिक नहीं हैं. इनमें ऐसे ऐंकर टेक्स्ट शामिल होते हैं जिन्हें आप वेबसाइट के मालिक के तौर पर कंट्रोल नहीं कर सकते. अगर विजेट से ऐसे अनचाहे लिंक नहीं हटाए जा सकते, तो आप उन्हें “nofollow" की मदद से कभी भी बंद कर सकते हैं. अगर आप किसी काम के लिए या अपने कॉन्टेंट के लिए कोई विजेट बनाते हैं, तो पक्का करें कि डिफ़ॉल्ट कोड स्निपेट में लिंक के साथ nofollow को शामिल किया जाए.

आखिर में, अगर आप किसी पेज पर मौजूद सभी लिंक को nofollow करने में दिलचस्पी रखते हैं, तो आप पेज के <head> टैग में <meta name="robots" content="nofollow"> टैग जोड़ सकते हैं. आप robots मेटा टैग के बारे में ज़्यादा जानने के लिए, Google Search Central ब्लॉग39 देख सकते हैं.

"nofollow" का इस्तेमाल करके, स्पैम वाली टिप्पणी को रोकना

"nofollow" या "ugc" के लिंक का "rel" एट्रिब्यूट वाला मान सेट करने से, Google को यह पता चलता है कि आपकी साइट के कुछ लिंक को फ़ॉलो नहीं किया जाना चाहिए या जोड़े गए पेज में आपके पेज की प्रतिष्ठा को शेयर नहीं किया जाना चाहिए. किसी लिंक को nofollow करने का मतलब है कि लिंक के ऐंकर टेक्स्ट में rel="nofollow" या "ugc" जैसे ज़्यादा खास एट्रिब्यूट जोड़ना, जैसा कि यहां दिखाया गया है:

<a href="http://www.example.com" rel="nofollow">Anchor text here</a>

या:

<a href="http://www.example.com" rel="ugc">Anchor text here</a>

यह कब उपयोगी होगा? अगर आपकी साइट पर एक ब्लॉग है जिस पर सार्वजनिक टिप्पणी चालू है, तो टिप्पणियों के अंदर मौजूद लिंक कई पेजों पर आपकी प्रतिष्ठा शेयर कर सकते हैं. हो सकता है कि आप उन पेजों को लेकर सहज न हों. पेज पर ब्लॉग टिप्पणी वाले हिस्से में स्पैम टिप्पणी किए जाने की बहुत ज़्यादा संभावना होती है. उपयोगकर्ता के जोड़े गए इन लिंक को nofollow करने से, यह पक्का होता है कि आप मेहनत से कमाई गई अपने पेज की प्रतिष्ठा को किसी स्पैम वाली साइट के साथ शेयर नहीं कर रहे हैं.

उपयोगकर्ता की ऐसी टिप्पणी का उदाहरण जिसमें बाहरी लिंक मौजूद हैं.

टिप्पणी के कॉलम और मैसेज बोर्ड पर अपने-आप "nofollow" जोड़ना

कई ब्लॉगिंग सॉफ़्टवेयर पैकेज, अपने-आप उपयोगकर्ता टिप्पणियों को nofollow करते हैं, लेकिन जो ऐसा नहीं करते उनके ज़रिए मैन्युअल रूप से उसमें बदलाव करने की काफ़ी संभावना होती है. यह सलाह आपकी साइट के उन दूसरे हिस्सों पर भी लागू होती है जिनमें यूज़र जनरेटेड कॉन्टेंट शामिल हो सकता है, जैसे कि मेहमान की किताबें, फ़ोरम, शाउट-बोर्ड, रेफ़रल देने वालों की सूचियां वगैरह. अगर आप तीसरे पक्षों (उदाहरण के लिए, अगर कोई टिप्पणी करने वाला आपकी साइट के हिसाब से भरोसेमंद है) के जोड़े गए लिंक की ज़िम्मेदारी लेते हैं, तो लिंक पर nofollow का इस्तेमाल करने की कोई ज़रूरत नहीं है. हालांकि, उन साइटों से लिंक जोड़ना आपकी साइट की प्रतिष्ठा पर असर डाल सकता है जिन्हें Google स्पैम वाली वेबसाइट या पेज मानता है. Google Search Central के दस्तावेज़ में स्पैम वाली टिप्पणी से बचने के बारे में ज़्यादा सलाह40 दी गई हैं. इसमें कैप्चा का इस्तेमाल करने और टिप्पणियों पर नियंत्रण करने जैसी सुविधाओं के बारे में बताया गया है.

कैप्चा पॉप-अप का उदाहरण

अपनी इमेज ऑप्टिमाइज़ करना

एचटीएमएल इमेज का इस्तेमाल करना

अपने कॉन्टेंट में इमेज जोड़ने के लिए, एचटीएमएल इमेज एलिमेंट का इस्तेमाल करना.

सबसे सही तरीके:

एचटीएमएल <img> या <picture> एलिमेंट का इस्तेमाल करना.

सिमैंटिक एचटीएमएल मार्कअप, क्रॉलर को इमेज ढूंढने और उन्हें प्रोसेस करने में मदद करता है. <picture> एलिमेंट का इस्तेमाल करके, आप रिस्पॉन्सिव इमेज के अलग-अलग आकार की स्क्रीन के लिए एक से ज़्यादा विकल्प भी बता सकते हैं. आप इमेज पर loading="lazy" एट्रिब्यूट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं, ताकि आपके उपयोगकर्ताओं के लिए तेज़ी से पेज लोड हो सके.

ऐसा करने से बचें

आप जिन इमेज को हमसे इंडेक्स करवाना चाहते हैं उन्हें दिखाने के लिए सीएसएस का इस्तेमाल करना.

"ऑल्ट" एट्रिब्यूट का इस्तेमाल करना

इमेज के लिए ऑल्ट एट्रिब्यूट का ब्यौरा और ऐसी फ़ाइल का नाम दें जिसमें उसकी कुछ जानकारी हो. अगर इमेज किसी वजह से दिखाई नहीं जा सकती है, तो "ऑल्ट" एट्रिब्यूट की मदद से आप इमेज के लिए वैकल्पिक टेक्स्ट दे सकते हैं.

इमेज के लिए बेहतर वैकल्पिक लेख की ज़रूरत दिखाने वाला उदाहरण.

इस एट्रिब्यूट का इस्तेमाल क्यों करें? अगर कोई उपयोगकर्ता आपकी साइट को स्क्रीन रीडर जैसी सहायक तकनीकों का इस्तेमाल करके देख रहा है, तो ऑल्ट एट्रिब्यूट के कॉन्टेंट की तस्वीर के बारे में जानकारी देती है.

एक और वजह यह है कि अगर आप किसी इमेज को एक लिंक के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उस इमेज के वैकल्पिक लेख के साथ टेक्स्ट लिंक के ऐंकर टेक्स्ट जैसा व्यवहार किया जाएगा. हालांकि, हम ऐसी स्थिति में आपकी साइट के नेविगेशन में लिंक के लिए बहुत सारी इमेज का इस्तेमाल करने की सलाह नहीं देते हैं, जबकि टेक्स्ट लिंक यह काम कर सकता है. आखिर में, जब भी आप अपने इमेज फ़ाइल नामों और वैकल्पिक लेख को ऑप्टिमाइज़ करते हैं, तो इससे Google इमेज सर्च जैसे इमेज सर्च प्रोजेक्ट के लिए आपकी इमेज को बेहतर ढंग से समझना आसान हो जाता है.

सबसे सही तरीके

छोटे, लेकिन जानकारी देने वाले फ़ाइल नाम और वैकल्पिक लेख का इस्तेमाल करना

ऑप्टिमाइज़ेशन के लिए टारगेट किए गए पेज के कई हिस्सों की तरह, फ़ाइल के नाम और वैकल्पिक लेख, उस स्थिति में सबसे अच्छे होते हैं जब वे छोटे, लेकिन जानकारी देने वाले होते हैं.

ऐसा करने से बचें:

  • जहां हो सके वहां सामान्य फ़ाइल नामों का इस्तेमाल करना, जैसे कि "image1.jpg", "pic.gif", "1.jpg"—अगर आपकी साइट पर हज़ारों इमेज हैं, तो आप इमेज का नाम अपने-आप रख लिए जाने के बारे में सोच सकते हैं.
  • बहुत लंबे फ़ाइल नाम लिखना.
  • वैकल्पिक लेख में कीवर्ड भरना या पूरे वाक्यों को कॉपी करके चिपकाना.

लिंक के तौर पर इमेज का इस्तेमाल करते समय वैकल्पिक लेख शामिल करना

अगर आप किसी इमेज को लिंक के तौर पर इस्तेमाल करने का फ़ैसला करते हैं, तो इसके वैकल्पिक लेख को भरने से, Google को उस पेज के बारे में और समझने में मदद मिलती है, जिसे आपने जोड़ा है. सोचिए कि आप टेक्स्ट लिंक के लिए ऐंकर टेक्स्ट लिख रहे हैं.

ऐसा करने से बचें:

  • बहुत ही लंबा वैकल्पिक लेख लिखना, जिसे स्पैम समझा जा सकता है.
  • अपनी साइट के नेविगेशन के लिए सिर्फ़ इमेज लिंक का इस्तेमाल करना.

अपनी इमेज ढूंढने में सर्च इंजन की मदद करना

इमेज के साइटमैप41 की मदद से, Googlebot को आपकी साइट पर मौजूद इमेज के बारे में ज़्यादा जानकारी मिल सकती है. इससे यह संभावना बढ़ जाती है कि आपकी इमेज, इमेज के खोज नतीजों में मिल सकती हैं. इस फ़ाइल की बनावट, आपके वेब पेज की एक्सएमएल साइटमैप फ़ाइल की तरह होती है.

इमेज के स्टैंडर्ड फ़ॉर्मैट का इस्तेमाल करना

आम तौर पर चलने वाले फ़ाइल टाइप का इस्तेमाल करें - ज़्यादातर ब्राउज़र पर JPEG, GIF, PNG, BMP, और WebP इमेज फ़ॉर्मैट काम करते हैं. फ़ाइल टाइप के साथ अपने फ़ाइल नाम मिलान का एक्सटेंशन होना भी एक अच्छा खयाल है.

अपनी साइट को मोबाइल-फ़्रेंडली बनाएं

आज की दुनिया मोबाइल की दुनिया है. ज़्यादातर लोग मोबाइल डिवाइस का इस्तेमाल करके Google पर खोज करते हैं. किसी साइट के डेस्कटॉप वर्शन को मोबाइल डिवाइस पर देखना और इस्तेमाल करना मुश्किल हो सकता है. इस वजह से, मोबाइल पर इस्तेमाल की जा सकने वाली साइट ज़रूरी है, ताकि इंटरनेट पर मौजूदगी पर असर न पड़े. दरअसल, साल 2016 के आखिर में, रैंकिंग देने, स्ट्रक्चर्ड डेटा पार्स करने, और स्निपेट बनाने के लिए, Google ने साइट के कॉन्टेंट के मोबाइल वर्शन को खास तौर पर आज़माना शुरू कर दिया था.42

डिवाइस के बीच के अंतर को समझना

  • स्मार्टफ़ोन - इस दस्तावेज़ में, "मोबाइल" या "मोबाइल डिवाइस" का मतलब स्मार्टफ़ोन से है, जैसे कि Android पर चलने वाले डिवाइस, iPhone या Windows Phone. मोबाइल ब्राउज़र भी डेस्कटॉप ब्राउज़र की तरह होते हैं, जिनमें वे HTML5 विशेषता वाले व्यापक सेट को रेंडर कर सकते हैं. हालांकि, उनकी स्क्रीन का साइज़ छोटा होता है और तकरीबन सभी मामलों में, उनकी स्क्रीन की डिफ़ॉल्ट दिशा (ओरिएंटेशन) वर्टिकल होती है.
  • टैबलेट - हम टैबलेट को एक अलग कैटगरी मानते हैं. इसलिए, जब हम मोबाइल डिवाइस की बात करते हैं, तो हम आम तौर पर इस परिभाषा में टैबलेट को शामिल नहीं करते हैं. टैबलेट की स्क्रीन बड़ी होती हैं. इसका मतलब यह है कि जब तक आप टैबलेट के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया कॉन्टेंट नहीं देते, तब तक उपयोगकर्ता आपकी साइट को उसी तरह से देख पाएगा जैसा वह किसी डेस्कटॉप ब्राउज़र पर दिखती है, न कि स्मार्टफ़ोन ब्राउज़र पर.
  • मल्टीमीडिया फ़ोन - ये ऐसे ब्राउज़र वाले फ़ोन होते हैं जिनके साथ XHTML मानकों को पूरा करने के लिए कोड किए गए पेज रेंडर कर सकते हैं. उन पर HTML5 मार्कअप, JavaScript/ECMAScript चलता है, लेकिन हो सकता है कि HTML5 मानक में कुछ एक्सटेंशन API (एपीआई) काम न करें. यह आम तौर पर, उन ज़्यादातर 3G फ़ोन के ब्राउज़र के बारे में बताता है जो स्मार्टफ़ोन नहीं हैं.
  • फ़ीचर फ़ोन - इन फ़ोन पर, ब्राउज़र के मानक एचटीएमएल का इस्तेमाल करके कोड किए गए सामान्य डेस्कटॉप वेब पेज रेंडर करने की क्षमता नहीं होती है. इसमें ऐसे ब्राउज़र शामिल हैं जो सिर्फ़ cHTML (iMode), WML, XHTML-एमपी वगैरह रेंडर करते हैं.

हम स्मार्टफ़ोन का सुझाव देते हैं, लेकिन हम मल्टीमीडिया और फ़ीचर फ़ोन की साइट के मालिकों को जहां उन्हें ठीक लगे वहां ऐसा ही करने की सलाह देते हैं.

मोबाइल के हिसाब से साइट को बेहतर बनाने का तरीका चुनना

आपकी वेबसाइट को मोबाइल के हिसाब से तैयार करने के कई तरीके हैं. साथ ही, Google इसके लिए, अलग-अलग तरीकों से काम करता है :

मोबाइल पर काम करने वाली साइट बनाने के बाद, आप Google की मोबाइल-फ़्रेंडली जांच46 का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसकी मदद से आप देख सकते हैं कि क्या आपकी साइट के पेज, Google Search के खोज नतीजे वाले पेजों पर "मोबाइल-फ़्रेंडली" लेबल का इस्तेमाल करने की शर्तों को पूरा करते हैं या नहीं. Search Console में साइट को मोबाइल पर इस्तेमाल करने के बारे में रिपोर्ट दी गई है47. इसकी मदद से, मोबाइल पर इस्तेमाल करने के दौरान साइट पर आने वाली समस्याओं को ठीक कर सकते हैं.

अगर आपकी साइट के कई पेज में ऐसे कॉन्टेंट हैं जिनमें बदलाव नहीं किया जा सकता (जैसे कि ब्लॉग पोस्ट या प्रॉडक्ट के लैंडिंग पेज), तो कॉन्टेंट दिखाने के लिए, एएमपी48 (Accelerated Mobile Pages) का इस्तेमाल करें. यह एचटीएमएल की ऐसी खास बात है जो यह पक्का करती है कि आपकी साइट तेज़ और उपयोगकर्ता के अनुकूल रहे. साथ ही, इसे Google Search सहित कई प्लैटफ़ॉर्म से और भी तेज़ किया जा सकता है.

मोबाइल साइटों को कॉन्फ़िगर करना, ताकि उन्हें सही तरीके से इंडेक्स किया जा सके

आप अपनी मोबाइल साइट को सेट अप करने के लिए किस कॉन्फ़िगरेशन को चुनते हैं, इस पर ध्यान दिए बिना आपको इन ज़रूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  1. अगर आप डाइनैमिक सेवा का इस्तेमाल करते हैं या आपके पास एक अलग मोबाइल साइट है, तो किसी पेज को मोबाइल के लिए फ़ॉर्मैट किए जाने पर (या मोबाइल के लिए फ़ॉर्मैट किए गए पेज के जैसा कोई पेज होने पर) Google को बताएं. यह Google के खोज नतीजों में, मोबाइल से खोज करने वालों को आपका कॉन्टेंट सही ढंग से पेश करने में सहायता करता है.
  2. अगर आप रिस्पॉन्सिव वेब डिज़ाइन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो ब्राउज़र को कॉन्टेंट अडजस्ट करने के बारे में बताने के लिए meta name="viewport" टैग का इस्तेमाल करें. अगर आप डाइनैमिक सर्विंग (उपयोगकर्ता के डिवाइस के हिसाब से पेज दिखाना) का इस्तेमाल करते हैं, तो उपयोगकर्ता एजेंट के आधार पर अपने बदलावों के बारे में बताने के लिए, अलग-अलग एचटीटीपी हेडर का इस्तेमाल करें. अगर आप अलग-अलग यूआरएल का इस्तेमाल कर रहे हैं, तोrel="canonical"और rel="alternate" एलिमेंट के साथ <link> टैग से दो यूआरएल के बीच संबंध के बारे में बता सकते हैं.
  3. रिसॉर्स को ऐसा बनाएं कि उन्हें क्रॉल किया जा सके. पेज संसाधनों पर रोक लगाने से Google को आपकी वेबसाइट की एक अधूरी तस्वीर मिल सकती है. ऐसा अक्सर तब होता है, जब आपकी robots.txt फ़ाइल आपके कुछ या सभी पेज रिसॉर्स तक ऐक्सेस रोक रही हो. अगर Googlebot के पास किसी पेज के रिसॉर्स का ऐक्सेस नहीं है, जैसे कि सीएसएस, JavaScript या इमेज, तो हम यह पता नहीं लगा सकते हैं कि इसे मोबाइल ब्राउज़र पर दिखाने और अच्छी तरह काम करने के लिए बनाया गया है. दूसरे शब्दों में, हम यह पता नहीं लगा सकते हैं कि पेज "मोबाइल-फ़्रेंडली" है और इसलिए इसे मोबाइल पर खोज करने वालों को ठीक से पेश नहीं कर सकते हैं.
  4. ऐसी सामान्य गलतियों से बचें जो मोबाइल के दर्शकों को निराश करती हैं, जैसे कि नहीं चलने वाले वीडियो देना (उदाहरण के लिए, पेज के अहम कॉन्टेंट के रूप में फ़्लैश वीडियो).
  5. खराब खोजकर्ता अनुभव देने वाले मोबाइल पेज की रैंकिंग घट सकती है या मोबाइल खोज नतीजों में चेतावनी के साथ दिखाया जा सकता है. इसमें मोबाइल पर साइट के पेज खोलते समय पूरे पेज पर विज्ञापन या दूसरी जानकारी49 दिखने जैसी समस्याएं भी शामिल हैं जिनसे उपयोगकर्ता को परेशानी होती है.
  6. सभी डिवाइस पर सारे फ़ंक्शन उपलब्ध कराएं मोबाइल उपयोगकर्ता उन सभी डिवाइस पर किसी काम के लिए एक ही तरह के फ़ंक्शन की उम्मीद करते हैं जिन पर आपकी वेबसाइट खुलती है. उदाहरण के लिए, हर डिवाइस पर एक ही तरह से टिप्पणी करना, चेक आउट करना, और कॉन्टेंट उपलब्ध होने की उम्मीद करना. पक्का करें कि टेक्स्ट कॉन्टेंट के साथ-साथ सभी अहम इमेज और वीडियो एम्बेड किए गए हों. साथ ही, यह भी पक्का करें कि उन्हें मोबाइल डिवाइस पर ऐक्सेस किया जा सकता है या नहीं. सर्च इंजन के लिए, अपने पेज के सभी वर्शन पर सभी स्ट्रक्चर्ड डेटा और दूसरे मेटाडेटा, जैसे कि शीर्षक, ब्यौरे, लिंक-एलिमेंट, और दूसरे मेटा-टैग दें.
  7. पक्का करें कि आपकी डेस्कटॉप साइट पर मौजूद स्ट्रक्चर्ड डेटा, इमेज, वीडियो, और मेटाडेटा भी मोबाइल साइट पर शामिल किए गए हों.

सबसे सही तरीके

  • मोबाइल-फ़्रेंडली जांच50 की मदद से, अपनी साइट के मोबाइल वर्शन वाले पेज की जांच करें. इससे आपको यह पता चलेगा कि क्या Google के हिसाब से आपकी साइट, मोबाइल पर अच्छी तरह काम करती है या नहीं.
  • अगर आप अपने मोबाइल वर्शन वाले पेजों के लिए अलग यूआरएल का इस्तेमाल करते हैं, तो साइट के मोबाइल और डेस्कटॉप यूआरएल की जांच कर लें. इससे आप यह जान पाएंगे कि दूसरे वेबलिंक पर भेजने वाले लिंक की पहचान की जा सकती है या नहीं और इसके पेज को क्रॉल किया जा सकता है या नहीं.

ज़्यादा जानकारी के लिए, Google की मोबाइल-फ़्रेंडली गाइड देखें.51

अपनी वेबसाइट का प्रचार करना

जैसे-जैसे लोग आपके कॉन्टेंट को खोजेंगे या दूसरे तरीकों से ढूंढेंगे, आपकी साइट के ज़्यादातर लिंक धीरे-धीरे जुड़ते जाएंगे. फिर भी, Google यह समझता है कि आप दूसरों को बताना चाहते हैं कि आपने अपने कॉन्टेंट के लिए कितनी कड़ी मेहनत की है. अपने नए कॉन्टेंट का बेहतर ढंग से प्रचार करने से वे लोग इसे जल्दी खोज पाएंगे जिन्हें इस तरह के विषय पसंद हैं. इस दस्तावेज़ में शामिल ज़्यादातर बिंदुओं की तरह ही, इन सुझावों का बहुत हद तक पालन करने से असल में आपकी साइट की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है.

अपनी साइट पर आने/जाने वालों को यह बताने के लिए एक ब्लॉग पोस्ट डालें कि आपने कुछ नया जोड़ा है. नए कॉन्टेंट या सेवाओं के बारे में लोगों को बताने का यह एक अच्छा तरीका है. आपकी साइट या आरएसएस फ़ीड को फ़ॉलो करने वाले, वेबसाइट के दूसरे मालिक भी खबर को चुन सकते हैं.

आपकी कंपनी या साइट के ऑफ़लाइन प्रचार के लिए मेहनत करना भी फ़ायदेमंद हो सकता है. उदाहरण के लिए, अगर आपके पास कारोबार की एक साइट है, तो पक्का करें कि उसका यूआरएल आपके कारोबार कार्ड, लेटरहेड, पोस्टर वगैरह पर दिया गया है. आप मेल से, ग्राहकों को बार-बार आने वाले न्यूज़लेटर भेज सकते हैं. साथ ही, उन्हें कंपनी की वेबसाइट पर नए कॉन्टेंट के बारे में जानकारी दे सकते हैं.

अगर आपका कोई स्थानीय कारोबार है, तो Google My Business52 पर कारोबार की जानकारी डालने से, आपको वेब खोज और Google Maps पर ग्राहकों तक पहुंचने में मदद मिलेगी.

दुकानों के लिए ज़्यादा बेहतर नतीजे (रिच रिज़ल्ट) दिखाने वाले, Google Search के नतीजे का उदाहरण.

सबसे सही तरीके

सोशल मीडिया साइटों के बारे में जानना

उपयोगकर्ताओं के साथ इंटरैक्शन और शेयर करने की सुविधा वाली साइटों की वजह से, लोगों तक वह कॉन्टेंट पहुंचाना आसान हो गया है जो उन्हें पसंद है.

ऐसा करने से बचें:

  • अपने कॉन्टेंट के हर नए और छोटे से हिस्से का प्रचार करने से बेहतर होगा कि आप साइट के बड़े और दिलचस्प हिस्सों का प्रचार करें.
  • अपनी साइट को ऐसी स्कीम में शामिल करना53 जहां आपके कॉन्टेंट को गलत तरीके से इन सेवाओं में सबसे ऊपर दिखाया जाता है.

अपनी साइट से जुड़े समुदाय में शामिल लोगों से संपर्क करना

हो सकता है कि ऐसी कई साइटें हों जो आपके विषय से मिलती-जुलती चीज़ों पर कॉन्टेंट कवर करती हों. इन साइटों के ज़रिए बातचीत करना आम तौर पर फ़ायदेमंद होता है. आपको अपने आस-पास मौजूद लोगों और समुदाय से चर्चित विषयों पर नया कॉन्टेंट बनाने के लिए नए आइडिया मिल सकते हैं. इसके अलावा, इससे साइट पर आने वाले लोगों की संख्या बढ़ाई जा सकती है.

ऐसा करने से बचें:

  • अपने विषय से जुड़ी सभी साइटों पर, खाते को जोड़ने का ज़रूरत से ज़्यादा अनुरोध भेजना.
  • PageRank पाने के मकसद से किसी दूसरी साइट से लिंक खरीदना.

खोज के नतीजों में साइट की परफ़ॉर्मेंस और उपयोगकर्ता के व्यवहार का विश्लेषण करना

इस बात का विश्लेषण करना कि खोज के नतीजों में आपकी साइट की परफ़ॉर्मेंस कैसी है

Google के साथ-साथ बड़े सर्च इंजन, वेबसाइट के मालिकों को मुफ़्त टूल उपलब्ध कराते हैं, ताकि वे सर्च इंजन में अपनी परफ़ॉर्मेंस का पता लगा सकें. Google के लिए वह टूल Search Console54 है.

Search Console जानकारी की दो अहम कैटगरी देता है: क्या Google मेरे कॉन्टेंट को ढूंढ सकता है? Google खोज नतीजों में मेरी परफ़ॉर्मेंस कैसी है?

Search Console का इस्तेमाल करने से आपकी साइट को खास प्राथमिकता नहीं मिलेगी. हालांकि, यह उन समस्याओं की पहचान करने में आपकी मदद कर सकता है जिन्हें ठीक करने पर, खोज के नतीजों में आपकी साइट की परफ़ॉर्मेंस बेहतर हो सकती है.

इस सेवा से, वेबसाइट के मालिक ये काम कर सकते हैं:

  • यह देखना कि किसी साइट के किन हिस्सों पर Googlebot को क्रॉल करने में समस्याएं थीं
  • साइटमैट की जांच करना और उसे सबमिट करना
  • Robots.txt फ़ाइलों का विश्लेषण करना या जनरेट करना
  • Googlebot के ज़रिए पहले से क्रॉल किए गए यूआरएल हटाना
  • अपना पसंदीदा डोमेन बताना
  • शीर्षक और जानकारी देने वाले मेटा टैग की समस्याएं पहचानना
  • किसी साइट तक पहुंचने के लिए, इस्तेमाल की जाने वाली सबसे ज़्यादा बार की गई खोजों को समझना
  • Googlebot पेज को कैसे देखता है इसकी एक झलक पाना
  • क्वालिटी के लिए बताए गए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होने पर सूचनाएं पाना और साइट की फिर से समीक्षा करने का अनुरोध करना

Microsoft का Bing Webmaster Tools55 भी वेबसाइट के मालिकों को मुफ़्त टूल ऑफ़र करता है.

आपकी साइट को उपयोगकर्ता कैसे देखते, पढ़ते, और इस्तेमाल करते हैं, इसका विश्लेषण करना

अगर आपने Google Search Console या दूसरी सेवाओं का इस्तेमाल करके अपनी साइट की क्रॉलिंग और इंडेक्सिंग में सुधार किया है, तो आप शायद अपनी साइट पर आने वाले ट्रैफ़िक के बारे में ज़रूर जानना चाहेंगे. Google Analytics जैसे वेब ऐनलिटिक्स प्रोग्राम, इसके लिए जानकारी का एक अहम ज़रिया हैं. आप ये करने के लिए इनका इस्तेमाल कर सकते हैं:

  • उपयोगकर्ता आपकी साइट तक कैसे पहुंचते हैं और कैसा व्यवहार करते हैं इसकी जानकारी पाना
  • अपनी साइट पर सबसे लोकप्रिय कॉन्टेंट खोजना
  • अपनी साइट पर किए गए ऑप्टिमाइज़ेशन के प्रभाव को मापना. उदाहरण के लिए, क्या उन शीर्षक और जानकारी मेटा टैग को बदलने से सर्च इंजन से ट्रैफ़िक में सुधार हुआ?

ज़्यादा जानकार उपयोगकर्ता बेहतर तरीके से चीज़ों को समझ सकते हैं. आंकड़ों के पैकेज से मिलने वाली जानकारी, आपके सर्वर लॉग फ़ाइलों के डेटा के साथ मिलकर, इस बारे में और भी ज़्यादा जानकारी दे सकती है कि वेबसाइट पर आने वाले उपयोगकर्ता, आपके दस्तावेज़ों का इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं. इस जानकारी में दूसरे कीवर्ड भी शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल लोग आपकी साइट को खोजने के लिए कर सकते हैं.

जानकारी पाने के दूसरे तरीके

Google Search Central ब्लॉग56
Google Search Central के हमारे ब्लॉग से नई जानकारी पाएं. आप Google Search के अपडेट, Search Console की नई सुविधाओं, और दूसरी कई चीज़ों के बारे में जानकारी पा सकते हैं.

Google Search Central का सहायता फ़ोरम57
अपनी साइट से जुड़ी समस्याओं के बारे में सवाल पोस्ट करें और वेबसाइट के मालिक के लिए बने प्रॉडक्ट फ़ोरम से अच्छी क्वालिटी वाली साइटें बनाने के बारे में सलाह पाएं. फ़ोरम पर योगदान देने वाले कई लोग बहुत अनुभवी होते हैं. इनमें, प्रॉडक्ट एक्सपर्ट58 और समय-समय पर योगदान देने वाले Googlers शामिल हैं.

Google Search Central Twitter59
ज़रूरी खबरों और संसाधनों के बारे में जानने के लिए हमें फ़ॉलो करें. इनकी मदद से आप एक बेहतर साइट बना पाएंगे.

Google Search Central YouTube चैनल60
वेबसाइट के मालिक समुदाय के लिए बनाए गए सैकड़ों उपयोगी वीडियो देखें और Googlers से अपने सवालों के जवाब पाएं.

Search के काम करने का तरीका61
जानें. इससे आप यह समझ पाएंगे कि कुछ खोजने पर, Google Search कैसे काम करता है. आपको कुछ मज़ेदार बातें पता चलेंगी!

अपने कारोबार को इंटरनेट से जोड़ें62
अगर आपका कारोबार छोटा है, तो मुफ़्त में वेबसाइट रजिस्टर करें. GYBO, Google और Homestead के बीच की एक साझेदारी है. यह छोटे कारोबारों को एक साल के लिए अपनी वेबसाइट मुफ़्त रजिस्टर करने में मदद करती है.

इस पेपर में इस्तेमाल किए गए यूआरएल:

  1. https://g.co/WebmasterHelpForum
  2. https://www.google.com/search?q=site:wikipedia.org
  3. https://support.google.comwebmasters/answer/70897
  4. /search/docs/advanced/guidelines/webmaster-guidelines
  5. https://search.google.com/search-console
  6. http://g.co/webmasters
  7. http://g.co/WebmasterChecklist
  8. /search/docs/beginner/how-search-works
  9. /search/docs/advanced/guidelines/webmaster-guidelines
  10. https://www.youtube.com/watch?v=piSvFxV_M04
  11. /search/docs/beginner/do-i-need-seo
  12. /search/docs/advanced/sitemaps/overview
  13. /search/docs/advanced/robots/intro
  14. https://support.google.com/webmasters/topic/4598466
  15. /search/blog/2014/05/understanding-web-pages-better.html
  16. https://support.google.com/webmasters/answer/9012289
  17. https://www.youtube.com/watch?v=MOfhHPp5sWs
  18. /search/blog/2007/09/improve-snippets-with-meta-description.html
  19. /search/blog/2017/06/better-snippets-for-your-users.html
  20. /search/docs/advanced/appearance/good-titles-snippets
  21. /search/docs/guides/intro-structured-data
  22. /search/docs/guides/search-gallery
  23. https://www.google.com/webmasters/tools/data-highlighter
  24. https://www.google.com/webmasters/markup-helper/
  25. https://search.google.com/test/rich-results
  26. https://support.google.com/webmasters/answer/7552505
  27. /search/docs/guides/search-gallery
  28. /search/docs/data-types/breadcrumbs
  29. /search/docs/advanced/guidelines/rich-media-files
  30. /search/docs/advanced/crawling/custom-404-pages
  31. /search/blog/2008/10/webmaster-tools-shows-crawl-error.html
  32. http://support.google.com/webmasters/answer/93633
  33. /search/docs/advanced/crawling/consolidate-duplicate-urls
  34. https://ads.google.com/home/tools/keyword-planner/
  35. https://support.google.com/webmasters/answer/7576553
  36. /search/docs/advanced/guidelines/duplicate-content
  37. /search/docs/advanced/guidelines/hidden-text-links
  38. https://www.thinkwithgoogle.com/marketing-resources/better-ad-standards/
  39. /search/blog/2007/03/using-robots-meta-tag.html
  40. /search/docs/advanced/guidelines/prevent-comment-spam
  41. /search/docs/advanced/sitemaps/image-sitemaps
  42. /search/blog/2016/11/mobile-first-indexing.html
  43. /search/mobile-sites/mobile-seo/responsive-design
  44. /search/mobile-sites/mobile-seo/dynamic-serving
  45. /search/mobile-sites/mobile-seo/separate-urls
  46. https://search.google.com/test/mobile-friendly
  47. https://www.google.com/webmasters/tools/mobile-usability
  48. https://www.ampproject.org/
  49. /search/blog/2016/08/helping-users-easily-access-content-on.html
  50. https://search.google.com/test/mobile-friendly
  51. /search/mobile-sites/
  52. https://www.google.com/business/
  53. /search/docs/advanced/guidelines/link-schemes
  54. https://www.google.com/webmasters/tools/home
  55. https://www.bing.com/toolbox/webmaster
  56. https://support.google.com/webmasters/go/blog
  57. https://g.co/WebmasterHelpForum
  58. https://productexperts.withgoogle.com/
  59. https://twitter.com/googlesearchc
  60. https://www.youtube.com/c/GoogleSearchCentral
  61. http://www.google.com/insidesearch/howsearchworks/thestory/index.html
  62. http://www.gybo.com/